पंजाब की सियासत मंगलवार को अचानक तब गरमा गई, जब सन्नौर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस की हिरासत से फरार हो गए। पंजाब पुलिस ने उन्हें हरियाणा के करनाल से हिरासत में लिया था। पुलिस का दावा है कि पठानमाजरा ने रास्ते में ही पुलिस टीम से धक्का-मुक्की की और फायरिंग की। पुलिस का यह भी कहना है कि फरारी के दौरान पठानमाजरा के साथियों की गाड़ी से हथियार बरामद किए गए और एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। इस पूरी घटना ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी। पुलिस ने उन्हें जिस मामले में हिरासत में लिया था, उसकी शिकायत करीब 3 साल पहले हुई थी। इसके बाद 1 सितंबर 2025 को FIR दर्ज होने के बाद 2 सितंबर को ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई इसलिए सवालों के घेरे में है, क्योंकि FIR दर्ज होने से 48 घंटे पहले ही पठानमाजरा ने दिल्ली की AAP लीडरशिप पर खुलकर निशाना साधा था। आइए जानते हैं पठानमाजरा का वह केस, जिसमें उनके खिलाफ FIR हुई और उनकी गिरफ्तारी की कोशिश व फरार होने की पूरी कहानी। पहले जानिए केस और पुलिस की ओर से दर्ज FIR की बातें… अब 3 पॉइंट्स में जानिए उस सोशल मीडिया लाइव के बारे में, जिसके बाद विधायक पर FIR हुई… मामले में पक्ष-विपक्ष की ये बयानबाजी चल रही… विधायक के वकील ने कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया
FIR के बाद विधायक के वकील बिक्रमजीत सिंह भुल्लर ने कहा था कि यह केस 1 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया। जबकि, महिला के खिलाफ पहले से ही IT एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पठानमाजरा को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों की मदद और प्रशासनिक अफसरों पर सवाल उठाने के बाद अचानक यह कार्रवाई की गई। AAP बोली- कानून के हिसाब से हुई कार्रवाई
वहीं, AAP के वरिष्ठ नेता बलतेज पन्नू ने पठानमाजरा पर हुई कार्रवाई पर कहा कि कानून के हिसाब से कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा- पीड़ित महिला का आरोप है कि 2021 से उसके विधायक के साथ संबंध थे और गुरुद्वारे में शादी भी हुई थी। जब उसने शिकायत दर्ज कराई, तब विधायक ने ध्यान भटकाने के लिए पानी और बाढ़ के मुद्दे पर आवाज उठाना शुरू किया। FIR पूरी तरह शिकायत के आधार पर दर्ज हुई है और पार्टी कानूनन जांच में दखल नहीं देगी। बाजवा बोले- पहले बचाने की कोशिश, फिर बदले की भावना से कार्रवाई
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- सितंबर 2022 में AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी, लेकिन CM भगवंत मान की सरकार ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। जैसे ही पठानमाजरा ने मान की आलोचना की, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और कुछ ही घंटों में वह फरार भी हो गए। बाजवा ने तंज कसते हुए कहा कि पहले सरकार ने उन्हें बचाया, फिर बदले की भावना से गिरफ्तारी करवाई। अब उनके फरार होने से पंजाब की कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजाक बनकर रह गई है। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… पंजाब में AAP विधायक हिरासत से फिल्मी स्टाइल में फरार:थाने लाते वक्त फायरिंग की, पुलिसकर्मी को कुचला; रेप केस में हरियाणा से ला रहे थे पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। मंगलवार सुबह उन्हें हरियाणा के करनाल के डाबरी गांव से हिरासत में लिया था। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब की सियासत मंगलवार को अचानक तब गरमा गई, जब सन्नौर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस की हिरासत से फरार हो गए। पंजाब पुलिस ने उन्हें हरियाणा के करनाल से हिरासत में लिया था। पुलिस का दावा है कि पठानमाजरा ने रास्ते में ही पुलिस टीम से धक्का-मुक्की की और फायरिंग की। पुलिस का यह भी कहना है कि फरारी के दौरान पठानमाजरा के साथियों की गाड़ी से हथियार बरामद किए गए और एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। इस पूरी घटना ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी। पुलिस ने उन्हें जिस मामले में हिरासत में लिया था, उसकी शिकायत करीब 3 साल पहले हुई थी। इसके बाद 1 सितंबर 2025 को FIR दर्ज होने के बाद 2 सितंबर को ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई इसलिए सवालों के घेरे में है, क्योंकि FIR दर्ज होने से 48 घंटे पहले ही पठानमाजरा ने दिल्ली की AAP लीडरशिप पर खुलकर निशाना साधा था। आइए जानते हैं पठानमाजरा का वह केस, जिसमें उनके खिलाफ FIR हुई और उनकी गिरफ्तारी की कोशिश व फरार होने की पूरी कहानी। पहले जानिए केस और पुलिस की ओर से दर्ज FIR की बातें… अब 3 पॉइंट्स में जानिए उस सोशल मीडिया लाइव के बारे में, जिसके बाद विधायक पर FIR हुई… मामले में पक्ष-विपक्ष की ये बयानबाजी चल रही… विधायक के वकील ने कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया
FIR के बाद विधायक के वकील बिक्रमजीत सिंह भुल्लर ने कहा था कि यह केस 1 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया। जबकि, महिला के खिलाफ पहले से ही IT एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पठानमाजरा को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों की मदद और प्रशासनिक अफसरों पर सवाल उठाने के बाद अचानक यह कार्रवाई की गई। AAP बोली- कानून के हिसाब से हुई कार्रवाई
वहीं, AAP के वरिष्ठ नेता बलतेज पन्नू ने पठानमाजरा पर हुई कार्रवाई पर कहा कि कानून के हिसाब से कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा- पीड़ित महिला का आरोप है कि 2021 से उसके विधायक के साथ संबंध थे और गुरुद्वारे में शादी भी हुई थी। जब उसने शिकायत दर्ज कराई, तब विधायक ने ध्यान भटकाने के लिए पानी और बाढ़ के मुद्दे पर आवाज उठाना शुरू किया। FIR पूरी तरह शिकायत के आधार पर दर्ज हुई है और पार्टी कानूनन जांच में दखल नहीं देगी। बाजवा बोले- पहले बचाने की कोशिश, फिर बदले की भावना से कार्रवाई
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- सितंबर 2022 में AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी, लेकिन CM भगवंत मान की सरकार ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। जैसे ही पठानमाजरा ने मान की आलोचना की, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और कुछ ही घंटों में वह फरार भी हो गए। बाजवा ने तंज कसते हुए कहा कि पहले सरकार ने उन्हें बचाया, फिर बदले की भावना से गिरफ्तारी करवाई। अब उनके फरार होने से पंजाब की कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजाक बनकर रह गई है। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… पंजाब में AAP विधायक हिरासत से फिल्मी स्टाइल में फरार:थाने लाते वक्त फायरिंग की, पुलिसकर्मी को कुचला; रेप केस में हरियाणा से ला रहे थे पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। मंगलवार सुबह उन्हें हरियाणा के करनाल के डाबरी गांव से हिरासत में लिया था। पूरी खबर पढ़ें…