पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालात को लेकर कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अमृतसर लोकसभा से सांसद औजला ने पत्र में प्रदेश की गंभीर स्थिति का जिक्र करते हुए तुरंत राहत पैकेज, केंद्र की उच्च स्तरीय टीम और प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत दौरे की मांग की है। औजला ने लिखा कि पंजाब, खासकर अमृतसर बॉर्डर क्षेत्र, इस समय अभूतपूर्व तबाही का सामना कर रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों से आया तेज पानी निचले क्षेत्रों को डुबो चुका है। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं, किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हैं। सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा- मैं नियंत्रित गुस्से और गहरी निराशा के साथ कहना चाहता हूं कि मेरी पहले की गई अपीलों को नजरअंदाज किया गया। पंजाब संकट में है और अब और चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। केंद्र से उच्चस्तरीय टीम भेजने की मांग औजला ने पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे स्वयं पंजाब का दौरा करें और केंद्र से एक उच्च स्तरीय टीम भेजी जाए, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ एनडीआरएफ की टीमें भेजने से समस्या का हल नहीं होगा। इसके लिए विशेष राहत पैकेज की तत्काल जरूरत है, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके और पंजाब दोबारा खड़ा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अमृतसर केवल सीमावर्ती शहर नहीं है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और अनाज भंडार का अहम केंद्र है। बाढ़ से हुए नुकसान ने किसानों को तबाह कर दिया है, जिसका असर पूरे देश की खाद्य आपूर्ति पर पड़ सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा सांसद औजला ने इस संकट को राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि अमृतसर बॉर्डर भारत की सुरक्षा के अग्रिम मोर्चे पर है। लेकिन आज जब पंजाब बाढ़ जैसी भीषण आपदा से जूझ रहा है, तब केंद्र की चुप्पी अस्वीकार्य है। सांसद लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। औजला ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग टीमें बनाकर लगातार राहत सामग्री भेजी है। वे अपने दसवंद (आय का हिस्सा समाज सेवा के लिए समर्पित) से भी प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पानी उतरने के बाद भी वे पुनर्वास के लिए काम जारी रखेंगे।
पंजाब में बाढ़ से बिगड़े हालात को लेकर कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अमृतसर लोकसभा से सांसद औजला ने पत्र में प्रदेश की गंभीर स्थिति का जिक्र करते हुए तुरंत राहत पैकेज, केंद्र की उच्च स्तरीय टीम और प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत दौरे की मांग की है। औजला ने लिखा कि पंजाब, खासकर अमृतसर बॉर्डर क्षेत्र, इस समय अभूतपूर्व तबाही का सामना कर रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों से आया तेज पानी निचले क्षेत्रों को डुबो चुका है। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं, किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हैं। सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा- मैं नियंत्रित गुस्से और गहरी निराशा के साथ कहना चाहता हूं कि मेरी पहले की गई अपीलों को नजरअंदाज किया गया। पंजाब संकट में है और अब और चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। केंद्र से उच्चस्तरीय टीम भेजने की मांग औजला ने पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे स्वयं पंजाब का दौरा करें और केंद्र से एक उच्च स्तरीय टीम भेजी जाए, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ एनडीआरएफ की टीमें भेजने से समस्या का हल नहीं होगा। इसके लिए विशेष राहत पैकेज की तत्काल जरूरत है, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके और पंजाब दोबारा खड़ा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अमृतसर केवल सीमावर्ती शहर नहीं है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और अनाज भंडार का अहम केंद्र है। बाढ़ से हुए नुकसान ने किसानों को तबाह कर दिया है, जिसका असर पूरे देश की खाद्य आपूर्ति पर पड़ सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा सांसद औजला ने इस संकट को राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि अमृतसर बॉर्डर भारत की सुरक्षा के अग्रिम मोर्चे पर है। लेकिन आज जब पंजाब बाढ़ जैसी भीषण आपदा से जूझ रहा है, तब केंद्र की चुप्पी अस्वीकार्य है। सांसद लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। औजला ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग टीमें बनाकर लगातार राहत सामग्री भेजी है। वे अपने दसवंद (आय का हिस्सा समाज सेवा के लिए समर्पित) से भी प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पानी उतरने के बाद भी वे पुनर्वास के लिए काम जारी रखेंगे।