जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद सारण के जवान छोटू शर्मा का मंगलवार को अंतिम संस्कार हुआ। शहीद के पैतृक गांव बेला शर्मा टोला के दिघवारा घाट में भतीजे ने मुखाग्नि दी। नम आंखों से सभी ने जवान को अंतिम विदाई दी। इससे पहले हजारों की भीड़, हाथों में तिरंगा लिए ‘वंदे मातरम्’, ‘छोटू शर्मा अमर रहे’ के नारों के बीच फूलों से सजी गाड़ी से पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। सेना की गाड़ी को देखते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया। बेटे को देखने के लिए मां दौड़ पड़ी, वहीं बहन का रो-रोकर बेसुध होती दिखी। वहीं, शहीद की पत्नी पार्थिव शरीर से लिपटकर रोती नजर आईं। वो कोफिन पर सिर रखकर रोए जा रही थीं। रोते-रोते शहीद से पूछा- मुझसे क्या गलती हो गई, इतनी जल्दी मुझे छोड़कर क्यों चले गए। ये मंजर जिसने भी देखा उसकी आंख नम हो गई। 4 महीने पहले मई में जवान की शादी हुई थी। शादी के 5 दिन बाद ही वो ऑपरेशन सिंदूर के लिए ड्यूटी पर चले गए थे। 7 सितंबर को छुट्टी पर घर आना था, लेकिन पार्थिव शरीर आया। 30 अगस्त की रात जवान छोटू शर्मा बांदीपुरा सेक्टर में शहीद हुए थे। अंतिम यात्रा से जुड़ी कुछ तस्वीरें… आतंकियों से मुठभेड़ में सिर में लगी थी गोली राष्ट्रीय राइफल्स की 24वीं बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात छोटू शर्मा बांदीपुरा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। उनके सिर में गोली लगी थी। हालांकि, सेना की ओर से गोली लगने की सटीक जानकारी नहीं दी गई है। छोटू शर्मा की शादी इसी साल 5 मई को सुष्मिता से हुई थी। शादी के पांच दिन बाद ही उन्हें ऑपरेशन सिंदूर में शामिल होने के लिए बुला लिया गया था। 11 मई को वे जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए थे। परिजन 7 सितंबर को उनके छुट्टी पर घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। इसी महीने छोटू शर्मा घर लौटने वाले थे। परिवार के लोगों ने बताया कि शनिवार को दिन छोटू शर्मा ने पत्नी सुष्मिता से बात की थी। इस दौरान उन्होंने घर का हाल-चाल लिया था। मां से भी बातचीत की थी, कहा था- ‘जल्दी घर आ रहा हूं।’ जवान की शहादत और अंतिम यात्रा से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…..
जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद सारण के जवान छोटू शर्मा का मंगलवार को अंतिम संस्कार हुआ। शहीद के पैतृक गांव बेला शर्मा टोला के दिघवारा घाट में भतीजे ने मुखाग्नि दी। नम आंखों से सभी ने जवान को अंतिम विदाई दी। इससे पहले हजारों की भीड़, हाथों में तिरंगा लिए ‘वंदे मातरम्’, ‘छोटू शर्मा अमर रहे’ के नारों के बीच फूलों से सजी गाड़ी से पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। सेना की गाड़ी को देखते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया। बेटे को देखने के लिए मां दौड़ पड़ी, वहीं बहन का रो-रोकर बेसुध होती दिखी। वहीं, शहीद की पत्नी पार्थिव शरीर से लिपटकर रोती नजर आईं। वो कोफिन पर सिर रखकर रोए जा रही थीं। रोते-रोते शहीद से पूछा- मुझसे क्या गलती हो गई, इतनी जल्दी मुझे छोड़कर क्यों चले गए। ये मंजर जिसने भी देखा उसकी आंख नम हो गई। 4 महीने पहले मई में जवान की शादी हुई थी। शादी के 5 दिन बाद ही वो ऑपरेशन सिंदूर के लिए ड्यूटी पर चले गए थे। 7 सितंबर को छुट्टी पर घर आना था, लेकिन पार्थिव शरीर आया। 30 अगस्त की रात जवान छोटू शर्मा बांदीपुरा सेक्टर में शहीद हुए थे। अंतिम यात्रा से जुड़ी कुछ तस्वीरें… आतंकियों से मुठभेड़ में सिर में लगी थी गोली राष्ट्रीय राइफल्स की 24वीं बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात छोटू शर्मा बांदीपुरा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। उनके सिर में गोली लगी थी। हालांकि, सेना की ओर से गोली लगने की सटीक जानकारी नहीं दी गई है। छोटू शर्मा की शादी इसी साल 5 मई को सुष्मिता से हुई थी। शादी के पांच दिन बाद ही उन्हें ऑपरेशन सिंदूर में शामिल होने के लिए बुला लिया गया था। 11 मई को वे जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए थे। परिजन 7 सितंबर को उनके छुट्टी पर घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। इसी महीने छोटू शर्मा घर लौटने वाले थे। परिवार के लोगों ने बताया कि शनिवार को दिन छोटू शर्मा ने पत्नी सुष्मिता से बात की थी। इस दौरान उन्होंने घर का हाल-चाल लिया था। मां से भी बातचीत की थी, कहा था- ‘जल्दी घर आ रहा हूं।’ जवान की शहादत और अंतिम यात्रा से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…..