पंजाब के 9 जिले इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं। लोग घर की छतों पर टेंट लगाकर रातें काट रहे हैं। इस बीच कई लोगों और संस्थाओं ने लोगों को पानी के बीच से निकालने के लिए मोर्चा संभाल रखा है। पंजाब में पानी, भोजन, पशुओं के चारे, पेट्रोल, तिरपाल और बोट बांटने का लंगर चल रहा है। इस बीच एक मोर्चा शहीद भगत सिंह यूथ फेडरेशन ने लगा रखा है जो रातभर जागकर धुस्सी बांधों को मजबूत कर रहे हैं। रेत और मिट्टी की बोरियां भर रहे हैं। पेशे से हलवाई बंटी सिंह डल्ला अपनी दुकान बंद कर समाजसेवा में उतरकर लोगों को बचा रहे हैं। नवाब दीप सिंह सेवा दल संस्था के मनजोत सिंह लोगों को समझाकर घरों से सुरक्षित स्थानों पर लेकर जा रहे हैं। अजनाला के समाजसेवी डॉ. सुभाष अंधेरे में डूबे घरों में मोमबत्तियां बांटकर रोशनी कर रहे हैं। ऐसी ही बहुत सी कहानियां पंजाब के गांव-गांव में हैं। जानें बाढ़ में फंसे लोगों की पंजाबी किस-किस तरीके से कर रहे हैं मदद… पेशे से हलवाई बंटी सिंह दुकान छोड़ लोगों को बचाने उतरे
लुधियाना के डल्ला के बंटी सिंह डल्ला बताते हैं कि वह पेशे से हलवाई हैं। जब से बाढ़ आई है तब दुकान छोड़कर समाज सेवा में जुटे हुए हैं। इसके लिए बाकायदा अपने दोस्तों और जानकारों की मदद से बोट खरीदी है।
बंटी सिंह बताते हैं कि वह गांव-गांव जा रहे हैं। पानी में फंसे लोगों को देख रहे हैं। पंजाब की हालत इस समय बहुत खराब है। लोगों के घरों में पानी भरा है। खड़े होने के लिए सूखी जगह नहीं बची है। लोग घरों की छत पर बैठे हैं। जब वह दिन में उन्हें निकालने के लिए जाते हैं तो वह तैयार नहीं होते हैं। लेकिन रात को जब घरों में पानी चढ़ने लगता है तो वह उन्हें बुलाते हैं। इसके बाद बच्चों को भेज देते हैं, लेकिन खुद घर नहीं छोड़ते। पंजाब में आठ से दस दिन से घर पानी में हैं। कई घरों में दरारें आने लगी हैं। इनके गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले एक परिवार के पांच लोग फंस गए थे। उस समय वह फिरोजपुर थे। उनको सुबह चार बजे पहुंचकर निकाला। शहीद भगत सिंह यूथ फेडरेशन बांधों को कर रही मजबूत
शहीद भगत सिंह यूथ फेडरेशन पंजाब के महासचिव धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि उनका एरिया दसूहा-मुकेरियां के पास पड़ता है। इस इलाके में पौंग डैम के पानी से तबाही होती है। 2023 की बाढ़ में भी यहां काफी नुकसान हुआ था। इस बार भी बाढ़ नुकसान न कर पाए, इसके लिए पहले ही धुस्सी बांधों को मजबूत कर रहे हैं। दसूहा-हाजीपुर पौंग डैम से बिल्कुल नीचे है। अगर यहां धुस्सी बांध कमजोर हो जाएं तो उनके इलाके में पानी से तबाही हो जाएगी। ऐसे में 15 दिन से सारा गांव अलर्ट मोड पर है। हमारा पूरा फोकस बांधों की मजबूती पर है। 15 दिन से इलाके के लोग सोए नहीं हैं। स्टैंड बाय टीमें तैनात रहती हैं। जिस दिन डैम से 1 लाख 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, उस दिन चंगड़वां एरिया में बांध में लीकेज हुई। अब दो दिन से हमारी टीमें इस लीकेज को रोकने में जुटी हैं। बाब दीप सिंह सेवा दल ने दो बेटियों को बचाया
बाब दीप सिंह सेवा दल संस्था के मनजोत सिंह अजनाला एरिया में लोगों को बचाने में जुटी है। यहां हर गांव में 8 से 10 फुट पानी भरा है। मनजोत सिंह बताते हैं कि जब वह एक घर में रेस्क्यू के लिए पहुंचे तो वहां दो महीने की बच्ची के साथ परिवार पानी में फंसा था। ये परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं था। परिवार का कहना था कि वह नहीं जाएंगे। जब उन्हें समझाया कि इस बच्चे का क्या कसूर है, तो भावुक होकर परिवार घर छोड़ने के लिए माना। इसी तरह दीनानगर एरिया में एक लड़की स्कूल के बाद अपनी सहेली के घर चली गई। उसी रात पानी भर गया और वो वहीं फंस गई। उसके माता-पिता बहुत चिंतित थे। चारों तरफ पानी था। जब संस्था को पता चला तो उनके वॉलंटियर दीनानगर पहुंचे। इसके बाद बोट के जरिए लड़की को सुरक्षित निकाला। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं और पशुओं को भी उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। डॉ. सुभाष मोमबत्तियां देकर बांट रहे रोशनी
अमृतसर के गांव थोबा के डॉक्टर सुभाष लोगों को मोमबत्तियां बांट रहे हैं। डॉ. सुभाष ने बताया कि रावी का पानी जैसे ही अजनाला क्षेत्र में भरने लगा तो लाइट बंद हो गई। लोग टापुओं में कैद थे। दुकान या बाजार तक जाने का समय नहीं था। वे अपने साथियों सहित इन गांवों में पहुंचे और मोमबत्तियां दीं। ये काम उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि चारों तरफ पानी था। उनकी कोशिश यही थी कि हर घर में रोशनी बनी रहे और लोग अंधेरे के डर से उबर सकें। सिंगर जस्स बाजवा ने जीता दिल
पंजाब में बाढ़ से तबाही के बीच पंजाबी गायक जस्स बाजवा ने इंसानियत की मिसाल पेश की। बाढ़ में अपना घर और मवेशी खो चुके एक बुजुर्ग से मुलाकात की। इस दौरान जब बुजुर्ग रो पड़े तो जस्स बाजवा ने तुरंत मदद का भरोसा दिया कि भैंस खरीदने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि वह हर संभव सहयोग करेंगे। यह भावुक पल देखकर वहां मौजूद पंजाब पुलिस का एक कॉन्स्टेबल भी आंसू रोक न सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग जस्स बाजवा की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए ऐसे कदम उम्मीद और सहारा बन रहे हैं। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बाढ़ में पंजाबियों की मदद को खुद पंजाबी उतरे:एक कॉल पर सवा करोड़ जुटाए, सलमान खान से सहयोग मांगा, कपिल शर्मा बोले- मदद भेज रहा तेज बारिश व बांधों से छोड़े जा रहे पानी की वजह से पंजाब के 1312 गांव बुरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। आलीशान कोठियों से लेकर लगभग 94,061 हेक्टेयर में फसलें 5 से 15 फीट पानी में डूबी हैं। बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री, बॉलीवुड से लेकर समाज सेवक आगे आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब के 9 जिले इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं। लोग घर की छतों पर टेंट लगाकर रातें काट रहे हैं। इस बीच कई लोगों और संस्थाओं ने लोगों को पानी के बीच से निकालने के लिए मोर्चा संभाल रखा है। पंजाब में पानी, भोजन, पशुओं के चारे, पेट्रोल, तिरपाल और बोट बांटने का लंगर चल रहा है। इस बीच एक मोर्चा शहीद भगत सिंह यूथ फेडरेशन ने लगा रखा है जो रातभर जागकर धुस्सी बांधों को मजबूत कर रहे हैं। रेत और मिट्टी की बोरियां भर रहे हैं। पेशे से हलवाई बंटी सिंह डल्ला अपनी दुकान बंद कर समाजसेवा में उतरकर लोगों को बचा रहे हैं। नवाब दीप सिंह सेवा दल संस्था के मनजोत सिंह लोगों को समझाकर घरों से सुरक्षित स्थानों पर लेकर जा रहे हैं। अजनाला के समाजसेवी डॉ. सुभाष अंधेरे में डूबे घरों में मोमबत्तियां बांटकर रोशनी कर रहे हैं। ऐसी ही बहुत सी कहानियां पंजाब के गांव-गांव में हैं। जानें बाढ़ में फंसे लोगों की पंजाबी किस-किस तरीके से कर रहे हैं मदद… पेशे से हलवाई बंटी सिंह दुकान छोड़ लोगों को बचाने उतरे
लुधियाना के डल्ला के बंटी सिंह डल्ला बताते हैं कि वह पेशे से हलवाई हैं। जब से बाढ़ आई है तब दुकान छोड़कर समाज सेवा में जुटे हुए हैं। इसके लिए बाकायदा अपने दोस्तों और जानकारों की मदद से बोट खरीदी है।
बंटी सिंह बताते हैं कि वह गांव-गांव जा रहे हैं। पानी में फंसे लोगों को देख रहे हैं। पंजाब की हालत इस समय बहुत खराब है। लोगों के घरों में पानी भरा है। खड़े होने के लिए सूखी जगह नहीं बची है। लोग घरों की छत पर बैठे हैं। जब वह दिन में उन्हें निकालने के लिए जाते हैं तो वह तैयार नहीं होते हैं। लेकिन रात को जब घरों में पानी चढ़ने लगता है तो वह उन्हें बुलाते हैं। इसके बाद बच्चों को भेज देते हैं, लेकिन खुद घर नहीं छोड़ते। पंजाब में आठ से दस दिन से घर पानी में हैं। कई घरों में दरारें आने लगी हैं। इनके गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले एक परिवार के पांच लोग फंस गए थे। उस समय वह फिरोजपुर थे। उनको सुबह चार बजे पहुंचकर निकाला। शहीद भगत सिंह यूथ फेडरेशन बांधों को कर रही मजबूत
शहीद भगत सिंह यूथ फेडरेशन पंजाब के महासचिव धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि उनका एरिया दसूहा-मुकेरियां के पास पड़ता है। इस इलाके में पौंग डैम के पानी से तबाही होती है। 2023 की बाढ़ में भी यहां काफी नुकसान हुआ था। इस बार भी बाढ़ नुकसान न कर पाए, इसके लिए पहले ही धुस्सी बांधों को मजबूत कर रहे हैं। दसूहा-हाजीपुर पौंग डैम से बिल्कुल नीचे है। अगर यहां धुस्सी बांध कमजोर हो जाएं तो उनके इलाके में पानी से तबाही हो जाएगी। ऐसे में 15 दिन से सारा गांव अलर्ट मोड पर है। हमारा पूरा फोकस बांधों की मजबूती पर है। 15 दिन से इलाके के लोग सोए नहीं हैं। स्टैंड बाय टीमें तैनात रहती हैं। जिस दिन डैम से 1 लाख 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, उस दिन चंगड़वां एरिया में बांध में लीकेज हुई। अब दो दिन से हमारी टीमें इस लीकेज को रोकने में जुटी हैं। बाब दीप सिंह सेवा दल ने दो बेटियों को बचाया
बाब दीप सिंह सेवा दल संस्था के मनजोत सिंह अजनाला एरिया में लोगों को बचाने में जुटी है। यहां हर गांव में 8 से 10 फुट पानी भरा है। मनजोत सिंह बताते हैं कि जब वह एक घर में रेस्क्यू के लिए पहुंचे तो वहां दो महीने की बच्ची के साथ परिवार पानी में फंसा था। ये परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं था। परिवार का कहना था कि वह नहीं जाएंगे। जब उन्हें समझाया कि इस बच्चे का क्या कसूर है, तो भावुक होकर परिवार घर छोड़ने के लिए माना। इसी तरह दीनानगर एरिया में एक लड़की स्कूल के बाद अपनी सहेली के घर चली गई। उसी रात पानी भर गया और वो वहीं फंस गई। उसके माता-पिता बहुत चिंतित थे। चारों तरफ पानी था। जब संस्था को पता चला तो उनके वॉलंटियर दीनानगर पहुंचे। इसके बाद बोट के जरिए लड़की को सुरक्षित निकाला। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं और पशुओं को भी उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। डॉ. सुभाष मोमबत्तियां देकर बांट रहे रोशनी
अमृतसर के गांव थोबा के डॉक्टर सुभाष लोगों को मोमबत्तियां बांट रहे हैं। डॉ. सुभाष ने बताया कि रावी का पानी जैसे ही अजनाला क्षेत्र में भरने लगा तो लाइट बंद हो गई। लोग टापुओं में कैद थे। दुकान या बाजार तक जाने का समय नहीं था। वे अपने साथियों सहित इन गांवों में पहुंचे और मोमबत्तियां दीं। ये काम उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि चारों तरफ पानी था। उनकी कोशिश यही थी कि हर घर में रोशनी बनी रहे और लोग अंधेरे के डर से उबर सकें। सिंगर जस्स बाजवा ने जीता दिल
पंजाब में बाढ़ से तबाही के बीच पंजाबी गायक जस्स बाजवा ने इंसानियत की मिसाल पेश की। बाढ़ में अपना घर और मवेशी खो चुके एक बुजुर्ग से मुलाकात की। इस दौरान जब बुजुर्ग रो पड़े तो जस्स बाजवा ने तुरंत मदद का भरोसा दिया कि भैंस खरीदने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि वह हर संभव सहयोग करेंगे। यह भावुक पल देखकर वहां मौजूद पंजाब पुलिस का एक कॉन्स्टेबल भी आंसू रोक न सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग जस्स बाजवा की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए ऐसे कदम उम्मीद और सहारा बन रहे हैं। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बाढ़ में पंजाबियों की मदद को खुद पंजाबी उतरे:एक कॉल पर सवा करोड़ जुटाए, सलमान खान से सहयोग मांगा, कपिल शर्मा बोले- मदद भेज रहा तेज बारिश व बांधों से छोड़े जा रहे पानी की वजह से पंजाब के 1312 गांव बुरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। आलीशान कोठियों से लेकर लगभग 94,061 हेक्टेयर में फसलें 5 से 15 फीट पानी में डूबी हैं। बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री, बॉलीवुड से लेकर समाज सेवक आगे आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…