गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में लुधियाना से 22 वर्षीय शिवा उर्फ हर्ष को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। पूछताछ में पता चला कि पैसों की तंगी के कारण वह अपने साथियों के साथ पहले कंबोडिया गया। वहां CBI, TRAI और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगी करता था। कंबोडिया में पुलिस की कार्रवाई के बाद मार्च 2025 में वह लाओस भाग गया। वहां चीनी मूल के लोगों के कॉल सेंटर से निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने लगा। 14 अगस्त को भारत लौटने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पासपोर्ट और मोबाइल बरामद
आरोपी से एक पासपोर्ट और मोबाइल बरामद हुआ है। उसके भाई मानव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। शिवा ने अपने भाई का बैंक खाता 10 हजार रुपए में किसी और को बेच दिया था। अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच जारी है। मुंबई के कोलाबा थाने का सैट बनाया
ताजा मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने साइबर अपराध थाना पश्चिम में शिकायत दर्ज कराई। उसे एक कॉल आया था, जिसमें कॉलर ने खुद को संचार विभाग का कर्मचारी बताया। कॉलर ने कहा कि शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है। मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ केस दर्ज होने का झूठा दावा किया गया। फर्जी अधिकारी ने डराया
इसके बाद एक फर्जी पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। गिरफ्तारी वारंट का हवाला देकर डिजिटल अरेस्ट भी किया और उससे रुपए ठग लिए।सहायक पुलिस आयुक्त प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में टीम ने 27 अगस्त 2025 को आरोपी को पकड़ा।
गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में लुधियाना से 22 वर्षीय शिवा उर्फ हर्ष को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। पूछताछ में पता चला कि पैसों की तंगी के कारण वह अपने साथियों के साथ पहले कंबोडिया गया। वहां CBI, TRAI और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगी करता था। कंबोडिया में पुलिस की कार्रवाई के बाद मार्च 2025 में वह लाओस भाग गया। वहां चीनी मूल के लोगों के कॉल सेंटर से निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने लगा। 14 अगस्त को भारत लौटने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पासपोर्ट और मोबाइल बरामद
आरोपी से एक पासपोर्ट और मोबाइल बरामद हुआ है। उसके भाई मानव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। शिवा ने अपने भाई का बैंक खाता 10 हजार रुपए में किसी और को बेच दिया था। अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच जारी है। मुंबई के कोलाबा थाने का सैट बनाया
ताजा मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने साइबर अपराध थाना पश्चिम में शिकायत दर्ज कराई। उसे एक कॉल आया था, जिसमें कॉलर ने खुद को संचार विभाग का कर्मचारी बताया। कॉलर ने कहा कि शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है। मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ केस दर्ज होने का झूठा दावा किया गया। फर्जी अधिकारी ने डराया
इसके बाद एक फर्जी पुलिस अधिकारी ने शिकायतकर्ता को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। गिरफ्तारी वारंट का हवाला देकर डिजिटल अरेस्ट भी किया और उससे रुपए ठग लिए।सहायक पुलिस आयुक्त प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में टीम ने 27 अगस्त 2025 को आरोपी को पकड़ा।