हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज को जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में एक फरियादी ने मुख्यमंत्री कह दिया। इस पर मंत्री समेत वहां मौजूद अफसर हंस पड़े। इसके बाद विज ने तुरंत मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि मैं CM नहीं हूं भाई। दरअसल, 10 जनवरी को मंत्री अनिल विज कैथल में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे थे। यहां गांव रोहेड़ा के भीम सिंह अपनी चोरी की शिकायत के समाधान के लिए मंत्री विज का धन्यवाद करने आए थे। क्योंकि पिछली बैठक में विज के निर्देश पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी से खुश होकर भीम सिंह ने मीटिंग में विज को हरियाणा के मुख्यमंत्री कह दिया। इस पर विज ने तुरंत टोका और कहा मैं मुख्यमंत्री नहीं हूं भाई, कहीं मंत्री पद से भी हटा न दे। विज के जवाब को सुनकर वहां मौजूद सभी अधिकारियों और लोगों ने ठहाके लगाए। आखिर में फरियादी ने कहा कि हरियाणा के सभी मंत्री विज जैसे होने चाहिए। फरियादी ने विज को गुलदस्ता दिया। साथ ही कैथल सीआईए-2 और डीएसपी की भी तारीफ की। ये था मामला…
मामला अगस्त 2024 का था। भीम सिंह परिवार के साथ करनाल गए थे। पीछे से चोर उनके घर से कैश और जेवरात चोरी कर ले गए थे। आरोपी सीसीटीवी में कैद हो गए थे। इसके बाद पिछली जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में भीम सिंह विज के पास शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर विज ने डीएसपी मुख्यालय की अध्यक्षता में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की थी। टीम ने 2 को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। विधानसभा चुनाव में विज ने CM पद पर दावेदारी ठोकी थी
हरियाणा में करीब 3 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में अनिल विज ने मुख्यमंत्री पद पर दावा ठोका था। उन्होंने अंबाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि “मैं सबसे सीनियर नेता हूं। अपनी सीनियरिटी के दम पर मुख्यमंत्री बनने का दावा पेश करूंगा। पार्टी बनाती है या नहीं, यह उनका फैसला है।” विज ने आगे कहा था कि मैंने आज तक कोई पद नहीं मांगा, लेकिन अब दावा पेश कर रहा हूं। अगर पार्टी ने मुझे CM बना दिया तो मैं हरियाणा की तकदीर बदल दूंगा, तस्वीर बदल दूंगा। सैनी की ताजपोशी से हुए थे नाराज
2024 में लोकसभा चुनाव से पहले मार्च महीने में BJP ने मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया था। तब भी सैनी की ताजपोशी से अनिल विज नाराज हो गए थे। वह सैनी के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए थे। दरअसल, तब चर्चा थी कि विज को कुर्सी मिल सकती है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। उनकी नाराजगी कई मीटिंग्स में खुलकर नजर आई थी। 2014 में CM पद के दावेदार थे विज
अनिल विज हरियाणा भाजपा के वरिष्ठ नेता है। वह अंबाला कैंट से इस बार 7वीं बार विधायक बने हैं। साल 2014 की मोदी लहर में जब BJP ने पहली बार अपने बूते हरियाणा की 90 में से 47 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था, तब अनिल विज, रामबिलास शर्मा और ओमप्रकाश धनखड़ सीएम बनने की दौड़ में थे। उस दौरान यह चर्चा भी रही कि भाजपा किसी जाट की बजाय पंजाबी चेहरे को मुख्यमंत्री बनाएगी। इससे विज की दावेदारी और प्रबल हो गई, लेकिन उसके बाद भाजपा ने अचानक पंजाबी बिरादरी से ही आने वाले पहली बार के MLA मनोहर लाल खट्टर का नाम आगे कर दिया। खट्टर साढ़े 9 साल हरियाणा के सीएम रहे। अनिल विज उनके मंत्रिमंडल में पावरफुल मिनिस्टर थे। ————————- विज से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. अनिल विज के परिवहन विभाग से सारे पुलिसवालों की छुट्टी हरियाणा में परिवहन विभाग अब पुलिस से मुक्त हो गया है। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) में तैनात सभी पुलिस कर्मचारियों को अपने मूल कैडर में भेजने के आदेश जारी हो गए हैं। मंगलवार शाम ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सीजी रजनी कंथन की ओर से आदेश जारी किए गए। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज को जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में एक फरियादी ने मुख्यमंत्री कह दिया। इस पर मंत्री समेत वहां मौजूद अफसर हंस पड़े। इसके बाद विज ने तुरंत मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि मैं CM नहीं हूं भाई। दरअसल, 10 जनवरी को मंत्री अनिल विज कैथल में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे थे। यहां गांव रोहेड़ा के भीम सिंह अपनी चोरी की शिकायत के समाधान के लिए मंत्री विज का धन्यवाद करने आए थे। क्योंकि पिछली बैठक में विज के निर्देश पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी से खुश होकर भीम सिंह ने मीटिंग में विज को हरियाणा के मुख्यमंत्री कह दिया। इस पर विज ने तुरंत टोका और कहा मैं मुख्यमंत्री नहीं हूं भाई, कहीं मंत्री पद से भी हटा न दे। विज के जवाब को सुनकर वहां मौजूद सभी अधिकारियों और लोगों ने ठहाके लगाए। आखिर में फरियादी ने कहा कि हरियाणा के सभी मंत्री विज जैसे होने चाहिए। फरियादी ने विज को गुलदस्ता दिया। साथ ही कैथल सीआईए-2 और डीएसपी की भी तारीफ की। ये था मामला…
मामला अगस्त 2024 का था। भीम सिंह परिवार के साथ करनाल गए थे। पीछे से चोर उनके घर से कैश और जेवरात चोरी कर ले गए थे। आरोपी सीसीटीवी में कैद हो गए थे। इसके बाद पिछली जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में भीम सिंह विज के पास शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर विज ने डीएसपी मुख्यालय की अध्यक्षता में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की थी। टीम ने 2 को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। विधानसभा चुनाव में विज ने CM पद पर दावेदारी ठोकी थी
हरियाणा में करीब 3 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में अनिल विज ने मुख्यमंत्री पद पर दावा ठोका था। उन्होंने अंबाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि “मैं सबसे सीनियर नेता हूं। अपनी सीनियरिटी के दम पर मुख्यमंत्री बनने का दावा पेश करूंगा। पार्टी बनाती है या नहीं, यह उनका फैसला है।” विज ने आगे कहा था कि मैंने आज तक कोई पद नहीं मांगा, लेकिन अब दावा पेश कर रहा हूं। अगर पार्टी ने मुझे CM बना दिया तो मैं हरियाणा की तकदीर बदल दूंगा, तस्वीर बदल दूंगा। सैनी की ताजपोशी से हुए थे नाराज
2024 में लोकसभा चुनाव से पहले मार्च महीने में BJP ने मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया था। तब भी सैनी की ताजपोशी से अनिल विज नाराज हो गए थे। वह सैनी के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए थे। दरअसल, तब चर्चा थी कि विज को कुर्सी मिल सकती है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। उनकी नाराजगी कई मीटिंग्स में खुलकर नजर आई थी। 2014 में CM पद के दावेदार थे विज
अनिल विज हरियाणा भाजपा के वरिष्ठ नेता है। वह अंबाला कैंट से इस बार 7वीं बार विधायक बने हैं। साल 2014 की मोदी लहर में जब BJP ने पहली बार अपने बूते हरियाणा की 90 में से 47 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था, तब अनिल विज, रामबिलास शर्मा और ओमप्रकाश धनखड़ सीएम बनने की दौड़ में थे। उस दौरान यह चर्चा भी रही कि भाजपा किसी जाट की बजाय पंजाबी चेहरे को मुख्यमंत्री बनाएगी। इससे विज की दावेदारी और प्रबल हो गई, लेकिन उसके बाद भाजपा ने अचानक पंजाबी बिरादरी से ही आने वाले पहली बार के MLA मनोहर लाल खट्टर का नाम आगे कर दिया। खट्टर साढ़े 9 साल हरियाणा के सीएम रहे। अनिल विज उनके मंत्रिमंडल में पावरफुल मिनिस्टर थे। ————————- विज से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. अनिल विज के परिवहन विभाग से सारे पुलिसवालों की छुट्टी हरियाणा में परिवहन विभाग अब पुलिस से मुक्त हो गया है। रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) में तैनात सभी पुलिस कर्मचारियों को अपने मूल कैडर में भेजने के आदेश जारी हो गए हैं। मंगलवार शाम ट्रांसपोर्ट कमिश्नर सीजी रजनी कंथन की ओर से आदेश जारी किए गए। पूरी खबर पढ़ें…