
जम्मू। सेना की उत्तरी कमान मुख्यालय, उधमपुर में दो चरणों में सिविल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डा जितेन्द्र सिंह के उधमपुर-डोडा संसदीय क्षेत्र में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी पहल होगी।
उधमपुर में दो चरणों में एयरपोर्ट बनाने का फैसला केंद्रीय मंत्री डा जितेन्द्र सिंह की नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर के सिन्हा व एयरपोर्ट अर्थारिटी आफ इंडिया के सदस्यों से हुई बैठकों के में हुआ है।
इसकी जानकारी रविवार को डा जितेन्द्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी। परियोजना के तहत उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन के मौजूदा परिसर में सिविल उड़ान संचालन किया जाना है। डा जितेंद्र सिंह के संसदीय क्षेत्र में इससे पहले किश्तवाड़ में सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में हवाई संपर्क को बढ़ाने के लिए उड़ान योजना के एयरपोर्ट बनाने का फैसला हुआ था।
यह कदम केंद्रीय मंत्री डा जितेन्द्र सिंह के इस दिशा में निरंतर प्रयासों के बाद उठाया गया है। वह पिछले काफी समय से यह मुद्दा उठाते आ रहे थे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से यह मुद्दा उठाने से पहले डा जितेन्द्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा करने के साथ उन्हें आधिकारिक तौर पर पत्र लिखा था। इसके साथ उन्होंने भारतीय वायु सेना के अधिकारियों व जिला प्रशासन से भी बात की थी।
उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन से नागरिक उड़ान संचालन करने के प्रयासों शुरू करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद एक नया एविएशन एन्क्लेव बनाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस परियोजना के पहले चरण में एयरफोर्स स्टेशन के मौजूदा परिसर में सिविल उड़ान संचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए भारतीय वायु सेना ने एक टर्मिनल भवन बनाने के लिए 2,200 वर्ग मीटर भूमि आवंटित करने की सहमति दी है।
फिलहाल इसके छोटे विमानों के संचालन से इसमें 150 यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। इस एयरपोर्ट से एटीआर-72 या क्यू 400 तरह के विमान उड़ सकेंगे। वहीं दूसरे चरण में एयरफोर्स स्टेशन के बाहर एक स्थायी सिविल एन्क्लेव बनाया जाएगा।
इसके लिए लगभग 27.6 एकड़ भूमि की पहचान की गई है। प्रस्तावित एन्क्लेव में एयरबस ए 321 जैसे बड़े विमानों के लिए एक नया टर्मिनल, टैक्सीवे व नागरिक उड्डयन संबंधी बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।
उधमपुर सिविल एन्क्लेव परियोजना जम्मू-कश्मीर के इस हिस्से में निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करने की उम्मीद है, जबकि जम्मू हवाई अड्डे पर दबाव को भी कम करेगी। यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विकास होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करेगी।