कश्मीर में रहने वाले 59 पाकिस्तानी नागरिकों को पाकिस्तान डिपोर्ट किया जा रहा है। इनमें CRPF जवान की पाकिस्तान की रहने वाली पत्नी शामिल है, लेकिन शौर्य चक्र विजेता (मरणोंपरांत) जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीद जवान की मां शामिल नहीं हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक शहीद कांस्टेबल मुदासिर अहमद शेख की मां शमीमा अख्तर डिपोर्ट किए जाने वालों में से एक थीं। हालांकि, बाद में उन्हें यहीं रहने दिया गया। शमीमा के बहनोई मोहम्मद यूनुस ने बताया- मुदासिर की मां घर लौट आई हैं। उन्हें डिपोर्टेशन के लिए नहीं ले जाया गया था। हम भारत सरकार के आभारी हैं। इससे पहले PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि शमीमा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की रहने वाली हैं। वे 45 साल से उरी में रह रही थीं। मुदासिर के चाचा मोहम्मद यूनुस ने बताया था- भाभी शमीमा जब 20 साल की थीं, तब उनकी शादी मेरे भाई मोहम्मद मकसूद से हुई थी। वे भी जम्मू-कश्मीर में थे। सरकार को केवल पाकिस्तानियों को ही डिपोर्ट करना चाहिए। PoK तो हमारा क्षेत्र है। यूनुस ने कहा था कि मुदासिर की मौत के बाद गृह मंत्री अमित शाह भी पूरे परिवार से मिल चुके हैं। LG मनोज सिन्हा भी दो बार मुलाकात कर चुके हैं। सरकार को इनके डिपोर्ट पर विचार करना चाहिए। बाद में बारामूला पुलिस ने इस खबर को गलत बताया था। पुलिस ने कहा था कि यह खबर झूठी और निराधार हैं और इसका साफ तौर पर खंडन किया जाता है। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से आए 14 वीजा होल्डर्स को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने के आदेश दिए थे। मेडिकल वीजा होल्डर्स के लिए 29 अप्रैल आखिरी तारीख है। शहीद मुदासिर से जुड़ी 4 तस्वीरें… 2023 में मुदासिर को मरणोपरांत शौर्य चक्र मिला था जम्मू-कश्मीर पुलिस में कॉन्स्टेबल मुदासिर अहमद शेख पुलिस के अंडरकवर ऑपरेटिव की टीम का हिस्सा थे। 25 मई 2022 को बारामूला में आतंकी ऑपरेशन के दौरान वे शहीद हुए थे। मुदासिर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। मई 2023 में दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शमीमा को सम्मान दिया था। मोहम्मद यूनुस के मुताबिक भतीजे मुदासिर की याद में बारामूला शहर के मुख्य चौराहे का नाम शहीद मुदासिर चौक रखा गया है। कश्मीरी सैनिक की पाकिस्तानी पत्नी भी डिपोर्ट की जा रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान मुनीर खान की पत्नी मीनल खान पाकिस्तान से हैं। मुनीर खान घरोटा इलाके के रहने वाले हैं। मंगलवार को वे अपनी पत्नी को लेकर अमृतसर के लिए रवाना हुए। यहां अटारी बॉर्डर के जरिए उनकी पत्नी को पाकिस्तान डिपोर्ट किया जाएगा। मीनल खान ने कहा- मुनीर से मेरी शादी ऑनलाइन हुई थी। हमें परिवार के साथ रहने की परमिशन दी जाए। हम हमले में निर्दोष लोगों की बर्बर हत्या की निंदा करते हैं। आतंकियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ……………………………
पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पहलगाम हमला: PM बोले- आतंकवाद को कुचलना हमारा राष्ट्रीय संकल्प: सेना को टारगेट, समय और हमले का तरीका तय करने की पूरी छूट पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आतंकवाद से निपटने के लिए तीनों सेनाओं को खुली छूट दे दी। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पीएम ने कहा, ‘आतंकवाद को करारा झटका देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। हमें भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं पर पूरा विश्वास है। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का तरीका, लक्ष्य और समय सेना तय करे।’ पूरी खबर पढ़ें…
कश्मीर में रहने वाले 59 पाकिस्तानी नागरिकों को पाकिस्तान डिपोर्ट किया जा रहा है। इनमें CRPF जवान की पाकिस्तान की रहने वाली पत्नी शामिल है, लेकिन शौर्य चक्र विजेता (मरणोंपरांत) जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीद जवान की मां शामिल नहीं हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक शहीद कांस्टेबल मुदासिर अहमद शेख की मां शमीमा अख्तर डिपोर्ट किए जाने वालों में से एक थीं। हालांकि, बाद में उन्हें यहीं रहने दिया गया। शमीमा के बहनोई मोहम्मद यूनुस ने बताया- मुदासिर की मां घर लौट आई हैं। उन्हें डिपोर्टेशन के लिए नहीं ले जाया गया था। हम भारत सरकार के आभारी हैं। इससे पहले PTI ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि शमीमा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की रहने वाली हैं। वे 45 साल से उरी में रह रही थीं। मुदासिर के चाचा मोहम्मद यूनुस ने बताया था- भाभी शमीमा जब 20 साल की थीं, तब उनकी शादी मेरे भाई मोहम्मद मकसूद से हुई थी। वे भी जम्मू-कश्मीर में थे। सरकार को केवल पाकिस्तानियों को ही डिपोर्ट करना चाहिए। PoK तो हमारा क्षेत्र है। यूनुस ने कहा था कि मुदासिर की मौत के बाद गृह मंत्री अमित शाह भी पूरे परिवार से मिल चुके हैं। LG मनोज सिन्हा भी दो बार मुलाकात कर चुके हैं। सरकार को इनके डिपोर्ट पर विचार करना चाहिए। बाद में बारामूला पुलिस ने इस खबर को गलत बताया था। पुलिस ने कहा था कि यह खबर झूठी और निराधार हैं और इसका साफ तौर पर खंडन किया जाता है। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से आए 14 वीजा होल्डर्स को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने के आदेश दिए थे। मेडिकल वीजा होल्डर्स के लिए 29 अप्रैल आखिरी तारीख है। शहीद मुदासिर से जुड़ी 4 तस्वीरें… 2023 में मुदासिर को मरणोपरांत शौर्य चक्र मिला था जम्मू-कश्मीर पुलिस में कॉन्स्टेबल मुदासिर अहमद शेख पुलिस के अंडरकवर ऑपरेटिव की टीम का हिस्सा थे। 25 मई 2022 को बारामूला में आतंकी ऑपरेशन के दौरान वे शहीद हुए थे। मुदासिर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। मई 2023 में दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शमीमा को सम्मान दिया था। मोहम्मद यूनुस के मुताबिक भतीजे मुदासिर की याद में बारामूला शहर के मुख्य चौराहे का नाम शहीद मुदासिर चौक रखा गया है। कश्मीरी सैनिक की पाकिस्तानी पत्नी भी डिपोर्ट की जा रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान मुनीर खान की पत्नी मीनल खान पाकिस्तान से हैं। मुनीर खान घरोटा इलाके के रहने वाले हैं। मंगलवार को वे अपनी पत्नी को लेकर अमृतसर के लिए रवाना हुए। यहां अटारी बॉर्डर के जरिए उनकी पत्नी को पाकिस्तान डिपोर्ट किया जाएगा। मीनल खान ने कहा- मुनीर से मेरी शादी ऑनलाइन हुई थी। हमें परिवार के साथ रहने की परमिशन दी जाए। हम हमले में निर्दोष लोगों की बर्बर हत्या की निंदा करते हैं। आतंकियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ……………………………
पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पहलगाम हमला: PM बोले- आतंकवाद को कुचलना हमारा राष्ट्रीय संकल्प: सेना को टारगेट, समय और हमले का तरीका तय करने की पूरी छूट पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आतंकवाद से निपटने के लिए तीनों सेनाओं को खुली छूट दे दी। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पीएम ने कहा, ‘आतंकवाद को करारा झटका देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। हमें भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं पर पूरा विश्वास है। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का तरीका, लक्ष्य और समय सेना तय करे।’ पूरी खबर पढ़ें…