संसद में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। भोपाल में इसके समर्थन में कुछ मुस्लिम महिलाओं और युवकों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। आनंदपुरा और कोकता इलाके में बुर्का पहनी मुस्लिम महिलाएं हाथों में गुलाब थामे थीं। वे ‘थैंक्यू, मोदी जी’ और ‘वी सपोर्ट मोदी जी’ लिखी तख्तियां लिए थीं। भोपाल के हथाई खेड़ा डैम के पास भी जश्न मनाया गया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसे भाजपा का प्रायोजित कार्यक्रम बताया। विधायक आरिफ मसूद ने कहा, एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि कलेक्टर को जिम्मेदार बनाया जा रहा है। वही कलेक्टर जिसने हमारे कब्रिस्तानों को सरकारी घोषित किया हुआ है। हम इसके खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लड़ रहे हैं। हमारे पास 1959 के 41 और 1947 के दस्तावेज हैं, जो यह साबित करते हैं कि यह वक्फ की संपत्ति है, लेकिन कलेक्टर इसे सरकारी संपत्ति बता रहा है। देखिए, जश्न की तीन तस्वीरें… भास्कर से सीएम बोले- बिल मुस्लिमों की बेहतरी के लिए
वक्फ बिल को लेकर विरोध पर सीएम डॉ मोहन यादव ने भास्कर से कहा- ये बिल ये देश और सभी वर्गों के लिए खासकर मुस्लिम वर्ग की बेहतरी के लिए भी है। मेरी ओर से वक्फ बिल संशोधन के लिए प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी का आभार। उम्मीद करता हूं सब इसको समझेंगे कि हमारे यहां सबसे बड़ी चीज कानून और उसके ऊपर न्यायपालिका है। वक्फ बिल की विशेषता ये है कि इसमें न्यायपालिका को अधिकार दिए गए हैं। किसी को अपनी कोई बात कहना हो तो वे अपनी बात कह सकते हैं कांग्रेस, सपा सहित तमाम दलों के विरोध पर सीएम ने कहा- ये वो लोग हैं जिन्होंने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक माना। ये मुस्लिम समाज की बेहतरी के लिए भी काम नहीं करते। रामेश्वर शर्मा बोले- संपत्ति सही हाथों में होनी चाहिए
हुजूर से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा- इस संपत्ति का सही लेखा-जोखा किसके पास है? यह संपत्ति सही हाथों में होनी चाहिए ताकि सरकार गरीबों के उत्थान के लिए इसका उपयोग कर सके। ‘पीएम ने 140 करोड़ देशवासियों के बारे में सोचा’
विधायक शर्मा ने कहा हम गरीबी में रहने वाला हिंदुस्तान नहीं चाहते। अगर मुसलमान गरीब रहेगा तो उसकी जिंदगी पंचर की दुकान पर ही गुजर जाएगी। ऐसे में हम कैसे कह सकते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था उन्नति कर रही है?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों के बारे में सोचा है, जबकि कांग्रेस ने सिर्फ कुछ गुंडे-बदमाशों के बारे में सोचा है। मंत्री सारंग बोले- यह बिल किसी कौम के खिलाफ नहीं
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, भोपाल में जिस प्रकार मुस्लिम समाज ने बिल के समर्थन में अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, वह अनर्गल प्रचार करने वाले नेताओं पर करारा तमाचा है। यह बिल किसी कौम के खिलाफ नहीं है और भोपाल में मुस्लिम भाइयों-बहनों ने अपना समर्थन देकर इसे साबित कर दिया है। वक्फ संशोधन बिल जो भी पढ़ेगा, वह इसका विरोध नहीं करेगा। तुष्टिकरण की राजनीति करना कांग्रेस का एजेंडा
जेपीसी (जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी) ने इस बिल पर व्यापक बहस की है। बहस के बाद जो निर्णय लिया गया है उसके आधार पर आज यह बिल लोकसभा में आ रहा है। इस कानून में प्रावधान है कि उन (वक्फ) संपत्तियों से आने वाली आय का मुस्लिम भाई-बहनों के कल्याण के लिए, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए इस्तेमाल होगा। इससे किसी को क्या परेशानी है? तुष्टीकरण की राजनीति करना कांग्रेस का हमेशा से एजेंडा रहा है जो मुझे लगता है कि अब समाप्त हो जाएगा। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दादा ने वक्फ को दी जमीन, पोते ने वापस मांगी बैतूल में वक्फ संपत्ति से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। 82 साल पहले एक बुजुर्ग ने मस्जिद में चिराग जलाने के लिए जमीन दान की थी, जिसे अब उनके पोते ने वापस लेने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें वक्फ कानून में 14 बड़े बदलाव, महिलाओं और गैर-मुस्लिमों की वक्फ बोर्ड में होगी एंट्री; जानें मुस्लिम क्यों हैं नाराज भारत में रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है। करीब 9.4 लाख एकड़। इतनी जमीन में दिल्ली जैसे 3 शहर बस जाएं। इसी वक्फ बोर्ड से जुड़े एक्ट में बदलाव के लिए केंद्र सरकार संसद में बिल लाई है। वक्फ कानून में सरकार क्या-क्या बदलने जा रही है, मुस्लिमों का एक बड़ा तबका इसके खिलाफ क्यों है और इसके पीछे की राजनीति क्या है, जानें आज के एक्सप्लेनर में…
संसद में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। भोपाल में इसके समर्थन में कुछ मुस्लिम महिलाओं और युवकों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। आनंदपुरा और कोकता इलाके में बुर्का पहनी मुस्लिम महिलाएं हाथों में गुलाब थामे थीं। वे ‘थैंक्यू, मोदी जी’ और ‘वी सपोर्ट मोदी जी’ लिखी तख्तियां लिए थीं। भोपाल के हथाई खेड़ा डैम के पास भी जश्न मनाया गया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसे भाजपा का प्रायोजित कार्यक्रम बताया। विधायक आरिफ मसूद ने कहा, एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि कलेक्टर को जिम्मेदार बनाया जा रहा है। वही कलेक्टर जिसने हमारे कब्रिस्तानों को सरकारी घोषित किया हुआ है। हम इसके खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लड़ रहे हैं। हमारे पास 1959 के 41 और 1947 के दस्तावेज हैं, जो यह साबित करते हैं कि यह वक्फ की संपत्ति है, लेकिन कलेक्टर इसे सरकारी संपत्ति बता रहा है। देखिए, जश्न की तीन तस्वीरें… भास्कर से सीएम बोले- बिल मुस्लिमों की बेहतरी के लिए
वक्फ बिल को लेकर विरोध पर सीएम डॉ मोहन यादव ने भास्कर से कहा- ये बिल ये देश और सभी वर्गों के लिए खासकर मुस्लिम वर्ग की बेहतरी के लिए भी है। मेरी ओर से वक्फ बिल संशोधन के लिए प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी का आभार। उम्मीद करता हूं सब इसको समझेंगे कि हमारे यहां सबसे बड़ी चीज कानून और उसके ऊपर न्यायपालिका है। वक्फ बिल की विशेषता ये है कि इसमें न्यायपालिका को अधिकार दिए गए हैं। किसी को अपनी कोई बात कहना हो तो वे अपनी बात कह सकते हैं कांग्रेस, सपा सहित तमाम दलों के विरोध पर सीएम ने कहा- ये वो लोग हैं जिन्होंने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक माना। ये मुस्लिम समाज की बेहतरी के लिए भी काम नहीं करते। रामेश्वर शर्मा बोले- संपत्ति सही हाथों में होनी चाहिए
हुजूर से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा- इस संपत्ति का सही लेखा-जोखा किसके पास है? यह संपत्ति सही हाथों में होनी चाहिए ताकि सरकार गरीबों के उत्थान के लिए इसका उपयोग कर सके। ‘पीएम ने 140 करोड़ देशवासियों के बारे में सोचा’
विधायक शर्मा ने कहा हम गरीबी में रहने वाला हिंदुस्तान नहीं चाहते। अगर मुसलमान गरीब रहेगा तो उसकी जिंदगी पंचर की दुकान पर ही गुजर जाएगी। ऐसे में हम कैसे कह सकते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था उन्नति कर रही है?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों के बारे में सोचा है, जबकि कांग्रेस ने सिर्फ कुछ गुंडे-बदमाशों के बारे में सोचा है। मंत्री सारंग बोले- यह बिल किसी कौम के खिलाफ नहीं
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, भोपाल में जिस प्रकार मुस्लिम समाज ने बिल के समर्थन में अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, वह अनर्गल प्रचार करने वाले नेताओं पर करारा तमाचा है। यह बिल किसी कौम के खिलाफ नहीं है और भोपाल में मुस्लिम भाइयों-बहनों ने अपना समर्थन देकर इसे साबित कर दिया है। वक्फ संशोधन बिल जो भी पढ़ेगा, वह इसका विरोध नहीं करेगा। तुष्टिकरण की राजनीति करना कांग्रेस का एजेंडा
जेपीसी (जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी) ने इस बिल पर व्यापक बहस की है। बहस के बाद जो निर्णय लिया गया है उसके आधार पर आज यह बिल लोकसभा में आ रहा है। इस कानून में प्रावधान है कि उन (वक्फ) संपत्तियों से आने वाली आय का मुस्लिम भाई-बहनों के कल्याण के लिए, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए इस्तेमाल होगा। इससे किसी को क्या परेशानी है? तुष्टीकरण की राजनीति करना कांग्रेस का हमेशा से एजेंडा रहा है जो मुझे लगता है कि अब समाप्त हो जाएगा। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दादा ने वक्फ को दी जमीन, पोते ने वापस मांगी बैतूल में वक्फ संपत्ति से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। 82 साल पहले एक बुजुर्ग ने मस्जिद में चिराग जलाने के लिए जमीन दान की थी, जिसे अब उनके पोते ने वापस लेने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें वक्फ कानून में 14 बड़े बदलाव, महिलाओं और गैर-मुस्लिमों की वक्फ बोर्ड में होगी एंट्री; जानें मुस्लिम क्यों हैं नाराज भारत में रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है। करीब 9.4 लाख एकड़। इतनी जमीन में दिल्ली जैसे 3 शहर बस जाएं। इसी वक्फ बोर्ड से जुड़े एक्ट में बदलाव के लिए केंद्र सरकार संसद में बिल लाई है। वक्फ कानून में सरकार क्या-क्या बदलने जा रही है, मुस्लिमों का एक बड़ा तबका इसके खिलाफ क्यों है और इसके पीछे की राजनीति क्या है, जानें आज के एक्सप्लेनर में…