सीएम योगी ने कहा, ‘यह लाठी न केवल हमारी बहनों, बेटियों, व्यापारियों की सुरक्षा करती है, बल्कि माफिया और गुंडों से भी निपटती है। यह हमारा दबंग स्टाइल नहीं, यह हमारी शराफत का स्टाइल है। सीएम ने यह बातें ANI के इंटरव्यू में कही। उनसे यूपी सरकार की दबंग स्टाइल के बारे में पूछा गया था। क्या योगी जी दिल्ली की तरफ देख रहे हैं?
जब योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि आपने दो-तीन बार कहा था कि सत्ता चली जाएगी, सत्ता त्याग देंगे। आपकी बातों से ऐसी अटकलें लगती हैं कि आप दिल्ली की ओर देख रहे हैं। इस सवाल के जवाब में योगी आदित्यनाथ मुस्कुराते हैं। योगी ने स्टैंडअप कामेडियन कुणाल कामरा के पॉलिटिकल कमेंट पर भी खुलकर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ लोग देश का चीरहरण करना चाहते हैं। उन लोगों ने देश को और विभाजित करने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मान लिया है। अब विस्तार से पढ़िए… विभाजन की खाई को और चौड़ा करना चाहते हैं कुछ लोग
कुणाल कामरा के मामले पर सीएम योगी ने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी दूसरे पर व्यक्तिगत प्रहार करने के लिए नहीं हो सकता है। दुर्भाग्य है कि कुछ लोगों ने देश का चीर हरण, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मान लिया है। दरअसल, कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी करते हुए उन्हें गद्दार कह दिया था। जिसके बाद महाराष्ट्र में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कुणाल कामरा के खिलाफ कई जगहों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। मुंबई की खार पुलिस ने इस मामले में कुणाल कामरा को समन भेजा है। उधर, कामरा की विवादित टिप्पणी वाला वीडियो सामने आने के बाद नाराज शिवसैनिकों ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में स्थित स्टूडियो और एक होटल में तोड़फोड़ की थी। ऐसा कहा जा रहा था कि वीडियो यहीं पर शूट हुआ था। शिवसेना (शिंदे) ने कामरा से माफी मांगने की मांग की थी। साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि कामरा यदि माफी नहीं मांगते हैं तो शिवसेना अपने ढंग से जवाब देगी। धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान के खिलाफ
योगी ने कर्नाटक सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। योगी ने कहा- कर्नाटक सरकार द्वारा धर्म के आधार पर आरक्षण यह बाबा साहब के द्वारा दिए गए संविधान का अपमान है। 1976 में इन्होंने संविधान के साथ क्या-क्या नहीं किया। गला घोंटने का काम किया था। कांग्रेस तो हमेशा करती रही है। डीके शिवकुमार वही कह रहे हैं जो उन्हें कांग्रेस की विरासत से मिला है। लोकसभा चुनाव में विदेशी पैसों का किया गया इस्तेमाल
2024 में चुनाव में क्या गलत हुआ? इस सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा ,लोकसभा चुनाव के दौरान विदेशी पैसों का सिर्फ यूपी ही नहीं, पूरे देश में इस्तेमाल किया गया। जार्ज सोरोस ने तो बहुत पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी। क्या सोरास के पैसे यूपी में भी लगे थे? इस सवाल पर सीएम ने कहा- ‘मैं कह रहा हूं कि पूरे देश में विदेशी पैसों से प्रचार किया गया। जिसमें कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने, जो भी इंडी गठबंधन से जुड़े हुए दल थे ये लोग धड़ल्ले से डायरेक्ट-इन डायरेक्ट ढंग से उसमें शामिल थे। उसी के माध्यम से इन्होंने पूरे चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया। ये काम देशद्रोह की श्रेणी में आता है। दरअसल, बीजेपी अमेरिकी उद्योगपति जार्ज सोरोस के नाम पर कांग्रेस को घेरती रही है। पिछले साल दिसंबर में भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था, ‘फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स ऑफ एशिया पैसफिक’ से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के संबंध हैं। बीजेपी का आरोप है कि इस फोरम में भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थित बातें हो रही हैं और इसकी फंडिंग जार्ज सोरोस के फाउंडेशन से की जाती है। तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने बीजेपी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खंडन किया था। ———————– यह 2 खबरें भी पढ़ें:- 1- यूपी में कुर्मी-लोधी-जाट विधायकों के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा:84% मुस्लिम MLA को दोबारा टिकट देने से मना किया; भास्कर सर्वे के रिजल्ट जातियों को दरकिनार कर यूपी की राजनीति की पड़ताल संभव नहीं है। आज पार्ट-2 में पढ़िए, जातियों के अनुसार विधायकों की परफॉर्मेंस क्या है? 2- यूपी के लोग बोले-341 विधायकों को दोबारा टिकट न दें:भास्कर सर्वे में जानिए बेहतर और फिसड्डी विधायक, इनमें मंत्री भी शामिल 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। विधायकों के प्रति नाराजगी किसी एक पार्टी को लेकर हो, ऐसा भी नहीं है। जनता की राय में भाजपा के 258 में से 83% और सपा के 107 में से 86% विधायकों को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
सीएम योगी ने कहा, ‘यह लाठी न केवल हमारी बहनों, बेटियों, व्यापारियों की सुरक्षा करती है, बल्कि माफिया और गुंडों से भी निपटती है। यह हमारा दबंग स्टाइल नहीं, यह हमारी शराफत का स्टाइल है। सीएम ने यह बातें ANI के इंटरव्यू में कही। उनसे यूपी सरकार की दबंग स्टाइल के बारे में पूछा गया था। क्या योगी जी दिल्ली की तरफ देख रहे हैं?
जब योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि आपने दो-तीन बार कहा था कि सत्ता चली जाएगी, सत्ता त्याग देंगे। आपकी बातों से ऐसी अटकलें लगती हैं कि आप दिल्ली की ओर देख रहे हैं। इस सवाल के जवाब में योगी आदित्यनाथ मुस्कुराते हैं। योगी ने स्टैंडअप कामेडियन कुणाल कामरा के पॉलिटिकल कमेंट पर भी खुलकर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ लोग देश का चीरहरण करना चाहते हैं। उन लोगों ने देश को और विभाजित करने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मान लिया है। अब विस्तार से पढ़िए… विभाजन की खाई को और चौड़ा करना चाहते हैं कुछ लोग
कुणाल कामरा के मामले पर सीएम योगी ने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी दूसरे पर व्यक्तिगत प्रहार करने के लिए नहीं हो सकता है। दुर्भाग्य है कि कुछ लोगों ने देश का चीर हरण, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मान लिया है। दरअसल, कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी करते हुए उन्हें गद्दार कह दिया था। जिसके बाद महाराष्ट्र में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कुणाल कामरा के खिलाफ कई जगहों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। मुंबई की खार पुलिस ने इस मामले में कुणाल कामरा को समन भेजा है। उधर, कामरा की विवादित टिप्पणी वाला वीडियो सामने आने के बाद नाराज शिवसैनिकों ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में स्थित स्टूडियो और एक होटल में तोड़फोड़ की थी। ऐसा कहा जा रहा था कि वीडियो यहीं पर शूट हुआ था। शिवसेना (शिंदे) ने कामरा से माफी मांगने की मांग की थी। साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि कामरा यदि माफी नहीं मांगते हैं तो शिवसेना अपने ढंग से जवाब देगी। धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान के खिलाफ
योगी ने कर्नाटक सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाया, जिसमें मुसलमानों को 4 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। योगी ने कहा- कर्नाटक सरकार द्वारा धर्म के आधार पर आरक्षण यह बाबा साहब के द्वारा दिए गए संविधान का अपमान है। 1976 में इन्होंने संविधान के साथ क्या-क्या नहीं किया। गला घोंटने का काम किया था। कांग्रेस तो हमेशा करती रही है। डीके शिवकुमार वही कह रहे हैं जो उन्हें कांग्रेस की विरासत से मिला है। लोकसभा चुनाव में विदेशी पैसों का किया गया इस्तेमाल
2024 में चुनाव में क्या गलत हुआ? इस सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा ,लोकसभा चुनाव के दौरान विदेशी पैसों का सिर्फ यूपी ही नहीं, पूरे देश में इस्तेमाल किया गया। जार्ज सोरोस ने तो बहुत पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी। क्या सोरास के पैसे यूपी में भी लगे थे? इस सवाल पर सीएम ने कहा- ‘मैं कह रहा हूं कि पूरे देश में विदेशी पैसों से प्रचार किया गया। जिसमें कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने, जो भी इंडी गठबंधन से जुड़े हुए दल थे ये लोग धड़ल्ले से डायरेक्ट-इन डायरेक्ट ढंग से उसमें शामिल थे। उसी के माध्यम से इन्होंने पूरे चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया। ये काम देशद्रोह की श्रेणी में आता है। दरअसल, बीजेपी अमेरिकी उद्योगपति जार्ज सोरोस के नाम पर कांग्रेस को घेरती रही है। पिछले साल दिसंबर में भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था, ‘फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स ऑफ एशिया पैसफिक’ से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के संबंध हैं। बीजेपी का आरोप है कि इस फोरम में भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थित बातें हो रही हैं और इसकी फंडिंग जार्ज सोरोस के फाउंडेशन से की जाती है। तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने बीजेपी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खंडन किया था। ———————– यह 2 खबरें भी पढ़ें:- 1- यूपी में कुर्मी-लोधी-जाट विधायकों के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा:84% मुस्लिम MLA को दोबारा टिकट देने से मना किया; भास्कर सर्वे के रिजल्ट जातियों को दरकिनार कर यूपी की राजनीति की पड़ताल संभव नहीं है। आज पार्ट-2 में पढ़िए, जातियों के अनुसार विधायकों की परफॉर्मेंस क्या है? 2- यूपी के लोग बोले-341 विधायकों को दोबारा टिकट न दें:भास्कर सर्वे में जानिए बेहतर और फिसड्डी विधायक, इनमें मंत्री भी शामिल 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। विधायकों के प्रति नाराजगी किसी एक पार्टी को लेकर हो, ऐसा भी नहीं है। जनता की राय में भाजपा के 258 में से 83% और सपा के 107 में से 86% विधायकों को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…