हरियाणा के झज्जर में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर सुसाइड कर लिया। खुद को गोली मारने से पहले उसने करीब साढ़े 28 मिनट का एक वीडियो जारी किया। जिसमें उसने पत्नी, बेटा, ससुर, साढ़ू और दूसरी जाति में शादी करने वाली बेटी को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा कि इन लोगों को उसकी डेडबॉडी पर हाथ भी न लगाने देना। ये प्रॉपर्टी हड़पना चाहते हैं। पत्नी का साढ़ू के साथ अफेयर है। रिटायर्ड SI ने बच्चों के नाम उसने 60 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें आत्महत्या के कारण गिनाए हैं। झज्जर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच के बाद डेडबॉडी को अस्पताल भिजवाया। मरने वाला नरेंद्र छिकारा (54) गांव बामडोली का रहने वाला है। इस वक्त वह बहादुरगढ़ के सेक्टर 6 स्थित घर में रहता था। मृतक का एक बेटा और 2 बेटियां हैं। पुलिस के मुताबिक पत्नी ने उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करा रखा था। जिस वजह से वह तनाव में था और परिवार से अलग अकेले रह रहा था। मरने से पहले वीडियो में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर ने क्या कहा… 1. मेरे मरने के बाद सारी प्रॉपर्टी भाई-बहन को देना
हे न्याय के दाताओ, मेरे को न्याय दिलाना किसी तरह से। क्योंकि यहां पर मेरे मरने के बाद मेरी सारी प्रॉपर्टी मेरे भाइयों को जानी चाहिए। मेरे भाई इसकी देखरेख करें। सारी प्रॉपर्टी मेरे भाई जोगिंदर और वीरेंद्र संभालें। मेरी बहन पुष्पा संभाले। जो भी दान-पुण्य या कुछ भी हो, मेरे भाई करें। मेरी बॉडी को परिवार हाथ भी न लगाए। पत्नी का शक्ति सिंह के साथ अफेयर है। शक्ति सिंह के कहने पर सब कुछ किया। मेरा कर्म, धर्म सब कुछ बर्बाद कर दिया। ये सभी मेरी प्रोपर्टी खाने के चक्कर में हैं। मुझे जेल भिजवाना चाहते हैं। 2. 20 दिन से सोया नहीं, बेटी के पैर भी पकड़े
मुझे आत्महत्या के लिए इन्होंने प्रेरित किया है। 20 दिन से मैं घर पर सजा काट रहा हूं। मेरे को इतना तंग कर दिया कि 20 दिन में सोया नहीं। न मुझे नींद आती, न मैं खा पाता। कभी मैं गाड़ी में सोऊं। कभी किसी के यहां एक रात काटी है। कहीं कुछ, कहीं कुछ। तो भाई अब मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मौत के लिए मेरी पत्नी सीमा, मेरा बेटा, मेरा ससुर हरी सिंह, साढ़ू शक्ति और मेरी बड़ी बेटी दोषी हैं, जिसने गैर जाति में विवाह किया। बेटी के मैंने पैर भी पकड़े। सारे काम किए, रोया, ताऊ के छोरे महेंद्र ने भी मनाया। बैठकर 2-2 घंटे रो लिए, पर इन्होंने कुछ नहीं सोचा। 3. मेरी इज्जत-शोहरत उड़ा दी, 5 महीने घर में कैद रहा
मेरी इज्जत भी उड़ा दी, शोहरत भी उड़ा दी। मैं अपनी आन, बान, शान से बच्चों की शादी करता। मेरी पत्नी ने मुझे बच्चों के कन्यादान करने के लायक भी नहीं छोड़ा। मेरे ससुर, साढ़ू शक्ति और बेटे ने किसी मुसलमान राजपूत के साथ बेटी की शादी करा दी। मैं इस सदमें से 5 महीने से चुपचाप घर में कैद था और मेरे खिलाफ ही मुकदमे दर्ज करा दिए। मैं जी नहीं सकता। क्योंकि जिल्लत की जिंदगी जीने से अच्छा है कि मैं मर जाऊं। मैं किससे टक्कर लूंगा। कोर्ट में मेरी एंटीसिपेट्री बेल हो जाएगी, क्योंकि कोर्ट में इस (बेटी) ने झूठ बोल रखा है कि मैं एक साल से अपने बाप के घर पर थी। जबकि ये सामान लेकर गई। मेरे पास रिकॉर्डिंग और फोटो भी हैं। ये झूठ बोल रही है। इसने पहले मेरा साला मरवाया। 8 साल से इसको उसके बारे में पता था, लेकिन मुझे नहीं बताया। 4. बेटी के बारे में मुझे नहीं बताया, 6 पेज का लेटर भेज धमकाया
ढाई-तीन साल से उसे (पत्नी) बेटी का पता था, वह भी नहीं बताया। इसने मुझे इतना परेशान और टॉर्चर किया कि मेरे हाथ में इन्होंने मौत का पैगाम भेजा है। 6 पेज में लिखकर भेजा कि सब कुछ मेरे नाम कर दे। इसमें लिखा कि कहीं घुसेगा नहीं। इतना टॉर्चर कर दिया। केस भी हम हाईकोर्ट जाकर करेंगे। इस संसार में ये मुझे रहने नहीं देंगे। मैंने इस वीडियो को गोबिंद, भाई वीरेंद्र और प्रधान के फोन में भेजा है। मैंने बच्चों के नाम 50-60 पेज का लेटर लिख आत्महत्या के सारे कारण लिखे हैं। सुसाइड को लेकर पुलिस ने क्या कहा… गेट नहीं खोला तो हमें कॉल आई
बहादुरगढ़ के सेक्टर 6 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कृष्णकांत ने कहा कि उन्हें सुबह करीब 8 बजे के आसपास कॉल आई थी कि सेक्टर 6 के मकान नंबर 1,155 में रहने वाले नरेंद्र छिकारा का गेट नहीं खुल रहा। जिसके बाद हमने जाकर देखा तो उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार रखी थी। वह दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड थे। परिजनों के बयान पर कार्रवाई करेंगे
थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर मौके से कई सबूत जुटाए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल भिजवाया गया है। नरेंद्र के परिजनों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हरियाणा के झज्जर में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर सुसाइड कर लिया। खुद को गोली मारने से पहले उसने करीब साढ़े 28 मिनट का एक वीडियो जारी किया। जिसमें उसने पत्नी, बेटा, ससुर, साढ़ू और दूसरी जाति में शादी करने वाली बेटी को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा कि इन लोगों को उसकी डेडबॉडी पर हाथ भी न लगाने देना। ये प्रॉपर्टी हड़पना चाहते हैं। पत्नी का साढ़ू के साथ अफेयर है। रिटायर्ड SI ने बच्चों के नाम उसने 60 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें आत्महत्या के कारण गिनाए हैं। झज्जर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच के बाद डेडबॉडी को अस्पताल भिजवाया। मरने वाला नरेंद्र छिकारा (54) गांव बामडोली का रहने वाला है। इस वक्त वह बहादुरगढ़ के सेक्टर 6 स्थित घर में रहता था। मृतक का एक बेटा और 2 बेटियां हैं। पुलिस के मुताबिक पत्नी ने उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करा रखा था। जिस वजह से वह तनाव में था और परिवार से अलग अकेले रह रहा था। मरने से पहले वीडियो में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर ने क्या कहा… 1. मेरे मरने के बाद सारी प्रॉपर्टी भाई-बहन को देना
हे न्याय के दाताओ, मेरे को न्याय दिलाना किसी तरह से। क्योंकि यहां पर मेरे मरने के बाद मेरी सारी प्रॉपर्टी मेरे भाइयों को जानी चाहिए। मेरे भाई इसकी देखरेख करें। सारी प्रॉपर्टी मेरे भाई जोगिंदर और वीरेंद्र संभालें। मेरी बहन पुष्पा संभाले। जो भी दान-पुण्य या कुछ भी हो, मेरे भाई करें। मेरी बॉडी को परिवार हाथ भी न लगाए। पत्नी का शक्ति सिंह के साथ अफेयर है। शक्ति सिंह के कहने पर सब कुछ किया। मेरा कर्म, धर्म सब कुछ बर्बाद कर दिया। ये सभी मेरी प्रोपर्टी खाने के चक्कर में हैं। मुझे जेल भिजवाना चाहते हैं। 2. 20 दिन से सोया नहीं, बेटी के पैर भी पकड़े
मुझे आत्महत्या के लिए इन्होंने प्रेरित किया है। 20 दिन से मैं घर पर सजा काट रहा हूं। मेरे को इतना तंग कर दिया कि 20 दिन में सोया नहीं। न मुझे नींद आती, न मैं खा पाता। कभी मैं गाड़ी में सोऊं। कभी किसी के यहां एक रात काटी है। कहीं कुछ, कहीं कुछ। तो भाई अब मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मौत के लिए मेरी पत्नी सीमा, मेरा बेटा, मेरा ससुर हरी सिंह, साढ़ू शक्ति और मेरी बड़ी बेटी दोषी हैं, जिसने गैर जाति में विवाह किया। बेटी के मैंने पैर भी पकड़े। सारे काम किए, रोया, ताऊ के छोरे महेंद्र ने भी मनाया। बैठकर 2-2 घंटे रो लिए, पर इन्होंने कुछ नहीं सोचा। 3. मेरी इज्जत-शोहरत उड़ा दी, 5 महीने घर में कैद रहा
मेरी इज्जत भी उड़ा दी, शोहरत भी उड़ा दी। मैं अपनी आन, बान, शान से बच्चों की शादी करता। मेरी पत्नी ने मुझे बच्चों के कन्यादान करने के लायक भी नहीं छोड़ा। मेरे ससुर, साढ़ू शक्ति और बेटे ने किसी मुसलमान राजपूत के साथ बेटी की शादी करा दी। मैं इस सदमें से 5 महीने से चुपचाप घर में कैद था और मेरे खिलाफ ही मुकदमे दर्ज करा दिए। मैं जी नहीं सकता। क्योंकि जिल्लत की जिंदगी जीने से अच्छा है कि मैं मर जाऊं। मैं किससे टक्कर लूंगा। कोर्ट में मेरी एंटीसिपेट्री बेल हो जाएगी, क्योंकि कोर्ट में इस (बेटी) ने झूठ बोल रखा है कि मैं एक साल से अपने बाप के घर पर थी। जबकि ये सामान लेकर गई। मेरे पास रिकॉर्डिंग और फोटो भी हैं। ये झूठ बोल रही है। इसने पहले मेरा साला मरवाया। 8 साल से इसको उसके बारे में पता था, लेकिन मुझे नहीं बताया। 4. बेटी के बारे में मुझे नहीं बताया, 6 पेज का लेटर भेज धमकाया
ढाई-तीन साल से उसे (पत्नी) बेटी का पता था, वह भी नहीं बताया। इसने मुझे इतना परेशान और टॉर्चर किया कि मेरे हाथ में इन्होंने मौत का पैगाम भेजा है। 6 पेज में लिखकर भेजा कि सब कुछ मेरे नाम कर दे। इसमें लिखा कि कहीं घुसेगा नहीं। इतना टॉर्चर कर दिया। केस भी हम हाईकोर्ट जाकर करेंगे। इस संसार में ये मुझे रहने नहीं देंगे। मैंने इस वीडियो को गोबिंद, भाई वीरेंद्र और प्रधान के फोन में भेजा है। मैंने बच्चों के नाम 50-60 पेज का लेटर लिख आत्महत्या के सारे कारण लिखे हैं। सुसाइड को लेकर पुलिस ने क्या कहा… गेट नहीं खोला तो हमें कॉल आई
बहादुरगढ़ के सेक्टर 6 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कृष्णकांत ने कहा कि उन्हें सुबह करीब 8 बजे के आसपास कॉल आई थी कि सेक्टर 6 के मकान नंबर 1,155 में रहने वाले नरेंद्र छिकारा का गेट नहीं खुल रहा। जिसके बाद हमने जाकर देखा तो उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार रखी थी। वह दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड थे। परिजनों के बयान पर कार्रवाई करेंगे
थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर मौके से कई सबूत जुटाए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल भिजवाया गया है। नरेंद्र के परिजनों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।