पटना के गर्दनीबाग में 14 दिनों से BPSC कैंडिडेट्स का प्रदर्शन जारी है। कैंडिडेट्स के समर्थन में मंगलवार को लेफ्ट और कांग्रेस के विधायक सड़क पर उतरे। विधानसभा से राजभवन मार्च निकाल रहे विधायकों को पुलिस ने 9 बार रास्ते में रोका। इसके बाद पुलिस उन्हें गाड़ियों में बैठाकर राजभवन लेकर पहुंची। राज्यपाल से मुलाकात के बाद जहानाबाद के घोसी से माले विधायक रामबली यादव ने कहा कि ‘पुराने राज्यपाल विदा हो चुके हैं, नए राज्यपाल ने अभी शपथ ग्रहण नहीं किया है। तो प्रधान सचिव से हम लोगों की बातचीत हुई है। उन्हें ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने भरोसा दिया है कि शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल को सारी बातों की जानकारी देंगे। प्रधान सचिव ने तो सहमति जताई है कि BPSC कैंडिडेट्स की मांग जायज है।’ विधायक रामबली यादव ने कहा कि ‘पुलिस ने हम लोगों को 9 बार रोका है। गाड़ी में बैठाकर राजभवन ले जा रही है। ये लोकतंत्र का हनन है। सरकार तानाशाही कर रही है।’ विधायक बोले- 17वीं BPSC PT रद्द हो राजभवन मार्च कर रहे भाकपा माले विधायकों को ये पता ही नहीं कि इस बार 70वीं बीपीएससी परीक्षा हुई है या 17वीं। पालीगंज से भाकपा वाले विधायक संदीप सौरव ने कहा कि ’17वीं BPSC पीटी रद्द कराने की मांग को लेकर हम लोग राजभवन मार्च पर निकले हैं।’ वहीं, सारण के मांझी से भाकपा माले विधायक सत्येंद्र यादव ने कहा ’17वीं बीपीएससी की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन और पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो चुका है। पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी आंदोलन में हैं। पुलिस इन पर पर लाठीचार्ज कर रही है। इसलिए हम राज्यपाल के पास ज्ञापन देने जा रहे हैं कि आप इस परीक्षा को रद्द करिए।’ इससे पहले पुलिस ने विधायकों को राजभवन जाने से रोका तो विधायक सड़क पर बैठ गए। विधायकों ने कहा कि ‘नियम दिखाइए कि विधायक राज्यपाल से नहीं मिल सकते हैं।’ इसके बाद पुलिस ने उन्हें आगे जाने दिया। इस दौरान पुलिस से उनकी मामूली झड़प भी हुई। सोमवार को लेफ्ट और RJD ने बिहार बंद बुलाया था। इस दौरान 2 जगहों पर ट्रेनें रोकी गई थीं। 6 शहरों में सड़क जाम किया गया था। मार्च की 2 तस्वीरें देखिए… BPSC फैसला लेने के लिए स्वतंत्र इससे पहले सीएम से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मुलाकात की। मुलाकात के बाद डिप्टी CM ने कहा कि ‘दूसरी सरकार में सरकार तय करती थी कि BPSC क्या करे। BPSC एक ऑटोनोमस बॉडी है, छात्रों का भला वो जानती है और वही सब तय करे।’ वहीं JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि ‘BPSC अभ्यर्थियों को लेकर पहल हुई है। मामले में सकारात्मक नतीजे निकलेंगे।’ BPSC कैंडिडेट्स की पहले मांग जानिए
पटना के गर्दनीबाग में 14 दिनों से BPSC कैंडिडेट्स का प्रदर्शन जारी है। कैंडिडेट्स के समर्थन में मंगलवार को लेफ्ट और कांग्रेस के विधायक सड़क पर उतरे। विधानसभा से राजभवन मार्च निकाल रहे विधायकों को पुलिस ने 9 बार रास्ते में रोका। इसके बाद पुलिस उन्हें गाड़ियों में बैठाकर राजभवन लेकर पहुंची। राज्यपाल से मुलाकात के बाद जहानाबाद के घोसी से माले विधायक रामबली यादव ने कहा कि ‘पुराने राज्यपाल विदा हो चुके हैं, नए राज्यपाल ने अभी शपथ ग्रहण नहीं किया है। तो प्रधान सचिव से हम लोगों की बातचीत हुई है। उन्हें ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने भरोसा दिया है कि शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल को सारी बातों की जानकारी देंगे। प्रधान सचिव ने तो सहमति जताई है कि BPSC कैंडिडेट्स की मांग जायज है।’ विधायक रामबली यादव ने कहा कि ‘पुलिस ने हम लोगों को 9 बार रोका है। गाड़ी में बैठाकर राजभवन ले जा रही है। ये लोकतंत्र का हनन है। सरकार तानाशाही कर रही है।’ विधायक बोले- 17वीं BPSC PT रद्द हो राजभवन मार्च कर रहे भाकपा माले विधायकों को ये पता ही नहीं कि इस बार 70वीं बीपीएससी परीक्षा हुई है या 17वीं। पालीगंज से भाकपा वाले विधायक संदीप सौरव ने कहा कि ’17वीं BPSC पीटी रद्द कराने की मांग को लेकर हम लोग राजभवन मार्च पर निकले हैं।’ वहीं, सारण के मांझी से भाकपा माले विधायक सत्येंद्र यादव ने कहा ’17वीं बीपीएससी की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन और पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो चुका है। पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी आंदोलन में हैं। पुलिस इन पर पर लाठीचार्ज कर रही है। इसलिए हम राज्यपाल के पास ज्ञापन देने जा रहे हैं कि आप इस परीक्षा को रद्द करिए।’ इससे पहले पुलिस ने विधायकों को राजभवन जाने से रोका तो विधायक सड़क पर बैठ गए। विधायकों ने कहा कि ‘नियम दिखाइए कि विधायक राज्यपाल से नहीं मिल सकते हैं।’ इसके बाद पुलिस ने उन्हें आगे जाने दिया। इस दौरान पुलिस से उनकी मामूली झड़प भी हुई। सोमवार को लेफ्ट और RJD ने बिहार बंद बुलाया था। इस दौरान 2 जगहों पर ट्रेनें रोकी गई थीं। 6 शहरों में सड़क जाम किया गया था। मार्च की 2 तस्वीरें देखिए… BPSC फैसला लेने के लिए स्वतंत्र इससे पहले सीएम से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मुलाकात की। मुलाकात के बाद डिप्टी CM ने कहा कि ‘दूसरी सरकार में सरकार तय करती थी कि BPSC क्या करे। BPSC एक ऑटोनोमस बॉडी है, छात्रों का भला वो जानती है और वही सब तय करे।’ वहीं JDU सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि ‘BPSC अभ्यर्थियों को लेकर पहल हुई है। मामले में सकारात्मक नतीजे निकलेंगे।’ BPSC कैंडिडेट्स की पहले मांग जानिए