राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत आंध्र प्रदेश के तिरुपति दौरे पर हैं। भारतीय विज्ञान सम्मेलन (BVS) में उद्घाटन कार्यक्रम में शुक्रवार को भागवत ने कहा- भारत का आगे बढ़ना तय है। लेकिन हमें सिर्फ सुपरपावर ही नहीं, बल्कि विश्वगुरु भी बनना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं है। बस उनके रास्ते अलग हैं, मंजिल एक ही है। हमारे विकास की सोच का आधार धर्म है। धर्म सिर्फ मजहब नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और ब्रह्मांड के चलने का तरीका है। इससे पहले आरएसएस चीफ ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन किए। तिरुपति टाउनशिप के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पुजारियों ने उन्हें रेशमी कपड़े पहनाकर सम्मानित किया। मोहन भागवत के तिरुपति दौरे की 2 तस्वीरें… भागवत बोले- पंजाब से जयपुर कैंसर ट्रेन चल रही मोहन भागवत ने कहा कि हमें लोगों को पुरानी और नई अंधविश्वासों से बाहर निकालने में मदद करनी चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं के समय कई बार मंदिर अपनी मजबूत बनावट के कारण सुरक्षित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि 10,000 साल तक पारंपरिक खेती से जमीन सुरक्षित रही, लेकिन ज्यादा रासायनिक खाद के इस्तेमाल से समस्याएं पैदा हुईं। हालात यह है कि पंजाब से जयपुर तक ‘कैंसर ट्रेन’ चल रही है। भारत का आगे बढ़ना तय है और उसे सिर्फ सुपरपावर ही नहीं, बल्कि विश्वगुरु भी बनना चाहिए। RSS चीफ के हाल में 3 बड़े संबोधन… 20 दिसंबर: लिव-इन पर भागवत बोले थे- आप जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं मोहन भागवत का कहना था कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परिवार, शादी, सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का जरिया नहीं है। यह समाज की एक इकाई है। उन्होंने आगे कहा था कि परिवार वह जगह है जहां एक व्यक्ति समाज में रहना सीखता है। लोगों के मूल्य वहीं से आते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 21 दिसंबर: भागवत बोले थे- संघ को BJP के चश्मे से देखना गलत RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में कहा था कि संघ को BJP के लेंस से देखने की कोशिश न करें। संघ सिर्फ एक सर्विस ऑर्गनाइजेशन नहीं है। संघ को समझना है तो संघ को ही देखना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा था कि बहुत से लोगों की प्रवृत्ति रहती है कि संघ को BJP के चश्मे से समझना। यह बहुत बड़ी गलती होगी। संघ को देखकर नहीं समझ सकते, उसे अनुभव करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… 13 दिसंबर: भागवत बोले थे- हम जहां रहते हैं वो हिंदू घर जैसा दिखे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदुओ को एकजुट होकर देश को आगे ले जाना होगा। इसके लिए वैसा ही आचरण करना होगा। हम जहां रहते है वो हिंदू घर की तरह सजा होना चाहिए। हमें यह तय करना होगा कि घर की दीवारों पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर हो या माइकल जैक्सन की। पूरी खबर पढ़ें… —————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले-हम जहां रहते हैं वो हिंदू घर जैसा दिखे:दीवारों पर विवेकानंद की तस्वीर हो या माइकल जैक्सन की, यह तय करना होगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि हिंदुओ को एकजुट होकर देश को आगे ले जाना होगा। इसके लिए वैसा ही आचरण करना होगा। हम जहां रहते है वो हिंदू घर की तरह सजा होना चाहिए। हमें यह तय करना होगा कि घर की दीवारों पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर हो या माइकल जैक्सन की। पूरी खबर पढ़ें…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत आंध्र प्रदेश के तिरुपति दौरे पर हैं। भारतीय विज्ञान सम्मेलन (BVS) में उद्घाटन कार्यक्रम में शुक्रवार को भागवत ने कहा- भारत का आगे बढ़ना तय है। लेकिन हमें सिर्फ सुपरपावर ही नहीं, बल्कि विश्वगुरु भी बनना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं है। बस उनके रास्ते अलग हैं, मंजिल एक ही है। हमारे विकास की सोच का आधार धर्म है। धर्म सिर्फ मजहब नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और ब्रह्मांड के चलने का तरीका है। इससे पहले आरएसएस चीफ ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन किए। तिरुपति टाउनशिप के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पुजारियों ने उन्हें रेशमी कपड़े पहनाकर सम्मानित किया। मोहन भागवत के तिरुपति दौरे की 2 तस्वीरें… भागवत बोले- पंजाब से जयपुर कैंसर ट्रेन चल रही मोहन भागवत ने कहा कि हमें लोगों को पुरानी और नई अंधविश्वासों से बाहर निकालने में मदद करनी चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं के समय कई बार मंदिर अपनी मजबूत बनावट के कारण सुरक्षित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि 10,000 साल तक पारंपरिक खेती से जमीन सुरक्षित रही, लेकिन ज्यादा रासायनिक खाद के इस्तेमाल से समस्याएं पैदा हुईं। हालात यह है कि पंजाब से जयपुर तक ‘कैंसर ट्रेन’ चल रही है। भारत का आगे बढ़ना तय है और उसे सिर्फ सुपरपावर ही नहीं, बल्कि विश्वगुरु भी बनना चाहिए। RSS चीफ के हाल में 3 बड़े संबोधन… 20 दिसंबर: लिव-इन पर भागवत बोले थे- आप जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं मोहन भागवत का कहना था कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि परिवार, शादी, सिर्फ शारीरिक संतुष्टि का जरिया नहीं है। यह समाज की एक इकाई है। उन्होंने आगे कहा था कि परिवार वह जगह है जहां एक व्यक्ति समाज में रहना सीखता है। लोगों के मूल्य वहीं से आते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 21 दिसंबर: भागवत बोले थे- संघ को BJP के चश्मे से देखना गलत RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में कहा था कि संघ को BJP के लेंस से देखने की कोशिश न करें। संघ सिर्फ एक सर्विस ऑर्गनाइजेशन नहीं है। संघ को समझना है तो संघ को ही देखना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा था कि बहुत से लोगों की प्रवृत्ति रहती है कि संघ को BJP के चश्मे से समझना। यह बहुत बड़ी गलती होगी। संघ को देखकर नहीं समझ सकते, उसे अनुभव करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें… 13 दिसंबर: भागवत बोले थे- हम जहां रहते हैं वो हिंदू घर जैसा दिखे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदुओ को एकजुट होकर देश को आगे ले जाना होगा। इसके लिए वैसा ही आचरण करना होगा। हम जहां रहते है वो हिंदू घर की तरह सजा होना चाहिए। हमें यह तय करना होगा कि घर की दीवारों पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर हो या माइकल जैक्सन की। पूरी खबर पढ़ें… —————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले-हम जहां रहते हैं वो हिंदू घर जैसा दिखे:दीवारों पर विवेकानंद की तस्वीर हो या माइकल जैक्सन की, यह तय करना होगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि हिंदुओ को एकजुट होकर देश को आगे ले जाना होगा। इसके लिए वैसा ही आचरण करना होगा। हम जहां रहते है वो हिंदू घर की तरह सजा होना चाहिए। हमें यह तय करना होगा कि घर की दीवारों पर स्वामी विवेकानंद की तस्वीर हो या माइकल जैक्सन की। पूरी खबर पढ़ें…