बिहार में राबड़ी आवास से सामान की शिफ्टिंग शुरू हो गई है। गुरुवार रात 4 से 5 छोटी गाड़ियां पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास (राबड़ी आवास) पहुंचीं। इन गाड़ियों से सामान को गोला रोड स्थित गौशाला में शिफ्ट किया गया। इसके बाद यह दूसरी जगह भेजा जाएगा। रात के अंधेरे में राबड़ी आवास पहुंचीं छोटी गाड़ियों से पौधे और गार्डन के अन्य समान निकालने की तस्वीर समाने आई है। ये शिफ्टिंग ऐसे वक्त हो रही है जब RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दिल्ली में हैं। तेजस्वी भी बाहर हैं। घर में कोई पुरुष नहीं है। हालांकि, आरजेडी की तरफ से फिलहाल सामान शिफ्ट किए जाने को लेकर कुछ कंफर्म नहीं किया गया है। 1 महीने पहले मिला था राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस 20 साल बाद लालू परिवार को सरकारी आवास (राबड़ी आवास) खाली करने का नोटिस मिला है। एक महीने पहले 25 नवंबर को बिहार भवन निर्माण विभाग ने ये नोटिस भेजा था। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि बिहार विधान परिषद के नेता विपक्ष के लिए पटना केंद्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक राबड़ी आवास को खाली करने की प्रक्रिया पिछले कुछ दिनों से चल रही है। पूरा सामान धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित आवास पर ले जाया जा रहा है। इस आवास को चरणबद्ध तरीके से खाली किया जाने लगा है। नोटिस के खिलाफ लालू परिवार एकजुट दिखा एक महीने पहले आवास खाली करने को लेकर मिले नोटिस पर लालू परिवार एकजुट दिखा था। तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘छोटे भाई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दे दिया। लालू जी और उनका परिवार अब 10 सर्कुलर रोड के बंगले में नहीं रहेगा। 28 साल से जिस आवास से बिहार और राजद के लाखों कार्यकर्ताओं का एक भावुक रिश्ता जुड़ा था, उसे एक सरकारी नोटिस में खत्म कर दिया गया है। इस घर के जाने के साथ ही नीतीश जी और लालू जी के बीच के भैयारी वाले नैतिक रिश्ते का भी अंत हो गया है।’ रोहिणी ने कहा था- राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते 15 नवंबर को राबड़ी आवास से निकली थीं रोहिणी नोटिस मिलने से ठीक 10 दिन पहले 15 नवंबर की देर रात लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी ने रोते-रोते राबड़ी आवास छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’ इसके बाद तीन और बेटियों ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था। तेज प्रताप को लालू यादव, पहले ही पार्टी और परिवार से बाहर कर चुके हैं। इसके बाद से वे अपने सरकारी आवास में रह रहे हैं। राबड़ी आवास में फिलहाल लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनकी फैमिली रहती है। लालू जेल गए थे तो राबड़ी को CM बनाया था… तभी से राबड़ी आवास 23 जून, 1997 को लालू समेत 55 लोगों के खिलाफ CBI ने चारा घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल की। उनके खिलाफ 63 केस दर्ज किए गए। लालू समझ गए थे कि गिरफ्तारी तय है। 25 जुलाई 1997 की शाम उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया और पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बनवाया। बाद में एक बार जब लालू से वंशवाद पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा था, ‘मैं राजनीति में शक्ति अर्जित करने के लिए आया हूं और मैं उसे सिर्फ इसलिए नहीं त्याग दूंगा, क्योंकि किसी ने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं। अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाकर मैंने क्या गलती कर दी? क्या मैं अपनी सत्ता अपने राजनीतिक विरोधियों के हाथों में सौंप देता?’ पत्नी को CM बनाने के बाद 30 जुलाई, 1997 को लालू यादव ने चारा घोटाला मामले में सरेंडर कर दिया और दिसंबर 1997 तक जेल में रहे। हालांकि लालू यादव RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। इसके बाद राबड़ी देवी को 2005 में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अलॉट किया गया था। राबड़ी आवास खाली किए जाने के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
बिहार में राबड़ी आवास से सामान की शिफ्टिंग शुरू हो गई है। गुरुवार रात 4 से 5 छोटी गाड़ियां पटना में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास (राबड़ी आवास) पहुंचीं। इन गाड़ियों से सामान को गोला रोड स्थित गौशाला में शिफ्ट किया गया। इसके बाद यह दूसरी जगह भेजा जाएगा। रात के अंधेरे में राबड़ी आवास पहुंचीं छोटी गाड़ियों से पौधे और गार्डन के अन्य समान निकालने की तस्वीर समाने आई है। ये शिफ्टिंग ऐसे वक्त हो रही है जब RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दिल्ली में हैं। तेजस्वी भी बाहर हैं। घर में कोई पुरुष नहीं है। हालांकि, आरजेडी की तरफ से फिलहाल सामान शिफ्ट किए जाने को लेकर कुछ कंफर्म नहीं किया गया है। 1 महीने पहले मिला था राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस 20 साल बाद लालू परिवार को सरकारी आवास (राबड़ी आवास) खाली करने का नोटिस मिला है। एक महीने पहले 25 नवंबर को बिहार भवन निर्माण विभाग ने ये नोटिस भेजा था। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि बिहार विधान परिषद के नेता विपक्ष के लिए पटना केंद्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक राबड़ी आवास को खाली करने की प्रक्रिया पिछले कुछ दिनों से चल रही है। पूरा सामान धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित आवास पर ले जाया जा रहा है। इस आवास को चरणबद्ध तरीके से खाली किया जाने लगा है। नोटिस के खिलाफ लालू परिवार एकजुट दिखा एक महीने पहले आवास खाली करने को लेकर मिले नोटिस पर लालू परिवार एकजुट दिखा था। तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘छोटे भाई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दे दिया। लालू जी और उनका परिवार अब 10 सर्कुलर रोड के बंगले में नहीं रहेगा। 28 साल से जिस आवास से बिहार और राजद के लाखों कार्यकर्ताओं का एक भावुक रिश्ता जुड़ा था, उसे एक सरकारी नोटिस में खत्म कर दिया गया है। इस घर के जाने के साथ ही नीतीश जी और लालू जी के बीच के भैयारी वाले नैतिक रिश्ते का भी अंत हो गया है।’ रोहिणी ने कहा था- राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते 15 नवंबर को राबड़ी आवास से निकली थीं रोहिणी नोटिस मिलने से ठीक 10 दिन पहले 15 नवंबर की देर रात लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी ने रोते-रोते राबड़ी आवास छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’ इसके बाद तीन और बेटियों ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था। तेज प्रताप को लालू यादव, पहले ही पार्टी और परिवार से बाहर कर चुके हैं। इसके बाद से वे अपने सरकारी आवास में रह रहे हैं। राबड़ी आवास में फिलहाल लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनकी फैमिली रहती है। लालू जेल गए थे तो राबड़ी को CM बनाया था… तभी से राबड़ी आवास 23 जून, 1997 को लालू समेत 55 लोगों के खिलाफ CBI ने चारा घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल की। उनके खिलाफ 63 केस दर्ज किए गए। लालू समझ गए थे कि गिरफ्तारी तय है। 25 जुलाई 1997 की शाम उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया और पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बनवाया। बाद में एक बार जब लालू से वंशवाद पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा था, ‘मैं राजनीति में शक्ति अर्जित करने के लिए आया हूं और मैं उसे सिर्फ इसलिए नहीं त्याग दूंगा, क्योंकि किसी ने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं। अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाकर मैंने क्या गलती कर दी? क्या मैं अपनी सत्ता अपने राजनीतिक विरोधियों के हाथों में सौंप देता?’ पत्नी को CM बनाने के बाद 30 जुलाई, 1997 को लालू यादव ने चारा घोटाला मामले में सरेंडर कर दिया और दिसंबर 1997 तक जेल में रहे। हालांकि लालू यादव RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। इसके बाद राबड़ी देवी को 2005 में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अलॉट किया गया था। राबड़ी आवास खाली किए जाने के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…