पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत की जांच हरियाणा पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने संभाल ली है। SIT इस केस में कोई जल्दबाजी दिखाने के मूड में नहीं है। इस केस में पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के साथ उनकी पत्नी व पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, उनकी बेटी व पुत्रवधू आरोपी हैं। हाईप्रोफाइल केस होने के कारण SIT का फोकस साइंटिफिक तथ्य जुटाने पर है। इस बीच मोहम्मद मुस्तफा ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में कहा कि 25 अक्टूबर को पंजाब में मलेरकोटला स्थित उनके आवास पर कलेक्टिव प्रेयर होगी। इसके बाद वह SIT के हर सवाल का जवाब देंगे। जांच में पूरा सहयोग करेंगे। 26 अक्टूबर को वह पंचकूला आवास पर पहुंचेंगे। हरियाणा पुलिस की SIT जब चाहे घर की तलाशी ले सकती है। जांच के लिए जो चीजें जरूरी हैं, मुहैया करवाई जाएंगी। उधर, इस मामले में शिकायत देने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने कहा कि उन्हें पंचकूला SIT की जांच पर भरोसा नहीं है। CBI जांच होनी चाहिए। खुद को अकील का दोस्त बताने वाले शमशुद्दीन ने कहा कि पंचकूला पुलिस घटना के 5 दिन बाद भी जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में नहीं ले पाई। आरोपी परिवार अपने घर में है और वह सबूत नष्ट कर सकता है, पुलिस इसकी चिंता नहीं कर रही। किन बिंदुओं पर जांच कर रही SIT… शमशुद्दीन चौधरी ने 3 प्वाइंट में दिया जवाब… 1. वोटर लिस्ट दिखाई, जिसमें वह मुस्तफा के पड़ोसी
पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने इस केस के शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी की नीयत पर कई सवाल उठाए थे। मुस्तफा ने कहा था कि शमशुद्दीन मलेरकोटला में उनका पड़ोसी भी नहीं है। इन आरोपों का जवाब देते हुए शमशुद्दीन ने कहा- वह कहते हैं कि मैं उनका पड़ोसी नहीं रहा और वह खुद को अमरगढ़ का रहने वाला बताते हैं। तो फिर उनका वोट हमारे पुराने मोहल्ले खडिगा में अब तक कैसे है? इसके साथ शमशुद्दीन ने वोटर लिस्ट का एक पेज भी मीडिया से शेयर किया। 2. किसी केस में सिफारिश के लिए नहीं मिला
शमशुद्दीन ने कहा- मेरे बारे में कहा गया कि मैं किसी केस में सिफारिश के लिए उनसे (मुस्तफा से) मिला था। मैं दावे से कह रहा हूं कि मुझ पर कहीं कोई केस दर्ज नहीं है। अगर है तो मुस्तफा उस FIR की कॉपी पेश करें। मेरी मोहम्मद मुस्तफा से जानकारी 2017 में हुई थी, जब उन्होंने मुझसे चुनाव में मदद मांगी थी। मैंने खराब व्यवहार के कारण उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था। 3. अकील के दिमागी इलाज के दावे पर संदेह
शिकायतकर्ता ने कहा- मुस्तफा कह रहे हैं कि उनके बेटे अकील की दिमागी हालात ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। सच ये है कि एक कोर्ट केस में इनका (मुस्तफा का) समन 2022 में बेटे अकील ने ही रिसीव किया है। तो फिर क्या कोर्ट के सामने इन्होंने गुमराह करने वाला काम किया ? शमशुद्दीन चौधरी की 2 नई मांगें… 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बेटे की हत्या के आरोप पर पूर्व DGP का बयान:बोले- वह मनोरोगी था; SIT इंचार्ज ने कहा- किसी के बोलने से साबित नहीं होगा हरियाणा के पंचकूला में पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला उलझता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एक अहम खुलासा हुआ है। अकील के शरीर पर, दाहिनी कोहनी से 7 सेंटीमीटर ऊपर, एक सिरिंज का सिंगल निशान मिला है। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत की जांच हरियाणा पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने संभाल ली है। SIT इस केस में कोई जल्दबाजी दिखाने के मूड में नहीं है। इस केस में पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के साथ उनकी पत्नी व पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, उनकी बेटी व पुत्रवधू आरोपी हैं। हाईप्रोफाइल केस होने के कारण SIT का फोकस साइंटिफिक तथ्य जुटाने पर है। इस बीच मोहम्मद मुस्तफा ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में कहा कि 25 अक्टूबर को पंजाब में मलेरकोटला स्थित उनके आवास पर कलेक्टिव प्रेयर होगी। इसके बाद वह SIT के हर सवाल का जवाब देंगे। जांच में पूरा सहयोग करेंगे। 26 अक्टूबर को वह पंचकूला आवास पर पहुंचेंगे। हरियाणा पुलिस की SIT जब चाहे घर की तलाशी ले सकती है। जांच के लिए जो चीजें जरूरी हैं, मुहैया करवाई जाएंगी। उधर, इस मामले में शिकायत देने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने कहा कि उन्हें पंचकूला SIT की जांच पर भरोसा नहीं है। CBI जांच होनी चाहिए। खुद को अकील का दोस्त बताने वाले शमशुद्दीन ने कहा कि पंचकूला पुलिस घटना के 5 दिन बाद भी जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में नहीं ले पाई। आरोपी परिवार अपने घर में है और वह सबूत नष्ट कर सकता है, पुलिस इसकी चिंता नहीं कर रही। किन बिंदुओं पर जांच कर रही SIT… शमशुद्दीन चौधरी ने 3 प्वाइंट में दिया जवाब… 1. वोटर लिस्ट दिखाई, जिसमें वह मुस्तफा के पड़ोसी
पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने इस केस के शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी की नीयत पर कई सवाल उठाए थे। मुस्तफा ने कहा था कि शमशुद्दीन मलेरकोटला में उनका पड़ोसी भी नहीं है। इन आरोपों का जवाब देते हुए शमशुद्दीन ने कहा- वह कहते हैं कि मैं उनका पड़ोसी नहीं रहा और वह खुद को अमरगढ़ का रहने वाला बताते हैं। तो फिर उनका वोट हमारे पुराने मोहल्ले खडिगा में अब तक कैसे है? इसके साथ शमशुद्दीन ने वोटर लिस्ट का एक पेज भी मीडिया से शेयर किया। 2. किसी केस में सिफारिश के लिए नहीं मिला
शमशुद्दीन ने कहा- मेरे बारे में कहा गया कि मैं किसी केस में सिफारिश के लिए उनसे (मुस्तफा से) मिला था। मैं दावे से कह रहा हूं कि मुझ पर कहीं कोई केस दर्ज नहीं है। अगर है तो मुस्तफा उस FIR की कॉपी पेश करें। मेरी मोहम्मद मुस्तफा से जानकारी 2017 में हुई थी, जब उन्होंने मुझसे चुनाव में मदद मांगी थी। मैंने खराब व्यवहार के कारण उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था। 3. अकील के दिमागी इलाज के दावे पर संदेह
शिकायतकर्ता ने कहा- मुस्तफा कह रहे हैं कि उनके बेटे अकील की दिमागी हालात ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। सच ये है कि एक कोर्ट केस में इनका (मुस्तफा का) समन 2022 में बेटे अकील ने ही रिसीव किया है। तो फिर क्या कोर्ट के सामने इन्होंने गुमराह करने वाला काम किया ? शमशुद्दीन चौधरी की 2 नई मांगें… 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बेटे की हत्या के आरोप पर पूर्व DGP का बयान:बोले- वह मनोरोगी था; SIT इंचार्ज ने कहा- किसी के बोलने से साबित नहीं होगा हरियाणा के पंचकूला में पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला उलझता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एक अहम खुलासा हुआ है। अकील के शरीर पर, दाहिनी कोहनी से 7 सेंटीमीटर ऊपर, एक सिरिंज का सिंगल निशान मिला है। पूरी खबर पढ़ें…