GMC Kathua की इमरजेंसी में बिना वर्दी डॉक्टर! मरीजों की जान से ये कैसी लापरवाही?

कठुआ के जीएमसी अस्पताल की इमरजेंसी से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां डॉक्टर बिना वर्दी यानी बिना एप्रन के ड्यूटी पर तैनात हैं। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को यह तक पता नहीं चलता कि कौन डॉक्टर है और कौन कोई बाहरी व्यक्ति।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति डॉक्टर बनकर किसी मरीज को इंजेक्शन लगा दे और मरीज की हालत बिगड़ जाए, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही इस बात से साफ झलकती है कि डॉक्टर और स्टाफ को वर्दी पहनने के नियमों की कोई परवाह नहीं। इमरजेंसी वार्ड में जहां हर सेकंड मरीज की जान से जुड़ा होता है, वहां पहचान का अभाव गंभीर खतरा बन सकता है।
लोगों की मांग है कि जीएमसी प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और यह सुनिश्चित करे कि ड्यूटी पर मौजूद हर डॉक्टर और नर्स पहचान योग्य वर्दी या एप्रन में ही नज़र आएं, ताकि मरीजों की सुरक्षा और भरोसा दोनों कायम रह सके।