अरुणाचल प्रदेश के एक स्कूल की 90 छात्राओं ने दो शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 65 किमी लंबा पैदल मार्च निकाला। वे अपने गांव से रात भर चलकर सुबह जिला मुख्यालय पहुंचीं। उनका आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बाद भी स्कूल में शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा रही थी। जिला मुख्यालय में जैसे ही छात्राएं अधिकरियों से मिलीं, प्रशासन को तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश देना पड़ा। स्कूल में दो महीने से भूगोल और राजनीतिक विज्ञान के शिक्षक नहीं थे। पहले समझें क्या है मामला दरअसल, पाकके केसांग जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में दो महीने से भूगोल और राजनीतिक विज्ञान के शिक्षकों की कमी थी। छात्राओं ने बताया कि वे लगातार शिकायत कर रही थीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। लड़कियां कक्षा 11 और 12 की छात्राएं हैं। उन्होंने रविवार को न्यांगनो गांव से मार्च शुरू किया और पूरी रात चलकर सोमवार सुबह लेम्मी पहुंचीं। छात्राओं ने कहा कि सुनवाई नहीं हो रही थी इसलिए उन्हें ये कदम उठाना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर बुधवार को वायरल हुआ। छात्राओं के मार्च की 3 तस्वीरें… 2011-12 में बना था स्कूल स्कूल की हेडमिस्ट्रेस ने माना कि भूगोल और राजनीतिक विज्ञान दो विषयों के टीचर्स नहीं हैं। बाकी विषयों में पर्याप्त टीचर हैं। स्कूल 2011-12 में बना था और गरीब लड़कियों की शिक्षा के लिए चलाया जाता है, जिसमें अब 90 से ज्यादा छात्राएं हैं। छात्राओं ने बिना बताए पैदल मार्च निकाला
डिप्टी डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन दीपक तायेंग ने कहा कि छात्राओं ने बिना बताए मार्च किया, लेकिन अब भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इस मार्च के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दे दी। पिछले महीने विभाग ने तीन शिक्षकों के लिए इंटरव्यू लिया था। इस घटना ने अभिभावकों और अधिकारियों को चौंका दिया, लेकिन छात्राओं की मेहनत रंग लाई। ———————————————- छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… काशी विद्यापीठ में छात्रों का स्पेशल बैक के खिलाफ प्रदर्शन, आरोप – ABVP के कार्यकर्ता को पास कराने के लिए परीक्षा हो रही इसी तरह पांच दिन पहले वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्पेशल बैक पेपर का शेड्यूल आते ही छात्रों का एक धड़ा विरोध पर उतर आया था। इसे लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय के परीक्षा कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और कार्यालय में तालाबंदी भी कर दिया था। उनकी मांग थी या तो सभी सेमेस्टर में इस स्पेशल बैक का प्रावधान हो वर्ना इसे रद्द किया जाएं। छात्रों ने आरोप लगाया था कि ABVP के एक कार्यकर्ता को पास करवाने के लिए यह स्पेशल बैक हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
अरुणाचल प्रदेश के एक स्कूल की 90 छात्राओं ने दो शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 65 किमी लंबा पैदल मार्च निकाला। वे अपने गांव से रात भर चलकर सुबह जिला मुख्यालय पहुंचीं। उनका आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बाद भी स्कूल में शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा रही थी। जिला मुख्यालय में जैसे ही छात्राएं अधिकरियों से मिलीं, प्रशासन को तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश देना पड़ा। स्कूल में दो महीने से भूगोल और राजनीतिक विज्ञान के शिक्षक नहीं थे। पहले समझें क्या है मामला दरअसल, पाकके केसांग जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में दो महीने से भूगोल और राजनीतिक विज्ञान के शिक्षकों की कमी थी। छात्राओं ने बताया कि वे लगातार शिकायत कर रही थीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। लड़कियां कक्षा 11 और 12 की छात्राएं हैं। उन्होंने रविवार को न्यांगनो गांव से मार्च शुरू किया और पूरी रात चलकर सोमवार सुबह लेम्मी पहुंचीं। छात्राओं ने कहा कि सुनवाई नहीं हो रही थी इसलिए उन्हें ये कदम उठाना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर बुधवार को वायरल हुआ। छात्राओं के मार्च की 3 तस्वीरें… 2011-12 में बना था स्कूल स्कूल की हेडमिस्ट्रेस ने माना कि भूगोल और राजनीतिक विज्ञान दो विषयों के टीचर्स नहीं हैं। बाकी विषयों में पर्याप्त टीचर हैं। स्कूल 2011-12 में बना था और गरीब लड़कियों की शिक्षा के लिए चलाया जाता है, जिसमें अब 90 से ज्यादा छात्राएं हैं। छात्राओं ने बिना बताए पैदल मार्च निकाला
डिप्टी डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन दीपक तायेंग ने कहा कि छात्राओं ने बिना बताए मार्च किया, लेकिन अब भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इस मार्च के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दे दी। पिछले महीने विभाग ने तीन शिक्षकों के लिए इंटरव्यू लिया था। इस घटना ने अभिभावकों और अधिकारियों को चौंका दिया, लेकिन छात्राओं की मेहनत रंग लाई। ———————————————- छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… काशी विद्यापीठ में छात्रों का स्पेशल बैक के खिलाफ प्रदर्शन, आरोप – ABVP के कार्यकर्ता को पास कराने के लिए परीक्षा हो रही इसी तरह पांच दिन पहले वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्पेशल बैक पेपर का शेड्यूल आते ही छात्रों का एक धड़ा विरोध पर उतर आया था। इसे लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय के परीक्षा कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और कार्यालय में तालाबंदी भी कर दिया था। उनकी मांग थी या तो सभी सेमेस्टर में इस स्पेशल बैक का प्रावधान हो वर्ना इसे रद्द किया जाएं। छात्रों ने आरोप लगाया था कि ABVP के एक कार्यकर्ता को पास करवाने के लिए यह स्पेशल बैक हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…