प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में प्राकृतिक आपदा, खेल-खिलाड़ी, इनोवेशन, शिक्षा, वोकल फॉर लोकल पर बात की। उन्होंने कहा- इस मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाएं हमारे देश की परीक्षा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों हमने भीषण बाढ़-भूस्खलन देखे। इन घटनाओं ने हर भारतीय को दुख पहुंचाया है। हम उन परिवारों के दुख में शामिल हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। जहां भी आपदाएं आईं, हमारे NDRF-SDRF के जवानों ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर, दिन-रात अथक परिश्रम किया है। पीएम ने कहा कि कई उम्मीदवार यूपीएससी की फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना सके। उनकी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रतिभा सेतु एप पर उपलब्ध कराई जा रही है। जो देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ शेयर की जाएगी, ताकि उन्हें इन कंपनियों में अच्छी जॉब मिल सके। पीएम ने कहा- सितंबर में हम हैदराबाद लिबरेशन डे मनाएंगे सितंबर में हम हैदराबाद लिबरेशन डे मनाएंगे। ये वही महीना है जब हम उन सभी वीरों के साहस को याद करते हैं जिन्होंने ऑपरेशन पोलो में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा- जब अगस्त 1947 में भारत को आजादी मिली, तो हैदराबाद अलग ही स्थिति में था। निजाम-रजाकारों के अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे। तिरंगा फहराने या ‘वंदे मातरम्’ कहने पर भी मौत के घाट उतार दिया जाता था। महिलाओं और गरीबों पर अत्याचार किए जाते थे। उस समय बाबा साहेब अंबेडकर ने भी चेतावनी दी थी कि ये समस्या बहुत बड़ी बनती जा रही है। सरदार पटेल ने मामले को अपने हाथ में लिया। उन्होंने सरकार को ऑपरेशन पोलो शुरू करने के लिए तैयार किया। रिकॉर्ड समय में हमारी सेनाओं ने हैदराबाद को निजाम की तानाशाही से आजाद कराया और उसे भारत का हिस्सा बनाया। पूरे देश ने इस सफलता का उत्सव मनाया। पीएम ने गिनाईं जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियां पीएम मोदी ने कहा- बाढ़ और बारिश से हुई तबाही के बीच जम्मू-कश्मीर ने दो बेहद खास उपलब्धियां भी हासिल की हैं। पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए। पुलवामा का पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच यहीं खेला गया। पहले यह नामुमकिन था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है। मन की बात में इन लोगों की जिक्र 22 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होता है मन की बात कार्यक्रम मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकास्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर से होती है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था। ‘मन की बात’ के पिछले चार एपिसोड की खबरें पढ़ें…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो शो ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में प्राकृतिक आपदा, खेल-खिलाड़ी, इनोवेशन, शिक्षा, वोकल फॉर लोकल पर बात की। उन्होंने कहा- इस मानसून के मौसम में प्राकृतिक आपदाएं हमारे देश की परीक्षा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों हमने भीषण बाढ़-भूस्खलन देखे। इन घटनाओं ने हर भारतीय को दुख पहुंचाया है। हम उन परिवारों के दुख में शामिल हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। जहां भी आपदाएं आईं, हमारे NDRF-SDRF के जवानों ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर, दिन-रात अथक परिश्रम किया है। पीएम ने कहा कि कई उम्मीदवार यूपीएससी की फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना सके। उनकी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रतिभा सेतु एप पर उपलब्ध कराई जा रही है। जो देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ शेयर की जाएगी, ताकि उन्हें इन कंपनियों में अच्छी जॉब मिल सके। पीएम ने कहा- सितंबर में हम हैदराबाद लिबरेशन डे मनाएंगे सितंबर में हम हैदराबाद लिबरेशन डे मनाएंगे। ये वही महीना है जब हम उन सभी वीरों के साहस को याद करते हैं जिन्होंने ऑपरेशन पोलो में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा- जब अगस्त 1947 में भारत को आजादी मिली, तो हैदराबाद अलग ही स्थिति में था। निजाम-रजाकारों के अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे थे। तिरंगा फहराने या ‘वंदे मातरम्’ कहने पर भी मौत के घाट उतार दिया जाता था। महिलाओं और गरीबों पर अत्याचार किए जाते थे। उस समय बाबा साहेब अंबेडकर ने भी चेतावनी दी थी कि ये समस्या बहुत बड़ी बनती जा रही है। सरदार पटेल ने मामले को अपने हाथ में लिया। उन्होंने सरकार को ऑपरेशन पोलो शुरू करने के लिए तैयार किया। रिकॉर्ड समय में हमारी सेनाओं ने हैदराबाद को निजाम की तानाशाही से आजाद कराया और उसे भारत का हिस्सा बनाया। पूरे देश ने इस सफलता का उत्सव मनाया। पीएम ने गिनाईं जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियां पीएम मोदी ने कहा- बाढ़ और बारिश से हुई तबाही के बीच जम्मू-कश्मीर ने दो बेहद खास उपलब्धियां भी हासिल की हैं। पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए। पुलवामा का पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच यहीं खेला गया। पहले यह नामुमकिन था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है। मन की बात में इन लोगों की जिक्र 22 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होता है मन की बात कार्यक्रम मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकास्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर से होती है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था। ‘मन की बात’ के पिछले चार एपिसोड की खबरें पढ़ें…