हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र का लगभग 2,000 आबादी वाला कठवा गांव लगातार बाढ़ के पानी से जूझ रहा है। गांव की मुख्य सड़क का करीब 100 मीटर का हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और खेत पूरी तरह जलमग्न हैं। हालात ऐसे है कि घुटने तक पानी जमा होने के कारण बाइक, कार, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही ठप हो चुकी है। गांव में आने-जाने के लिए केवल ट्रैक्टर और ट्रॉली का सहारा है। गांव के बाहर पार्किंग बना दी गई है, जहां बाइक और कार जैसे वाहन खड़े करने पड़ रहे है। गांववासियों को इमरजेंसी की स्थिति में ट्रैक्टर से ही पानी से गुजरना पड़ रहा है। छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा कठिनाई हो रही है। कठवा के लोगों के ये मुसीबतें एक दो दिन से नहीं, पूरे 2 महीने झेलते हुए हो गए हैं। इन 60 दिनों में 15वीं बार मारकंडा नदी उफान पर आई है। इस वर्ष मारकंडा नदी ने खतरे के निशान को पार करते हुए 28,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सबसे गंभीर हालात पैदा हुए। जानिए गांव कठवा से सटे इलाकों के हालात… अभी और बिगड़ रहे हालात
ग्रामीणों की माने तो ओवरफ्लो होने की वजह से मारकंडा नदी का पानी अभी भी गांव की तरफ तेजी से बह रहा है। गांव के खेत और सड़कें ओवरफ्लो होते ही नदी का पानी दूसरे गांव की तरफ रुख करेगा। पिछले सप्ताह भी मारकंडा ओवरफ्लो होने से गांव में पानी पहुंच गया था। गांव के बाहर पार्क कर रहे वाहन
गांव की मुख्य सड़क पर नदी का पानी बहने के कारण लोग अपनी बाइक और कारें गांव के बाहर पार्क कर रहे हैं। सड़क पर बहते पानी की वजह से वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। नौकरीपेशा लोग सुबह अपने वाहन गांव के बाहर से ले जाते हैं और शाम को वापस वहीं पार्क कर देते हैं। सबसे ज्यादा तबाही इस साल
ग्रामीण कमल कुमार बताते है कि 2023 की बाढ़ से पहले भी मारकंडा नदी ने तबाही मचाई थी, लेकिन इस साल सबसे ज्यादा बार नदी उफान पर रही। जब नदी का जल स्तर 20,000 क्यूसेक से ऊपर पहुंचता है तो आसपास के गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया जाता है। अन्य प्रभावित गांव और क्षेत्र
मारकंडा नदी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के काला अंब से निकलकर अंबाला, मुलाना, शाहाबाद, इस्माइलाबाद, पंजाब बॉर्डर और कैथल होते हुए राजस्थान तक जाती है। इस्माइलाबाद के नैसी में 2 महीने में दो बार तटबंध टूटा, कैंथला में पहली बार 150 एकड़ फसल प्रभावित हुई। मुलाना के हेमा माजरा गांव में भी 30,000 क्यूसेक से ऊपर पानी के कारण नुकसान हुआ। खतरे के निशान से ऊपर आई मारकंडा नदी
मारकंडा नदी का पानी इस सीजन में लगातार उफान पर रहा। 15,000 क्यूसेक से ऊपर होते ही पानी कठवा गांव में घुस जाता है। इस बार नदी के जलस्तर ने 20,000 क्यूसेक पार किया और दो महीने में 28,000 क्यूसेक तक पहुंच गया। इस दौरान तीन बार पानी खतरे के निशान के पास पहुंचा। शनिवार को मारकंडा में बने हालात की तस्वीरें.. ———————- बाढ़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा में लगातार 2 दिन बारिश:यमुना और मारकंडा नदी ओवरफ्लो, घग्गर डेंजर लेवल पर; सरकार ने पंजाब से पानी घटाने को चिट्ठी भेजी हरियाणा में कल (31 अगस्त), रविवार से लगातार 2 दिन हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी हो सकती है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग अध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि 2 और 3 सितंबर को हल्की बारिश होगी। उसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र का लगभग 2,000 आबादी वाला कठवा गांव लगातार बाढ़ के पानी से जूझ रहा है। गांव की मुख्य सड़क का करीब 100 मीटर का हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और खेत पूरी तरह जलमग्न हैं। हालात ऐसे है कि घुटने तक पानी जमा होने के कारण बाइक, कार, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही ठप हो चुकी है। गांव में आने-जाने के लिए केवल ट्रैक्टर और ट्रॉली का सहारा है। गांव के बाहर पार्किंग बना दी गई है, जहां बाइक और कार जैसे वाहन खड़े करने पड़ रहे है। गांववासियों को इमरजेंसी की स्थिति में ट्रैक्टर से ही पानी से गुजरना पड़ रहा है। छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा कठिनाई हो रही है। कठवा के लोगों के ये मुसीबतें एक दो दिन से नहीं, पूरे 2 महीने झेलते हुए हो गए हैं। इन 60 दिनों में 15वीं बार मारकंडा नदी उफान पर आई है। इस वर्ष मारकंडा नदी ने खतरे के निशान को पार करते हुए 28,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सबसे गंभीर हालात पैदा हुए। जानिए गांव कठवा से सटे इलाकों के हालात… अभी और बिगड़ रहे हालात
ग्रामीणों की माने तो ओवरफ्लो होने की वजह से मारकंडा नदी का पानी अभी भी गांव की तरफ तेजी से बह रहा है। गांव के खेत और सड़कें ओवरफ्लो होते ही नदी का पानी दूसरे गांव की तरफ रुख करेगा। पिछले सप्ताह भी मारकंडा ओवरफ्लो होने से गांव में पानी पहुंच गया था। गांव के बाहर पार्क कर रहे वाहन
गांव की मुख्य सड़क पर नदी का पानी बहने के कारण लोग अपनी बाइक और कारें गांव के बाहर पार्क कर रहे हैं। सड़क पर बहते पानी की वजह से वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। नौकरीपेशा लोग सुबह अपने वाहन गांव के बाहर से ले जाते हैं और शाम को वापस वहीं पार्क कर देते हैं। सबसे ज्यादा तबाही इस साल
ग्रामीण कमल कुमार बताते है कि 2023 की बाढ़ से पहले भी मारकंडा नदी ने तबाही मचाई थी, लेकिन इस साल सबसे ज्यादा बार नदी उफान पर रही। जब नदी का जल स्तर 20,000 क्यूसेक से ऊपर पहुंचता है तो आसपास के गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया जाता है। अन्य प्रभावित गांव और क्षेत्र
मारकंडा नदी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के काला अंब से निकलकर अंबाला, मुलाना, शाहाबाद, इस्माइलाबाद, पंजाब बॉर्डर और कैथल होते हुए राजस्थान तक जाती है। इस्माइलाबाद के नैसी में 2 महीने में दो बार तटबंध टूटा, कैंथला में पहली बार 150 एकड़ फसल प्रभावित हुई। मुलाना के हेमा माजरा गांव में भी 30,000 क्यूसेक से ऊपर पानी के कारण नुकसान हुआ। खतरे के निशान से ऊपर आई मारकंडा नदी
मारकंडा नदी का पानी इस सीजन में लगातार उफान पर रहा। 15,000 क्यूसेक से ऊपर होते ही पानी कठवा गांव में घुस जाता है। इस बार नदी के जलस्तर ने 20,000 क्यूसेक पार किया और दो महीने में 28,000 क्यूसेक तक पहुंच गया। इस दौरान तीन बार पानी खतरे के निशान के पास पहुंचा। शनिवार को मारकंडा में बने हालात की तस्वीरें.. ———————- बाढ़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा में लगातार 2 दिन बारिश:यमुना और मारकंडा नदी ओवरफ्लो, घग्गर डेंजर लेवल पर; सरकार ने पंजाब से पानी घटाने को चिट्ठी भेजी हरियाणा में कल (31 अगस्त), रविवार से लगातार 2 दिन हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी हो सकती है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग अध्यक्ष डा. मदन खीचड़ ने बताया कि 2 और 3 सितंबर को हल्की बारिश होगी। उसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है। (पूरी खबर पढ़ें)