पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बरसात और नदियों में आए उफान के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। बाढ़ जैसे हालातों के चलते रेल और सड़क यातायात बुरी तरह बाधित हो रहा है। इसी कड़ी में सोनीपत डिपो से चलने वाली पठानकोट, अमृतसर और कटरा रूट की बस सेवाएं पिछले पांच दिनों से बंद हैं। इससे न सिर्फ यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि सोनीपत रोडवेज विभाग को भी लाखों का राजस्व नुकसान हो रहा है। भारी बरसात के चलते सोनीपत डिपो से चलने वाली कटरा, अमृतसर और पठानकोट रूट की बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जालंधर के आगे रास्ता बंद होने से बसों को वहीं से वापस लौटना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप यात्रियों को या तो सफर अधूरा छोड़ना पड़ रहा है या फिर ऑप्शनल साधन तलाशने पड़ रहे हैं। रोडवेज को हो रहा राजस्व का नुकसान रोडवेज अधिकारियों का बस सेवाएं बंद होने का असर सीधे रोडवेज की आय पर पड़ा है। सोनीपत बस डिपो को प्रतिदिन लगभग 70 हजार रुपए का राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक करीब 3.5 लाख रुपए से अधिक का घाटा हो चुका है। चूंकि स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है, इसलिए घाटा और बढ़ने की संभावना है। श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित सबसे अधिक परेशानी माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ रही है। सोनीपत से रोजाना तीन बसें कटरा के लिए रवाना होती थीं, लेकिन अब यात्रियों को जालंधर से ही लौटना पड़ रहा है। रेल मार्ग पहले से बंद है, ऐसे में बसें ही श्रद्धालुओं का एकमात्र सहारा थीं। अब यात्रियों को अपनी यात्रा टालनी पड़ रही है। अमृतसर जाने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें अमृतसर भी धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग सोनीपत से सफर करते हैं। लेकिन बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण इन यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों की बुकिंग रद्द करनी पड़ी है। अन्य रूटों पर राहत गनीमत यह है कि शिमला, सुजानपुर और अन्य पहाड़ी रूटों पर बस सेवाएं सामान्य बनी हुई हैं। लंबी दूरी की कई बसें, जिनमें एसी बसें भी शामिल हैं, सुचारू रूप से चलाई जा रही हैं। इससे यात्रियों को आंशिक राहत मिल रही है। रोडवेज विभाग की अपील सोनीपत बस डिपो के जीएम संजय कुमार ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है। इसलिए फिलहाल बसों को जालंधर तक ही भेजा जा रहा है। जैसे ही मौसम सामान्य होगा और रास्ते सुरक्षित होंगे, बस सेवाएं पुनः शुरू कर दी जाएंगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बरसात और नदियों में आए उफान के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। बाढ़ जैसे हालातों के चलते रेल और सड़क यातायात बुरी तरह बाधित हो रहा है। इसी कड़ी में सोनीपत डिपो से चलने वाली पठानकोट, अमृतसर और कटरा रूट की बस सेवाएं पिछले पांच दिनों से बंद हैं। इससे न सिर्फ यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि सोनीपत रोडवेज विभाग को भी लाखों का राजस्व नुकसान हो रहा है। भारी बरसात के चलते सोनीपत डिपो से चलने वाली कटरा, अमृतसर और पठानकोट रूट की बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जालंधर के आगे रास्ता बंद होने से बसों को वहीं से वापस लौटना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप यात्रियों को या तो सफर अधूरा छोड़ना पड़ रहा है या फिर ऑप्शनल साधन तलाशने पड़ रहे हैं। रोडवेज को हो रहा राजस्व का नुकसान रोडवेज अधिकारियों का बस सेवाएं बंद होने का असर सीधे रोडवेज की आय पर पड़ा है। सोनीपत बस डिपो को प्रतिदिन लगभग 70 हजार रुपए का राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक करीब 3.5 लाख रुपए से अधिक का घाटा हो चुका है। चूंकि स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है, इसलिए घाटा और बढ़ने की संभावना है। श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित सबसे अधिक परेशानी माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को झेलनी पड़ रही है। सोनीपत से रोजाना तीन बसें कटरा के लिए रवाना होती थीं, लेकिन अब यात्रियों को जालंधर से ही लौटना पड़ रहा है। रेल मार्ग पहले से बंद है, ऐसे में बसें ही श्रद्धालुओं का एकमात्र सहारा थीं। अब यात्रियों को अपनी यात्रा टालनी पड़ रही है। अमृतसर जाने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें अमृतसर भी धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग सोनीपत से सफर करते हैं। लेकिन बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण इन यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों की बुकिंग रद्द करनी पड़ी है। अन्य रूटों पर राहत गनीमत यह है कि शिमला, सुजानपुर और अन्य पहाड़ी रूटों पर बस सेवाएं सामान्य बनी हुई हैं। लंबी दूरी की कई बसें, जिनमें एसी बसें भी शामिल हैं, सुचारू रूप से चलाई जा रही हैं। इससे यात्रियों को आंशिक राहत मिल रही है। रोडवेज विभाग की अपील सोनीपत बस डिपो के जीएम संजय कुमार ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है। इसलिए फिलहाल बसों को जालंधर तक ही भेजा जा रहा है। जैसे ही मौसम सामान्य होगा और रास्ते सुरक्षित होंगे, बस सेवाएं पुनः शुरू कर दी जाएंगी।