हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को नगर परिषद और नगर निगम संशोधन विधेयक पारित हो गया। इसके बाद राज्य सरकार नवगठित नगर पालिकाओं और निगमों के चुनावों को 2 साल तक टाल सकेगी। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गैर मौजूदगी में आज (शुक्रवार को) ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने संशोधन विधेयक सदन में पेश किया। इसके बाद विधेयक पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से पारित किया गया। राज्य सरकार ने इस साल 3 निगम (हमीरपुर, ऊना व बद्दी) और 3 नगर परिषद नए बनाए हैं। ऐसे में विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद इस साल दिसंबर में प्रस्ताव चुनाव टाले जा सकेंगे। वहीं स्टेट इलेक्शन कमीशन नए नगर निकाय में भी चुनाव कराने की तैयारी कर चुका था। इसके लिए आरक्षण रोस्टर लगाने और वोटरों की मैपिंग के निर्देश दे दिए गए थे। मगर अब नवगठित निकाय के गठन के दो साल बाद चुनाव करवाए जाएंगे। सदन में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, BJP विधायक राकेश जम्वाल और सतपाल सिंह सती समेत बीजेपी विधायकों ने इस कदम की आलोचना की। उन्होंने इसे अवैध बताया और अदालत में चुनौती देने की संभावना जताई। अधिकारियों की एक्सटेंशन पर हंगामा हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आज (शुक्रवार को) अधिकारियों-कर्मचारियों को एक्सटेंशन और री-इम्प्लायमेंट देने का मामला गूंजा। प्रश्नकाल में BJP के चार विधायकों ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। सतपाल सिंह सत्ती और विक्रम ठाकुर ने सरकार पर एक्सटेंशन और री-इम्प्लायमेंट से संबंधित जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। सत्ती ने कहा, राज्य सरकार इतने सारे अधिकारियों को पुनर्नियुक्ति क्यों दे रही है,जबकि एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनर को समय पर वेतन-पेंशन भी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि, पेंशनभोगियों को हर महीने अपने बकाया भुगतान के लिए बेचैनी से इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा, सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं क्योंकि वह नियमित बकाया भुगतान करने में असमर्थ है। डिप्टी सीएम बोले- जानकारी बहुत ज्यादा, इसलिए समय लगेगा इसके जवाब में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, यह जानकारी बहुत ज़्यादा है और उसे इकट्ठा करने में समय लगेगा। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि जैसे ही सूचना इकट्ठी होती है जानकारी उपलब्ध करा जाएगी। एचआरटीसी के वेतन और पेंशन के मुद्दे पर, अग्निहोत्री ने स्वीकार किया कि कुछ देरी हुई है, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कांग्रेस सरकार नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। HRTC की पेंशन का मामला वित्त विभाग से उठाया जा रहा मुकेश ने कहा, पेंशन में देरी का मामला वित्त विभाग के समक्ष उठाया जा रहा है और इसे जल्द ही सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सदन को सूचित करना चाहता हूं कि सभी एचआरटीसी कर्मचारियों की पेंशन आज, 29 अगस्त को जारी कर दी गई है। अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि दोनों मुद्दे गंभीर हैं, लेकिन इन्हें एक-दूसरे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को आश्वासन दिया कि सरकार भुगतान प्रणाली को दुरुस्त करने और समय पर भुगतान के अपने ट्रैक रिकॉर्ड को बेहतर बनाने के लिए वित्त विभाग के साथ लगातार काम कर रही है। संस्थान बंद करने को लेकर भी नोकझोंक सदन में आज नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के बीच भी संस्थान बंद करने को लेकर नोकझोंक हो गई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि तीन साल में सरकार ने केवल पूर्व सरकार द्वारा खोले संस्थानों को बंद करने का काम किया है। सदन में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह मौजूद नहीं है। वहीं स्पीकर का भी आज चंबा-भरमौर जाने का कार्यक्रम था। मगर वह नहीं गए।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को नगर परिषद और नगर निगम संशोधन विधेयक पारित हो गया। इसके बाद राज्य सरकार नवगठित नगर पालिकाओं और निगमों के चुनावों को 2 साल तक टाल सकेगी। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गैर मौजूदगी में आज (शुक्रवार को) ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने संशोधन विधेयक सदन में पेश किया। इसके बाद विधेयक पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से पारित किया गया। राज्य सरकार ने इस साल 3 निगम (हमीरपुर, ऊना व बद्दी) और 3 नगर परिषद नए बनाए हैं। ऐसे में विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद इस साल दिसंबर में प्रस्ताव चुनाव टाले जा सकेंगे। वहीं स्टेट इलेक्शन कमीशन नए नगर निकाय में भी चुनाव कराने की तैयारी कर चुका था। इसके लिए आरक्षण रोस्टर लगाने और वोटरों की मैपिंग के निर्देश दे दिए गए थे। मगर अब नवगठित निकाय के गठन के दो साल बाद चुनाव करवाए जाएंगे। सदन में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, BJP विधायक राकेश जम्वाल और सतपाल सिंह सती समेत बीजेपी विधायकों ने इस कदम की आलोचना की। उन्होंने इसे अवैध बताया और अदालत में चुनौती देने की संभावना जताई। अधिकारियों की एक्सटेंशन पर हंगामा हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आज (शुक्रवार को) अधिकारियों-कर्मचारियों को एक्सटेंशन और री-इम्प्लायमेंट देने का मामला गूंजा। प्रश्नकाल में BJP के चार विधायकों ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। सतपाल सिंह सत्ती और विक्रम ठाकुर ने सरकार पर एक्सटेंशन और री-इम्प्लायमेंट से संबंधित जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। सत्ती ने कहा, राज्य सरकार इतने सारे अधिकारियों को पुनर्नियुक्ति क्यों दे रही है,जबकि एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनर को समय पर वेतन-पेंशन भी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि, पेंशनभोगियों को हर महीने अपने बकाया भुगतान के लिए बेचैनी से इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा, सरकार की प्राथमिकताएं गलत हैं क्योंकि वह नियमित बकाया भुगतान करने में असमर्थ है। डिप्टी सीएम बोले- जानकारी बहुत ज्यादा, इसलिए समय लगेगा इसके जवाब में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, यह जानकारी बहुत ज़्यादा है और उसे इकट्ठा करने में समय लगेगा। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि जैसे ही सूचना इकट्ठी होती है जानकारी उपलब्ध करा जाएगी। एचआरटीसी के वेतन और पेंशन के मुद्दे पर, अग्निहोत्री ने स्वीकार किया कि कुछ देरी हुई है, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कांग्रेस सरकार नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। HRTC की पेंशन का मामला वित्त विभाग से उठाया जा रहा मुकेश ने कहा, पेंशन में देरी का मामला वित्त विभाग के समक्ष उठाया जा रहा है और इसे जल्द ही सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सदन को सूचित करना चाहता हूं कि सभी एचआरटीसी कर्मचारियों की पेंशन आज, 29 अगस्त को जारी कर दी गई है। अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि दोनों मुद्दे गंभीर हैं, लेकिन इन्हें एक-दूसरे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को आश्वासन दिया कि सरकार भुगतान प्रणाली को दुरुस्त करने और समय पर भुगतान के अपने ट्रैक रिकॉर्ड को बेहतर बनाने के लिए वित्त विभाग के साथ लगातार काम कर रही है। संस्थान बंद करने को लेकर भी नोकझोंक सदन में आज नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के बीच भी संस्थान बंद करने को लेकर नोकझोंक हो गई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि तीन साल में सरकार ने केवल पूर्व सरकार द्वारा खोले संस्थानों को बंद करने का काम किया है। सदन में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह मौजूद नहीं है। वहीं स्पीकर का भी आज चंबा-भरमौर जाने का कार्यक्रम था। मगर वह नहीं गए।