खालिस्तानी समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू अपने साथी जश्नप्रीत सिंह के कथित एनकाउंटर पर भड़क गया है। पन्नू ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि 15 अगस्त को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में सफर न करें। वीडियो में उसने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि मान सरकार ने खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ “पहली गोली” चला दी है और “गोली का जवाब गोली” से दिया जाएगा। पन्नू ने सीएम मान के विदेश दौरे की जानकारी देने वाले को इनाम देने का भी ऐलान किया। उसने जश्नप्रीत को खालिस्तान जनमत संग्रह का कार्यकर्ता बताया और एनकाउंटर को “फर्जी” व “राज्य प्रायोजित आतंक” करार देते हुए आरोप लगाया कि यह घटना मुख्यमंत्री मान के आदेश पर हुई और इसका बदला जरूर लिया जाएगा। 15 अगस्त को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को उड़ाने की साजिश
वीडियो संदेश में पन्नू ने धमकी देते हुए दावा किया है कि 15 अगस्त को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को निशाना बनाया जाएगा। इन्हें उड़ाने की साजिश रची जा रही है। उसने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि 15 अगस्त के दिन किसी भी हालत में दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में सफर न करें। इसके साथ ही, उसने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री मान के फरीदकोट में होने वाले तिरंगा समारोह से भी दूर रहें। जवाबी कार्रवाई की धमकी
पन्नू ने दावा किया कि जश्नप्रीत की मौत का बदला सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि इसकी गूंज देश और विदेश में सुनाई देगी। उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाने और “मान सरकार के खिलाफ जवाबी कार्रवाई” करने का एलान किया। जानें जश्नप्रीत को, जिसने लिखे थे अमृतसर में नारे
जश्नप्रीत सिंह, वही युवक है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर अमृतसर में तीन जगहों, शिवाला मंदिर बाग भाइयां, कचहरी परिसर और खालसा कॉलेज में खालिस्तानी नारे लिखे थे। अमृतसर में खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी पेंट करने के आरोपी जश्नप्रीत सिंह को हथियार बरामदगी के लिए ले जाने के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया था। अधिकारियों के मुताबिक, जश्नप्रीत, जो बटाला के दरगाबाद गांव का रहने वाला है, को एक नाबालिग के साथ 7 और 8 अगस्त की दरमियानी रात अमृतसर में नारे लिखे थे। पुलिस ने जश्नप्रीत से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर एक ग्लॉक 9mm पिस्तौल बरामद करने के लिए उसे मौके पर ले जाया। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार से ही जश्नप्रीत ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से आरोपी के पैर में चोट आई। जिससे जश्नप्रीत घायल हो गया।
खालिस्तानी समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू अपने साथी जश्नप्रीत सिंह के कथित एनकाउंटर पर भड़क गया है। पन्नू ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि 15 अगस्त को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में सफर न करें। वीडियो में उसने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि मान सरकार ने खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ “पहली गोली” चला दी है और “गोली का जवाब गोली” से दिया जाएगा। पन्नू ने सीएम मान के विदेश दौरे की जानकारी देने वाले को इनाम देने का भी ऐलान किया। उसने जश्नप्रीत को खालिस्तान जनमत संग्रह का कार्यकर्ता बताया और एनकाउंटर को “फर्जी” व “राज्य प्रायोजित आतंक” करार देते हुए आरोप लगाया कि यह घटना मुख्यमंत्री मान के आदेश पर हुई और इसका बदला जरूर लिया जाएगा। 15 अगस्त को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को उड़ाने की साजिश
वीडियो संदेश में पन्नू ने धमकी देते हुए दावा किया है कि 15 अगस्त को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को निशाना बनाया जाएगा। इन्हें उड़ाने की साजिश रची जा रही है। उसने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि 15 अगस्त के दिन किसी भी हालत में दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में सफर न करें। इसके साथ ही, उसने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री मान के फरीदकोट में होने वाले तिरंगा समारोह से भी दूर रहें। जवाबी कार्रवाई की धमकी
पन्नू ने दावा किया कि जश्नप्रीत की मौत का बदला सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि इसकी गूंज देश और विदेश में सुनाई देगी। उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाने और “मान सरकार के खिलाफ जवाबी कार्रवाई” करने का एलान किया। जानें जश्नप्रीत को, जिसने लिखे थे अमृतसर में नारे
जश्नप्रीत सिंह, वही युवक है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर अमृतसर में तीन जगहों, शिवाला मंदिर बाग भाइयां, कचहरी परिसर और खालसा कॉलेज में खालिस्तानी नारे लिखे थे। अमृतसर में खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी पेंट करने के आरोपी जश्नप्रीत सिंह को हथियार बरामदगी के लिए ले जाने के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया था। अधिकारियों के मुताबिक, जश्नप्रीत, जो बटाला के दरगाबाद गांव का रहने वाला है, को एक नाबालिग के साथ 7 और 8 अगस्त की दरमियानी रात अमृतसर में नारे लिखे थे। पुलिस ने जश्नप्रीत से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर एक ग्लॉक 9mm पिस्तौल बरामद करने के लिए उसे मौके पर ले जाया। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार से ही जश्नप्रीत ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से आरोपी के पैर में चोट आई। जिससे जश्नप्रीत घायल हो गया।