गोल्ड को दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में गिना जाता है। अब वैज्ञानिकों ने ऐसा बैक्टीरिया खोजा है, जिसकी पॉटी से 24 कैरेट सोना निकलता है। वहीं एक ऐसा नमक जिससे बैटरी की पावर 10 गुना बढ़ेगी। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा बैक्टीरिया खोजा है, जो जहरीली मिट्टी को खाकर पॉटी में 24 कैरेट सोना निकालता है। इस अनोखे बैक्टीरिया का नाम ‘कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स’ है। यह जहरीली मिट्टी में रहता है और सोना-तांबा जैसी धातुओं को पचाता है। दरअसल, ये बैक्टीरिया अपने अंदर एक खास केमिकल प्रोसेस करता है, जिससे जहरीली धातुओं को सोने के महीन कणों में बदल देता है, और फिर उन्हें बाहर निकाल देता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये खोज सोने के माइनिंग के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। आज सोने की खुदाई से पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है, पर इस बैक्टीरिया की मदद से कम प्रदूषण में, सस्ते में और टिकाऊ तरीके से सोना निकाला जा सकेगा। यह इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट और खदान के बचे हुए हिस्से से भी सोना निकालने में मदद कर सकता है, जिससे कचरा भी काम आ जाएगा। सऊदी अरब के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नमक खोजा है, जिससे बैटरी की पावर 10 गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन बैटरियों में पानी का घोल इस्तेमाल होता है, उनमें ‘फ्री वाटर’ नाम के कण होते हैं, जो बैटरी को जल्दी खराब कर देते हैं। अब ऐसा पाया गया कि अगर जिंक सल्फेट जैसा एक खास ‘नमक’ मिला दिया जाए, तो ये ‘फ्री वाटर’ कण कंट्रोल हो जाते हैं, और बैटरी की लाइफ अचानक 10 गुना बढ़ जाती है! ये ‘नमक’ बहुत सस्ता है और आसानी से मिल जाता है, जिससे बैटरियां सस्ती और ज्यादा सेफ बनेंगी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ये खोज सौर ऊर्जा जैसे बड़े बिजली सिस्टम के लिए बैटरी बनाने में बहुत काम आएगी, क्योंकि ये लिथियम बैटरियों से ज़्यादा सुरक्षित और टिकाऊ होंगी। हाल ही में गूगल को एक अजीबोगरीब मामले में लगभग 11 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ा। दरअसल, गूगल स्ट्रीट व्यू की कार ने एक शख्स को उसके अपने घर के पिछले हिस्से में नग्न अवस्था में ही कैमरे में कैद कर लिया था। यह घटना 2017 में अर्जेंटीना में हुई थी। इसके खिलाफ शख्स ने 2019 में कोर्ट में केस किया। इसमें कहा कि इस तस्वीर से उसकी बहुत बेइज्जती हुई और उसे अपने काम और पड़ोसियों के बीच मजाक का सामना करना पड़ा। गूगल ने तस्वीर में उसका घर नंबर या गली का नाम भी धुंधला नहीं किया था। पहले तो कोर्ट ने केस खारिज कर दिया, लेकिन बाद में एक ऊपरी अदालत ने शख्स के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि यह ‘निजता का सीधा उल्लंघन’ है, क्योंकि तस्वीर घर के अंदर की ली गई थी। स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच बसा एक छोटा सा देश है लिचटेंस्टीन, जिसकी गिनती दुनिया के सबसे अमीर और खुशहाल देशों में होती है। यहां का क्राइम रेट करीब जीरो है। पूरे देश में सिर्फ 100 पुलिस अधिकारी हैं, और जेल में इस वक्त केवल सात लोग बंद हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस देश की अपनी कोई भाषा या मुद्रा भी नहीं है। यहां लोग स्विस फ्रैंक का इस्तेमाल करते हैं और ज्यादातर जर्मन बोलते हैं। अमीर देश होने के बावजूद यहां कोई एयरपोर्ट नहीं है, इसलिए विदेश यात्रा के लिए लोगों को पड़ोसी देश से फ्लाइट लेनी पड़ती है। बिना काम किए भी होती है कमाई
इस देश में लोगों को कमाने के लिए भी नौकरी या काम करने की खास जरूरत नहीं पड़ती। यहां लोग रियल एस्टेट, रॉयल्टी, पर्यटन और अन्य व्यवसायों से कमाई करते हैं। इस देश पर ना तो कोई बाहरी कर्ज है और ना ही नागरिकों से ज्यादा टैक्स वसूला जाता है। पूरी दुनिया से लोग यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने पहुंचते हैं। कर्नाटक के जोसेफ लोबो नाम के एक किसान अपनी छत पर दुनिया के सबसे महंगे आम, ‘मियाजाकी’ उगाते हैं। यह आम ₹2.5 लाख से ₹3 लाख प्रति किलो बिकता है, फिर भी जोसेफ इसे बाजार में नहीं बेचते, बल्कि अपने दोस्तों और परिवार को मुफ्त में बांट देते हैं। जोसेफ का कहना है कि उन्होंने इसे व्यवसाय नहीं बनाया, क्योंकि ‘ईश्वर ने हमें प्रकृति का वरदान दिया है और बदले में वह चाहता है कि हम दूसरों के साथ उदारता से बांटें।’ जोसेफ ने 2010 में अपनी छत पर ही खेती शुरू की थी और 2015 में हाइड्रोपोनिक तरीके (बिना मिट्टी के पानी में खेती) अपनाई। अब वे मियाजाकी आम के पौधे ₹3000 में बेचते हैं और खेती सिखाते भी हैं। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
गोल्ड को दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में गिना जाता है। अब वैज्ञानिकों ने ऐसा बैक्टीरिया खोजा है, जिसकी पॉटी से 24 कैरेट सोना निकलता है। वहीं एक ऐसा नमक जिससे बैटरी की पावर 10 गुना बढ़ेगी। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा बैक्टीरिया खोजा है, जो जहरीली मिट्टी को खाकर पॉटी में 24 कैरेट सोना निकालता है। इस अनोखे बैक्टीरिया का नाम ‘कप्रीएविडस मेटालिड्यूरन्स’ है। यह जहरीली मिट्टी में रहता है और सोना-तांबा जैसी धातुओं को पचाता है। दरअसल, ये बैक्टीरिया अपने अंदर एक खास केमिकल प्रोसेस करता है, जिससे जहरीली धातुओं को सोने के महीन कणों में बदल देता है, और फिर उन्हें बाहर निकाल देता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये खोज सोने के माइनिंग के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। आज सोने की खुदाई से पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है, पर इस बैक्टीरिया की मदद से कम प्रदूषण में, सस्ते में और टिकाऊ तरीके से सोना निकाला जा सकेगा। यह इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट और खदान के बचे हुए हिस्से से भी सोना निकालने में मदद कर सकता है, जिससे कचरा भी काम आ जाएगा। सऊदी अरब के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नमक खोजा है, जिससे बैटरी की पावर 10 गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन बैटरियों में पानी का घोल इस्तेमाल होता है, उनमें ‘फ्री वाटर’ नाम के कण होते हैं, जो बैटरी को जल्दी खराब कर देते हैं। अब ऐसा पाया गया कि अगर जिंक सल्फेट जैसा एक खास ‘नमक’ मिला दिया जाए, तो ये ‘फ्री वाटर’ कण कंट्रोल हो जाते हैं, और बैटरी की लाइफ अचानक 10 गुना बढ़ जाती है! ये ‘नमक’ बहुत सस्ता है और आसानी से मिल जाता है, जिससे बैटरियां सस्ती और ज्यादा सेफ बनेंगी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ये खोज सौर ऊर्जा जैसे बड़े बिजली सिस्टम के लिए बैटरी बनाने में बहुत काम आएगी, क्योंकि ये लिथियम बैटरियों से ज़्यादा सुरक्षित और टिकाऊ होंगी। हाल ही में गूगल को एक अजीबोगरीब मामले में लगभग 11 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ा। दरअसल, गूगल स्ट्रीट व्यू की कार ने एक शख्स को उसके अपने घर के पिछले हिस्से में नग्न अवस्था में ही कैमरे में कैद कर लिया था। यह घटना 2017 में अर्जेंटीना में हुई थी। इसके खिलाफ शख्स ने 2019 में कोर्ट में केस किया। इसमें कहा कि इस तस्वीर से उसकी बहुत बेइज्जती हुई और उसे अपने काम और पड़ोसियों के बीच मजाक का सामना करना पड़ा। गूगल ने तस्वीर में उसका घर नंबर या गली का नाम भी धुंधला नहीं किया था। पहले तो कोर्ट ने केस खारिज कर दिया, लेकिन बाद में एक ऊपरी अदालत ने शख्स के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि यह ‘निजता का सीधा उल्लंघन’ है, क्योंकि तस्वीर घर के अंदर की ली गई थी। स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच बसा एक छोटा सा देश है लिचटेंस्टीन, जिसकी गिनती दुनिया के सबसे अमीर और खुशहाल देशों में होती है। यहां का क्राइम रेट करीब जीरो है। पूरे देश में सिर्फ 100 पुलिस अधिकारी हैं, और जेल में इस वक्त केवल सात लोग बंद हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस देश की अपनी कोई भाषा या मुद्रा भी नहीं है। यहां लोग स्विस फ्रैंक का इस्तेमाल करते हैं और ज्यादातर जर्मन बोलते हैं। अमीर देश होने के बावजूद यहां कोई एयरपोर्ट नहीं है, इसलिए विदेश यात्रा के लिए लोगों को पड़ोसी देश से फ्लाइट लेनी पड़ती है। बिना काम किए भी होती है कमाई
इस देश में लोगों को कमाने के लिए भी नौकरी या काम करने की खास जरूरत नहीं पड़ती। यहां लोग रियल एस्टेट, रॉयल्टी, पर्यटन और अन्य व्यवसायों से कमाई करते हैं। इस देश पर ना तो कोई बाहरी कर्ज है और ना ही नागरिकों से ज्यादा टैक्स वसूला जाता है। पूरी दुनिया से लोग यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने पहुंचते हैं। कर्नाटक के जोसेफ लोबो नाम के एक किसान अपनी छत पर दुनिया के सबसे महंगे आम, ‘मियाजाकी’ उगाते हैं। यह आम ₹2.5 लाख से ₹3 लाख प्रति किलो बिकता है, फिर भी जोसेफ इसे बाजार में नहीं बेचते, बल्कि अपने दोस्तों और परिवार को मुफ्त में बांट देते हैं। जोसेफ का कहना है कि उन्होंने इसे व्यवसाय नहीं बनाया, क्योंकि ‘ईश्वर ने हमें प्रकृति का वरदान दिया है और बदले में वह चाहता है कि हम दूसरों के साथ उदारता से बांटें।’ जोसेफ ने 2010 में अपनी छत पर ही खेती शुरू की थी और 2015 में हाइड्रोपोनिक तरीके (बिना मिट्टी के पानी में खेती) अपनाई। अब वे मियाजाकी आम के पौधे ₹3000 में बेचते हैं और खेती सिखाते भी हैं। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…