इंदौर के खजराना इलाके में मॉडर्न शैली में गणेश प्रतिमा बनाने को लेकर रविवार शाम को विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा बनाने वाले बंगाली कलाकारों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं न उनके मुंह काले कर दिए और उन्हें खजराना थाने लेकर पहुंचे। पुलिस ने कारीगरों के खिलाफ केस दर्ज कर, कार्रवाई शुरू कर दी है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये कलाकार पहले भी देवी प्रतिमाओं को बुर्का पहना चुके हैं। हालांकि पिछले साल पुलिस की जांच में शिकायत सही नहीं पाई गई थी। गणेश प्रतिमाओं की आपत्तिजनक मुद्रा पर विवाद
कारीगर मॉडलिंग करती युवती को हाथों में उठाए हुए श्री गणेश की प्रतिमा बना रहे थे। यह बात बजरंग दल कार्यकर्ताओं को पता चली, तो कार्यकर्ताओं के साथ बजरंग दल विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर मूर्तिकार के कारखाना पहुंच गए। कार्यकर्ता वहां बनाई जा रही गणेश प्रतिमाओं को देखकर इतने नाराज हुए और कारीगरों का मुंह काला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। धार्मिक भावनाएं भड़काने की लिखित शिकायत
कारीगरों को लेकर थाने पहुंचे कार्यकर्ताओं की एएसआई सुरेंद्र सिंह से बहस हो गई। इसके बाद टीआई को सूचना दी गई। बजरंग दल के संयोजक लक्की रघुवंशी ने मूर्तिकार चंद्रनाथ पाल, रतनलाल पाल, राजू पाल के खिलाफ मॉडर्न मूर्तियां बनाकर धार्मिक भावनाएं भड़काने की लिखित शिकायत की। मजदूरों का वेरिफिकेशन नहीं करने का आरोप
बजरंग दल के संयोजक लक्की रघुवंशी ने बताया कि इससे पहले भी इन कलाकारों ने देवी प्रतिमा को बुर्का पहनाकर धार्मिक भावनाओं को आहत किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में 50 से ज्यादा मजदूर कारीगरों के साथ काम कर रहे हैं, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ है। इस घटना के बाद पुलिस कारीगरों और मजदूरों के दस्तावेज चेक कर रही है। पुलिस ने मूर्तिकारों को सावधानी बरतने को कहा
खजराना टीआई मनोज सेंधव का कहना है कि मूर्तिकारों की मीटिंग ली है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि मूर्ति के निर्माण के समय इस बात का ध्यान रखा जाए किसी की धार्मिक भावना आहत न हो। सामाजिक व्यवस्था न बिगड़े। सभी कारीगरों को लेकर रजिस्टर मेंटेन किया है, जिसमें नाम, पता और आधार कार्ड की जानकारी ली गई है। पिछले साल बुर्के जैसी ड्रेस पर हंगामा हुआ था
खजराना इलाके में पिछली नवरात्र में मूर्तिकारों ने माता की प्रतिमा को बुर्का जैसी ड्रेस पहना दी थी। इस पर भी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर मूर्ति बनाने और बनवाने वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मूर्ति बनवाने वाल लक्की चौहान को बुलाकर पूछताछ की थी। वहीं एक मूर्तिकार पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रकरण दर्ज किया था। मूर्तिकार को थाने में लाकर पूछताछ की गई। हालांकि पुलिस को जांच में बुर्के जैसी बात नहीं मिली थी। इस खबर पर आप अपनी राय दे सकते हैं… गणेश प्रतिमाओं से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
इंदौर से रेस्क्यू किए भिक्षुक बना रहे गणेश प्रतिमाएं इंदौर से रेस्क्यू किए गए 27 भिक्षुक अब सुंदर गणेश प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे हैं। ये कभी नशे के आदी थे। अपराधों में भी लिप्त रहे हैं। कुछ मानसिक बीमार भी थे। रेस्क्यू के बाद एक संस्था के माध्यम से इनका इलाज कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
इंदौर के खजराना इलाके में मॉडर्न शैली में गणेश प्रतिमा बनाने को लेकर रविवार शाम को विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा बनाने वाले बंगाली कलाकारों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं न उनके मुंह काले कर दिए और उन्हें खजराना थाने लेकर पहुंचे। पुलिस ने कारीगरों के खिलाफ केस दर्ज कर, कार्रवाई शुरू कर दी है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये कलाकार पहले भी देवी प्रतिमाओं को बुर्का पहना चुके हैं। हालांकि पिछले साल पुलिस की जांच में शिकायत सही नहीं पाई गई थी। गणेश प्रतिमाओं की आपत्तिजनक मुद्रा पर विवाद
कारीगर मॉडलिंग करती युवती को हाथों में उठाए हुए श्री गणेश की प्रतिमा बना रहे थे। यह बात बजरंग दल कार्यकर्ताओं को पता चली, तो कार्यकर्ताओं के साथ बजरंग दल विभाग संयोजक प्रवीण दरेकर मूर्तिकार के कारखाना पहुंच गए। कार्यकर्ता वहां बनाई जा रही गणेश प्रतिमाओं को देखकर इतने नाराज हुए और कारीगरों का मुंह काला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। धार्मिक भावनाएं भड़काने की लिखित शिकायत
कारीगरों को लेकर थाने पहुंचे कार्यकर्ताओं की एएसआई सुरेंद्र सिंह से बहस हो गई। इसके बाद टीआई को सूचना दी गई। बजरंग दल के संयोजक लक्की रघुवंशी ने मूर्तिकार चंद्रनाथ पाल, रतनलाल पाल, राजू पाल के खिलाफ मॉडर्न मूर्तियां बनाकर धार्मिक भावनाएं भड़काने की लिखित शिकायत की। मजदूरों का वेरिफिकेशन नहीं करने का आरोप
बजरंग दल के संयोजक लक्की रघुवंशी ने बताया कि इससे पहले भी इन कलाकारों ने देवी प्रतिमा को बुर्का पहनाकर धार्मिक भावनाओं को आहत किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में 50 से ज्यादा मजदूर कारीगरों के साथ काम कर रहे हैं, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ है। इस घटना के बाद पुलिस कारीगरों और मजदूरों के दस्तावेज चेक कर रही है। पुलिस ने मूर्तिकारों को सावधानी बरतने को कहा
खजराना टीआई मनोज सेंधव का कहना है कि मूर्तिकारों की मीटिंग ली है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि मूर्ति के निर्माण के समय इस बात का ध्यान रखा जाए किसी की धार्मिक भावना आहत न हो। सामाजिक व्यवस्था न बिगड़े। सभी कारीगरों को लेकर रजिस्टर मेंटेन किया है, जिसमें नाम, पता और आधार कार्ड की जानकारी ली गई है। पिछले साल बुर्के जैसी ड्रेस पर हंगामा हुआ था
खजराना इलाके में पिछली नवरात्र में मूर्तिकारों ने माता की प्रतिमा को बुर्का जैसी ड्रेस पहना दी थी। इस पर भी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर मूर्ति बनाने और बनवाने वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मूर्ति बनवाने वाल लक्की चौहान को बुलाकर पूछताछ की थी। वहीं एक मूर्तिकार पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रकरण दर्ज किया था। मूर्तिकार को थाने में लाकर पूछताछ की गई। हालांकि पुलिस को जांच में बुर्के जैसी बात नहीं मिली थी। इस खबर पर आप अपनी राय दे सकते हैं… गणेश प्रतिमाओं से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
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