हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला के असम में शहीद जवान की पार्थिव देह आज सुबह पैतृक गांव थैमगारंग लाई गई। शहीद की पार्थिव देह कुछ देर के लिए गांव में अंतिम दर्शन को रखी गई। इस दौरान पत्नी ने सैल्यूट देकर अपने पति को अंतिम विदाई दी। पुष्पेंद्र नेगी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव देह के घर पर दर्शन के बाद अंतिम शव यात्रा में बड़ी संख्या में किन्नौर के लोग शामिल हुए। थैमगारंग गांव पुष्पेंद्र नेगी अमर रहे के नारों से गूंज उठा। पुष्पेंद्र की पत्नी कीर्ति नेगी शहीद की पार्थिव देह से लिपट गई। परिजनों का तीन दिन से रो-रो कर बुरा हाल है। 6 साल का बेटा बार बार पिता के बारे में पूछ रहा पुष्पेंद्र नेगी अपने पीछे पत्नी कीर्ति नेगी, बेटे एतिक, पिता महेंद्र नेगी और माता सरला देवी को छोड़ गए हैं। उनका 6 साल का बेटा बार बार अपने पिता के बारे में पूछ रहा है। पुष्पेंद्र की शहादत से थैमगारंग और पूरे किन्नौर जिले में शोक की लहर है। परिवार और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। 19 डोगरा रेजिमेंट में तैनात थे पुष्पेंद्र बता दें कि 29 वर्षीय नायक पुष्पेंद्र नेगी 19 डोगरा रेजिमेंट में सेवारत्त थे। वह बीते सोमवार को असम में ड्यूटी पर थे। इस दौरान वह तूफान के कारण पेड़ की टहनियों की चपेट में आ गए। इससे उनकी शहादत हो गई। बीते कल शहीद की पार्थिव देह को किन्नौर लाया जाना था। मगर खराब मौसम की वजह से कल हेलिकॉप्टर की उड़ान समय पर नहीं हो पाई। इससे एक दिन देरी से शव पैतृक गांव लाया गया। हेलिकॉप्टर में चंडीगढ़ लाया गया शव असम से पुष्पेंद्र की पार्थिव देह को हेलिकॉप्टर में पहले दिल्ली और फिर चंडीगढ़ लाया गया। चंडीगढ़ से सेना के जवानों ने सड़क मार्ग से किन्नौर पहुंचाया। आज सुबह करीब 10 बजे पार्थिव देह गांव पहुंची। हिमाचल सीएम, उप मुख्यमंत्री ने शोक जताया हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम ने पुष्पेंद्र नेगी की शहादत पर दुख जताते हुए शहीद के परिजनों को दुख सहने की कामना की। पुष्पेंद्र नेगी की अंतिम शव यात्रा के PHOTOS..
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला के असम में शहीद जवान की पार्थिव देह आज सुबह पैतृक गांव थैमगारंग लाई गई। शहीद की पार्थिव देह कुछ देर के लिए गांव में अंतिम दर्शन को रखी गई। इस दौरान पत्नी ने सैल्यूट देकर अपने पति को अंतिम विदाई दी। पुष्पेंद्र नेगी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव देह के घर पर दर्शन के बाद अंतिम शव यात्रा में बड़ी संख्या में किन्नौर के लोग शामिल हुए। थैमगारंग गांव पुष्पेंद्र नेगी अमर रहे के नारों से गूंज उठा। पुष्पेंद्र की पत्नी कीर्ति नेगी शहीद की पार्थिव देह से लिपट गई। परिजनों का तीन दिन से रो-रो कर बुरा हाल है। 6 साल का बेटा बार बार पिता के बारे में पूछ रहा पुष्पेंद्र नेगी अपने पीछे पत्नी कीर्ति नेगी, बेटे एतिक, पिता महेंद्र नेगी और माता सरला देवी को छोड़ गए हैं। उनका 6 साल का बेटा बार बार अपने पिता के बारे में पूछ रहा है। पुष्पेंद्र की शहादत से थैमगारंग और पूरे किन्नौर जिले में शोक की लहर है। परिवार और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। 19 डोगरा रेजिमेंट में तैनात थे पुष्पेंद्र बता दें कि 29 वर्षीय नायक पुष्पेंद्र नेगी 19 डोगरा रेजिमेंट में सेवारत्त थे। वह बीते सोमवार को असम में ड्यूटी पर थे। इस दौरान वह तूफान के कारण पेड़ की टहनियों की चपेट में आ गए। इससे उनकी शहादत हो गई। बीते कल शहीद की पार्थिव देह को किन्नौर लाया जाना था। मगर खराब मौसम की वजह से कल हेलिकॉप्टर की उड़ान समय पर नहीं हो पाई। इससे एक दिन देरी से शव पैतृक गांव लाया गया। हेलिकॉप्टर में चंडीगढ़ लाया गया शव असम से पुष्पेंद्र की पार्थिव देह को हेलिकॉप्टर में पहले दिल्ली और फिर चंडीगढ़ लाया गया। चंडीगढ़ से सेना के जवानों ने सड़क मार्ग से किन्नौर पहुंचाया। आज सुबह करीब 10 बजे पार्थिव देह गांव पहुंची। हिमाचल सीएम, उप मुख्यमंत्री ने शोक जताया हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम ने पुष्पेंद्र नेगी की शहादत पर दुख जताते हुए शहीद के परिजनों को दुख सहने की कामना की। पुष्पेंद्र नेगी की अंतिम शव यात्रा के PHOTOS..