यूपी में धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की कोठी पर दूसरे दिन भी बुलडोजर चला। प्रशासन को कोठी के अंदर एक मिनी पावर हाउस मिला है। बाथरूम में भी विदेशी ब्रांड के सामान मिले हैं। इसके अलावा, कोठी के अंदर एक घोड़ा भी बंधा मिला। छांगुर बाबा ने 6 जर्मन शेफर्ड कुत्ते भी पाल रखे थे, जिन्हें गांव वाले उठा ले गए थे। हालांकि, जब पुलिस ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, तो गांव वालों ने कुत्ते वापस सौंप दिए। बलरामपुर के उतरौला में बुधवार सुबह 10 बजे प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर कोठी पर पहुंची। कोठी में जहां लाल निशान लगा था, उसे तोड़ना शुरू किया। सीएम योगी ने आजमगढ़ में कहा- बलरामपुर में हमने एक जल्लाद को गिरफ्तार किया है। आपने देखा होगा कि वह कैसे हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था। पैसे में सौदेबाजी करता था, लेकिन ऐसे राष्ट्र विरोधी तत्वों को चकनाचूर करके रहेंगे। वहीं, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में कहा- छांगुर बाबा जैसे लोग कलंक हैं। इससे भी बुरा हश्र होगा। इधर, उतरौला में एसडीएम राजेंद्र बहादुर ने कहा- आज भी 9 बुलडोजर से कोठी के अवैध हिस्से को तोड़ा जाएगा। इससे पहले, मंगलवार शाम को कोठी के 20 कमरे और 40 फीट लंबे हॉल को ढहा दिया गया था। 3 बीघे में करीब 3 करोड़ की लागत से बनी कोठी में 70 से ज्यादा कमरे और हॉल हैं। इनमें 40 कमरों वाले हिस्से को प्रशासन ने अवैध बताया है। ATS का दावा है- छांगुर बाबा यहीं से धर्मांतरण का नेटवर्क चलाता था। हालांकि, यह कोठी उसकी महिला मित्र नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर है। बाबा ने ही नीतू का धर्मांतरण करके उसे नसरीन नाम दिया था। 5 जुलाई, शनिवार को ATS ने 50 हजार रुपए के इनामी छांगुर बाबा को नीतू उर्फ नसरीन के साथ लखनऊ से गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ नवंबर, 2024 में ATS ने लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया था। तस्वीरें देखिए- तीन बीघा जमीन पर किलेनुमा कोठी
छांगुर बाबा की कोठी उतरौला-मनकापुर मेन रोड पर है। इसमें 10 CCTV कैमरे लगे हैं। कोठी के चारों तरफ बाउंड्री वाल पर तार दौड़ाया गया था। इस पर रात को करंट दौड़ाई जाती थी, ताकि कहीं से कोई अंदर न आ सके। मेन गेट से कोठी तक जाने के लिए 500 मीटर की प्राइवेट रोड बनी हुई है। उतरौला तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति ने बताया, 17 मई और 17 जून और 7 जुलाई को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया था। हालांकि, छांगुर बाबा और नसरीन की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसलिए, प्रशासन ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का निर्णय लिया। छांगुर बाबा की कोठी पर दूसरे दिन बुलडोजर एक्शन से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
यूपी में धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की कोठी पर दूसरे दिन भी बुलडोजर चला। प्रशासन को कोठी के अंदर एक मिनी पावर हाउस मिला है। बाथरूम में भी विदेशी ब्रांड के सामान मिले हैं। इसके अलावा, कोठी के अंदर एक घोड़ा भी बंधा मिला। छांगुर बाबा ने 6 जर्मन शेफर्ड कुत्ते भी पाल रखे थे, जिन्हें गांव वाले उठा ले गए थे। हालांकि, जब पुलिस ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, तो गांव वालों ने कुत्ते वापस सौंप दिए। बलरामपुर के उतरौला में बुधवार सुबह 10 बजे प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर कोठी पर पहुंची। कोठी में जहां लाल निशान लगा था, उसे तोड़ना शुरू किया। सीएम योगी ने आजमगढ़ में कहा- बलरामपुर में हमने एक जल्लाद को गिरफ्तार किया है। आपने देखा होगा कि वह कैसे हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था। पैसे में सौदेबाजी करता था, लेकिन ऐसे राष्ट्र विरोधी तत्वों को चकनाचूर करके रहेंगे। वहीं, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में कहा- छांगुर बाबा जैसे लोग कलंक हैं। इससे भी बुरा हश्र होगा। इधर, उतरौला में एसडीएम राजेंद्र बहादुर ने कहा- आज भी 9 बुलडोजर से कोठी के अवैध हिस्से को तोड़ा जाएगा। इससे पहले, मंगलवार शाम को कोठी के 20 कमरे और 40 फीट लंबे हॉल को ढहा दिया गया था। 3 बीघे में करीब 3 करोड़ की लागत से बनी कोठी में 70 से ज्यादा कमरे और हॉल हैं। इनमें 40 कमरों वाले हिस्से को प्रशासन ने अवैध बताया है। ATS का दावा है- छांगुर बाबा यहीं से धर्मांतरण का नेटवर्क चलाता था। हालांकि, यह कोठी उसकी महिला मित्र नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर है। बाबा ने ही नीतू का धर्मांतरण करके उसे नसरीन नाम दिया था। 5 जुलाई, शनिवार को ATS ने 50 हजार रुपए के इनामी छांगुर बाबा को नीतू उर्फ नसरीन के साथ लखनऊ से गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ नवंबर, 2024 में ATS ने लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया था। तस्वीरें देखिए- तीन बीघा जमीन पर किलेनुमा कोठी
छांगुर बाबा की कोठी उतरौला-मनकापुर मेन रोड पर है। इसमें 10 CCTV कैमरे लगे हैं। कोठी के चारों तरफ बाउंड्री वाल पर तार दौड़ाया गया था। इस पर रात को करंट दौड़ाई जाती थी, ताकि कहीं से कोई अंदर न आ सके। मेन गेट से कोठी तक जाने के लिए 500 मीटर की प्राइवेट रोड बनी हुई है। उतरौला तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति ने बताया, 17 मई और 17 जून और 7 जुलाई को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया था। हालांकि, छांगुर बाबा और नसरीन की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसलिए, प्रशासन ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का निर्णय लिया। छांगुर बाबा की कोठी पर दूसरे दिन बुलडोजर एक्शन से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…