राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट शेयरिंग को लेकर जारी चुप्पी के बीच नीतीश कुमार की JDU ने 112 सीटों पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इन सीटों पर JDU ने जिला स्तर से लेकर विधानसभा स्तर तक अपने नेताओं की फौज उतार दी है। जदयू सूत्रों की मानें तो पार्टी ने अपने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि ये सीटें उनके हिस्से आने वाली है। आप लोग तैयार रहें। पार्टी की तरफ से नेताओं के बीच इन सीटों की लिस्ट भी जारी की गई है। भास्कर के पास JDU नेतृत्व की तरफ से जारी की गई सीटों की पूरी सूची है। लिस्ट के मुताबिक, JDU अपनी 7-8 पुरानी सीटें छोड़ सकती है। ये वैसी सीटें हैं, जहां पार्टी पिछले 3-4 चुनाव से लड़ते आ रही है, लेकिन जीत नहीं पा रही है। इसके बदले में JDU ने 5 नई सीटों पर अपनी दावेदारी की है। इन सभी 5 सीटों पर पिछले चुनाव में बीजेपी ने अपने कैंडिडेट उतारे थे। इनमें 3 BJP की विनिंग सीट भी है। जबकि, एक चैनपुर सीट जमा खान की है, जो पिछले चुनाव में BSP से जीते थे। बाद में JDU में शामिल हो गए और अभी मंत्री है। एक सीट पर BJP हार गई थी। स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, JDU किन-किन सीटों पर तैयारी कर रही है? कौन सी सीटें क्यों छोड़ रही है? जगदीशपुर में चिराग के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही JDU जिन सीटों को छोड़ रही है, उनमें एक सीट आरा की जगदीशपुर भी है। लोजपा (आर) पार्टी के एक सोर्स ने भास्कर को बताया कि अभी कौन सी पार्टी किस सीट पर लड़ेगी, ये गठबंधन में तय नहीं हुआ है। ऐसे मे सीट की घोषणा कर पाना उचित नहीं है। क्या चिराग पासवान के लिए जगदीशपुर से चुनाव लड़ने की संभावना तलाशी जा रही है। उन्होंने बताया, ’उस सीट से भी सर्वे कराया जा रहा है। ओवरऑल डेटा अभी आया नहीं है। डेटा आने के बाद ही इस पर कुछ भी कहना सही होगा, लेकिन संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।’ मांझी के लिए फुलवारी और कुशवाहा के लिए दिनारा छोड़ेगी JDU श्याम रजक के JDU में शामिल होने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें फुलवारी शरीफ से चुनाव लड़वा सकती है, लेकिन पार्टी की सीक्रेट लिस्ट में यह सीट शामिल नहीं है। HAM के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, ‘इस सीट पर जीतन राम मांझी ने दावेदारी की है। इसलिए JDU ये सीट हमारे लिए छोड़ रही है।’ हालांकि, JDU के एक नेता के मुताबिक, यहां पार्टी के भीतर दावेदारों की लंबी कतार है, ऐसे में बगावत को देखते हुए पार्टी ने ये सीट छोड़ने का निर्णय लिया है।’ रोहतास की दिनारा सीट पर भी अब तक JDU चुनाव लड़ती रही है। इस बार पार्टी ये सीट ड्रॉप कर रही है। इस बात की चर्चा तेज है कि पार्टी ये सीट उपेंद्र कुशवाहा के लिए छोड़ रही है। उनकी पार्टी से यहां मंत्री संतोष सिंह के भाई आलोक सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा है। आलोक सिंह तीन महीने पहले ही उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा में शामिल हुए हैं। रोहतास की इस सीट पर संतोष सिंह की मजबूत पकड़ मानी जाती है। इसके अलावा पटना की मसौढ़ी सीट भी JDU छोड़ रही है। BJP की 5 सीटों पर दावेदारी JDU 7 सीटें छोड़ रही है तो 5 नई सीटों पर दावेदारी की है। इन सभी सीटों पर पिछले चुनाव में बीजेपी चुनाव लड़ी थी। सुगौली सीट पर उपेंद्र कुशवाहा पिछले चुनाव में भी दावेदारी किए थे। इस बार सुगौली, पिपरा, कहलगांव, चैनपुर और वजीरगंज पर JDU ने अपनी दावेदारी की है। उत्तर बिहार, अंग और कोसी पर नीतीश का फोकस हर चुनाव की तरह इस बार भी नीतीश कुमार का पूरा फोकस उत्तर बिहार पर ही है। JDU की 112 सीटों में लगभग 50 फीसदी सीटें उत्तर बिहार की है। यहां की 16 जिलों में पार्टी 56 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गई है। कोसी की 80 फीसदी सीटों पर JDU ने दावेदारी की हैं, इनमें सुपौल की 4, मधेपुरा की सभी 4 और सहरसा की 2 सीटें शामिल है। इसके अलावा अंग प्रदेश की 11 सीटों पर भी पार्टी ने अपनी दावेदारी की है। बाकी की 34 सीटें दक्षिण बिहार की है। इस इलाके में सबसे ज्यादा नालंदा की 6 सीटें हैं। अल्पसंख्यक सीट छोड़ कर EBC-OBC सीट पर दावेदारी JDU की तरफ से जो 7 सीटों छोड़ी जा रही हैं, उनमें ठाकुरगंज, कोचाधामन और तीनों पर मुस्लिम कैंडिडेट लड़ते रहे हैं। जबकि, फुलवारी शरीफ और मसौढ़ी दलित बहुल सीट है। वहीं, जगदीशपुर में कुशवाहा और राजपूत चनाव लड़ते रहे हैं, नौतन भी राजपूत बहुल सीट रही है। अब जिन सीटों पर JDU दावेदारी कर रही हैं उनमें 5 में से 4 सीटें सुगौली, पिपरा, कहलगांव और चैनपुर में EBC-OBC कैंडिडेट चुनाव लड़ते रहे हैं। जबकि वजीरगंज राजपूत बहुल सीट है। यहां से राजपूत चुनाव लड़ते रहे हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट शेयरिंग को लेकर जारी चुप्पी के बीच नीतीश कुमार की JDU ने 112 सीटों पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इन सीटों पर JDU ने जिला स्तर से लेकर विधानसभा स्तर तक अपने नेताओं की फौज उतार दी है। जदयू सूत्रों की मानें तो पार्टी ने अपने नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि ये सीटें उनके हिस्से आने वाली है। आप लोग तैयार रहें। पार्टी की तरफ से नेताओं के बीच इन सीटों की लिस्ट भी जारी की गई है। भास्कर के पास JDU नेतृत्व की तरफ से जारी की गई सीटों की पूरी सूची है। लिस्ट के मुताबिक, JDU अपनी 7-8 पुरानी सीटें छोड़ सकती है। ये वैसी सीटें हैं, जहां पार्टी पिछले 3-4 चुनाव से लड़ते आ रही है, लेकिन जीत नहीं पा रही है। इसके बदले में JDU ने 5 नई सीटों पर अपनी दावेदारी की है। इन सभी 5 सीटों पर पिछले चुनाव में बीजेपी ने अपने कैंडिडेट उतारे थे। इनमें 3 BJP की विनिंग सीट भी है। जबकि, एक चैनपुर सीट जमा खान की है, जो पिछले चुनाव में BSP से जीते थे। बाद में JDU में शामिल हो गए और अभी मंत्री है। एक सीट पर BJP हार गई थी। स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, JDU किन-किन सीटों पर तैयारी कर रही है? कौन सी सीटें क्यों छोड़ रही है? जगदीशपुर में चिराग के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही JDU जिन सीटों को छोड़ रही है, उनमें एक सीट आरा की जगदीशपुर भी है। लोजपा (आर) पार्टी के एक सोर्स ने भास्कर को बताया कि अभी कौन सी पार्टी किस सीट पर लड़ेगी, ये गठबंधन में तय नहीं हुआ है। ऐसे मे सीट की घोषणा कर पाना उचित नहीं है। क्या चिराग पासवान के लिए जगदीशपुर से चुनाव लड़ने की संभावना तलाशी जा रही है। उन्होंने बताया, ’उस सीट से भी सर्वे कराया जा रहा है। ओवरऑल डेटा अभी आया नहीं है। डेटा आने के बाद ही इस पर कुछ भी कहना सही होगा, लेकिन संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।’ मांझी के लिए फुलवारी और कुशवाहा के लिए दिनारा छोड़ेगी JDU श्याम रजक के JDU में शामिल होने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें फुलवारी शरीफ से चुनाव लड़वा सकती है, लेकिन पार्टी की सीक्रेट लिस्ट में यह सीट शामिल नहीं है। HAM के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, ‘इस सीट पर जीतन राम मांझी ने दावेदारी की है। इसलिए JDU ये सीट हमारे लिए छोड़ रही है।’ हालांकि, JDU के एक नेता के मुताबिक, यहां पार्टी के भीतर दावेदारों की लंबी कतार है, ऐसे में बगावत को देखते हुए पार्टी ने ये सीट छोड़ने का निर्णय लिया है।’ रोहतास की दिनारा सीट पर भी अब तक JDU चुनाव लड़ती रही है। इस बार पार्टी ये सीट ड्रॉप कर रही है। इस बात की चर्चा तेज है कि पार्टी ये सीट उपेंद्र कुशवाहा के लिए छोड़ रही है। उनकी पार्टी से यहां मंत्री संतोष सिंह के भाई आलोक सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा है। आलोक सिंह तीन महीने पहले ही उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा में शामिल हुए हैं। रोहतास की इस सीट पर संतोष सिंह की मजबूत पकड़ मानी जाती है। इसके अलावा पटना की मसौढ़ी सीट भी JDU छोड़ रही है। BJP की 5 सीटों पर दावेदारी JDU 7 सीटें छोड़ रही है तो 5 नई सीटों पर दावेदारी की है। इन सभी सीटों पर पिछले चुनाव में बीजेपी चुनाव लड़ी थी। सुगौली सीट पर उपेंद्र कुशवाहा पिछले चुनाव में भी दावेदारी किए थे। इस बार सुगौली, पिपरा, कहलगांव, चैनपुर और वजीरगंज पर JDU ने अपनी दावेदारी की है। उत्तर बिहार, अंग और कोसी पर नीतीश का फोकस हर चुनाव की तरह इस बार भी नीतीश कुमार का पूरा फोकस उत्तर बिहार पर ही है। JDU की 112 सीटों में लगभग 50 फीसदी सीटें उत्तर बिहार की है। यहां की 16 जिलों में पार्टी 56 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गई है। कोसी की 80 फीसदी सीटों पर JDU ने दावेदारी की हैं, इनमें सुपौल की 4, मधेपुरा की सभी 4 और सहरसा की 2 सीटें शामिल है। इसके अलावा अंग प्रदेश की 11 सीटों पर भी पार्टी ने अपनी दावेदारी की है। बाकी की 34 सीटें दक्षिण बिहार की है। इस इलाके में सबसे ज्यादा नालंदा की 6 सीटें हैं। अल्पसंख्यक सीट छोड़ कर EBC-OBC सीट पर दावेदारी JDU की तरफ से जो 7 सीटों छोड़ी जा रही हैं, उनमें ठाकुरगंज, कोचाधामन और तीनों पर मुस्लिम कैंडिडेट लड़ते रहे हैं। जबकि, फुलवारी शरीफ और मसौढ़ी दलित बहुल सीट है। वहीं, जगदीशपुर में कुशवाहा और राजपूत चनाव लड़ते रहे हैं, नौतन भी राजपूत बहुल सीट रही है। अब जिन सीटों पर JDU दावेदारी कर रही हैं उनमें 5 में से 4 सीटें सुगौली, पिपरा, कहलगांव और चैनपुर में EBC-OBC कैंडिडेट चुनाव लड़ते रहे हैं। जबकि वजीरगंज राजपूत बहुल सीट है। यहां से राजपूत चुनाव लड़ते रहे हैं।