हिमाचल प्रदेश में कल से 3 दिन तक भारी बारिश होगी। मौसम विभाग ने रविवार को 3 जिलों में रेड अलर्ट और 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट की चेतावनी कांगड़ा मंडी और सिरमौर जिला में दी गई है। इन तीनों जिलों में आज देर रात 12 बजे के बाद भी एक दो स्पेल भारी बारिश का हो सकता है। कल दिनभर बारिश होने की संभावना है। दोपहर बाद बारिश थोड़ी कम होगी, रविवार देर रात फिर से बहुत भारी बारिश होगी। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, सोलन और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में भी दो से तीन स्पेल भारी बारिश के हो सकते है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर रात के वक्त, क्योंकि आज और कल रात में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। परसों भी बारिश जारी रहेगी। 7 जुलाई के लिए लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। वहीं, मंडी में बादल फटने से लापता 32 से ज्यादा लोगों का 5 दिन बाद भी सुराग नहीं लग पाया है। भारतीय सेना भी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड, हिमाचल पुलिस और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी आज सराज और नाचन विधानसभा जाकर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सरकार का दावा है कि युद्ध स्तर पर सड़कों की बहाली का काम जारी है। मगर इस बीच मौसम विभाग की दोबारा चेतावनी ने प्रदेशवासियों की चिंताएं बढ़ा दी है। 239 सड़कें बंद, 566 करोड़ का नुकसान राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में 239 सड़कें शनिवार शाम तक बंद पड़ी है। इसी तरह 258 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 289 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी है। हिमाचल में अब तक 566 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। कौल-डैम से छोड़ा गया पानी उधर, कौल-डैम प्रबंधन से आज सुबह 11 बजे पानी छोड़ा गया। डैम के जलाशय में पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया। इससे सतलुज नदी का जल स्तर 4 से 5 मीटर तक बढ़ गया। इसका पानी घुमारवी, बिलासपुर सदर, नयनादेवी, नंगल होते हुए पंजाब में एंटर करता है। प्रदेश में जितना नुकसान, उससे कई गुणा ज्यादा अकेले सराज में मंडी जिला के अलग अलग क्षेत्रों में 168 मकान बादल फटने के बाद क्षतिग्रस्त हुए है। मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अब तक बरसात से जितना नुकसान पूरे प्रदेश में हुआ है, उससे कई गुणा ज्यादा तबाही अकेले सराज विधानसभा में हुई है। मानसून सीजन में 69 की मौत प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक (20 जून से 4 जुलाई) 69 लोगों की मौत हो चुकी है। एक की मौत लैंडस्लाइड, 8 की फ्लैश फ्लड, 14 की बादल फटने, 7 की पानी में डूबने, 2 की सांप के काटने, 3 की बिजली का करंट लगने, 6 की पहाड़ी व ऊंचाई वाली जगह से गिरने, 2 की अन्य कारणों तथा 26 की एक्सीडेंट में मौत हुई है। कुल्लू-धर्मशाला में 5 जगह बादल फटने से बड़ा नुकसान इससे पहले 24 जून को कुल्लू में 4 जगह और धर्मशाला के खनियारा में भी बादल फटा था। कुल्लू में 2 लोगों की मौत और 2 लोग अभी भी लापता है। उधर, खनियारा में बादल फटने के बाद पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 अभी भी लापता है।
हिमाचल प्रदेश में कल से 3 दिन तक भारी बारिश होगी। मौसम विभाग ने रविवार को 3 जिलों में रेड अलर्ट और 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट की चेतावनी कांगड़ा मंडी और सिरमौर जिला में दी गई है। इन तीनों जिलों में आज देर रात 12 बजे के बाद भी एक दो स्पेल भारी बारिश का हो सकता है। कल दिनभर बारिश होने की संभावना है। दोपहर बाद बारिश थोड़ी कम होगी, रविवार देर रात फिर से बहुत भारी बारिश होगी। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, सोलन और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में भी दो से तीन स्पेल भारी बारिश के हो सकते है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर रात के वक्त, क्योंकि आज और कल रात में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। परसों भी बारिश जारी रहेगी। 7 जुलाई के लिए लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। वहीं, मंडी में बादल फटने से लापता 32 से ज्यादा लोगों का 5 दिन बाद भी सुराग नहीं लग पाया है। भारतीय सेना भी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड, हिमाचल पुलिस और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी आज सराज और नाचन विधानसभा जाकर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सरकार का दावा है कि युद्ध स्तर पर सड़कों की बहाली का काम जारी है। मगर इस बीच मौसम विभाग की दोबारा चेतावनी ने प्रदेशवासियों की चिंताएं बढ़ा दी है। 239 सड़कें बंद, 566 करोड़ का नुकसान राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में 239 सड़कें शनिवार शाम तक बंद पड़ी है। इसी तरह 258 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 289 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी है। हिमाचल में अब तक 566 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। कौल-डैम से छोड़ा गया पानी उधर, कौल-डैम प्रबंधन से आज सुबह 11 बजे पानी छोड़ा गया। डैम के जलाशय में पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया। इससे सतलुज नदी का जल स्तर 4 से 5 मीटर तक बढ़ गया। इसका पानी घुमारवी, बिलासपुर सदर, नयनादेवी, नंगल होते हुए पंजाब में एंटर करता है। प्रदेश में जितना नुकसान, उससे कई गुणा ज्यादा अकेले सराज में मंडी जिला के अलग अलग क्षेत्रों में 168 मकान बादल फटने के बाद क्षतिग्रस्त हुए है। मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अब तक बरसात से जितना नुकसान पूरे प्रदेश में हुआ है, उससे कई गुणा ज्यादा तबाही अकेले सराज विधानसभा में हुई है। मानसून सीजन में 69 की मौत प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक (20 जून से 4 जुलाई) 69 लोगों की मौत हो चुकी है। एक की मौत लैंडस्लाइड, 8 की फ्लैश फ्लड, 14 की बादल फटने, 7 की पानी में डूबने, 2 की सांप के काटने, 3 की बिजली का करंट लगने, 6 की पहाड़ी व ऊंचाई वाली जगह से गिरने, 2 की अन्य कारणों तथा 26 की एक्सीडेंट में मौत हुई है। कुल्लू-धर्मशाला में 5 जगह बादल फटने से बड़ा नुकसान इससे पहले 24 जून को कुल्लू में 4 जगह और धर्मशाला के खनियारा में भी बादल फटा था। कुल्लू में 2 लोगों की मौत और 2 लोग अभी भी लापता है। उधर, खनियारा में बादल फटने के बाद पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 अभी भी लापता है।