हरियाणा के झज्जर में एक हफ्ते पहले दो सगी बहनें आधी रात को अपने ही घर में जिंदा जल गईं। इसमें छोटी बहन निधि की मौत हो गई, जबकि बड़ी बहन कोमल रोहतक PGI में भर्ती है। शुरुआत में इसे हादसा समझा गया, लेकिन अब खुलासा हुआ कि कोमल के जेठ नरेंद्र ने ही दोनों को जिंदा जलाया। नरेंद्र रेवाड़ी जिले में बुड़कावास गांव का रहने वाला है। इस पूरी घटना की पड़ताल के लिए दैनिक भास्कर झज्जर के धारौली गांव पहुंचा। धारौली निधि और कोमल का पैतृक गांव है। धारौली में निधि व कोमल के चचेरे भाई पूरनमल से बातचीत हुई तो उसने पूरी साजिश का खुलासा किया। पूरनमल के मुताबिक, 45 साल के नरेंद्र की नजर अपने भाई तेज सिंह की साली और कोमल की छोटी बहन हिमांशु उर्फ निधि (25) पर थी। नरेंद्र निधि से शादी करना चाहता था। दोनों की उम्र में 20 साल का गैप था इसलिए निधि इस शादी के लिए राजी नहीं थी। इसी वजह से नरेंद्र ने पूरी साजिश रची और घर में घुसकर आग लगा दी। पूरनमल ने वह वीडियो भी दिखाया, जिसमें नरेंद्र घटना वाली रात कार में आते और घर में आग लगाने के बाद भागते हुए दिख रहा है। सबसे पहले दोनों बहनों के बारे में जानिए… 1. मां की मौत के बाद बुआ और मौसी ने पाला पूरनमल ने बताया कि कोमल और निधि उसके चाचा अजीत सिंह की बेटियां थीं। चाची शर्मिला की मौत करीब 20 साल पहले ही हो गई थी। उस समय कोमल और निधि छोटी थीं। अजीत सिंह के कहने पर कोमल को गुरुग्राम जिले के लांघड़ा गांव में रहने वाली उसकी बुआ समित्रा और निधि को रेवाड़ी जिले के गाधला गांव में रहने वाली उसकी मौसी ममता उर्फ सरोज अपने साथ ले गईं। दोनों ने वहीं रहकर अपनी पढ़ाई की। उस समय अजीत सिंह धारौली गांव में अपने घर में अकेले रहते थे। 2. कोमल की शादी हुई तो गांव लौट आई दोनों बहनें
पूरनमल के मुताबिक, तकरीबन 10 साल पहले बुआ ने कोमल की शादी रेवाड़ी जिले के बुड़कावास गांव में रहने वाले तेज सिंह से कर दी। शादी के कुछ दिन बाद कोमल अपने पति तेज सिंह के साथ धारौली गांव आ गई और अपने पिता अजीत सिंह के साथ रहने लगी। उसने छोटी बहन निधि को भी धारौली बुला लिया। यहीं पर कोमल ने एक बेटे को जन्म दिया। 3. पिता हुए लापता, अकेली हो गई दोनों बहनें
पूरनमल के मुताबिक, कोमल और निधि को धारौली गांव आए थोड़े ही दिन हुए थे कि एक दिन उनके पिता अजीत सिंह अचानक लापता हो गए। हर जगह उनकी तलाश की गई, लेकिन सुराग नहीं लगा। तकरीबन तीन महीने बाद कोमल का पति तेज सिंह भी काम के सिलसिले में बाहर चला गया और फिर ज्यादातर बाहर ही रहने लगा। कोमल और निधि गांव में ही घर पर सिलाई का काम करती थीं। घटना के दिन क्या हुआ.. 1. घर में लगी आग, जिंदा जल गई निधि, कोमल झुलसी
पूरनमल के मुताबिक, धारौली गांव के जिस मकान में निधि और कोमल रहती थीं, उसका एरिया तकरीबन 1500 गज है। यहां एक कोने में मकान बना है और बाकी हिस्सा खाली पड़ा है। रविवार यानि 27 अप्रैल की देर रात करीब 12 बजे घर में अचानक आग लग गई। कोमल के शोर मचाने पर पड़ोसी आए और आग बुझाई। हालांकि तब तक निधि की चारपाई पर ही जिंदा जल जाने से मौत हो गई थी, जबकि कोमल गंभीर रूप से झुलस गई थी। कोमल का इलाज रोहतक PGI में चल रहा है। 2. पुलिस ने हादसा माना, चचेरे भाई को था हत्या का शक
पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे हादसा माना मगर, पूरनमल ने पुलिस को बताया कि जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो घर के अंदर से डीजल की बदबू आ रही थी। मकान की दीवारों पर भी डीजल के निशान थे। ऐसे में शक है कि किसी ने जानबूझकर डीजल छिड़ककर आग लगाई है। जेठ तक कैसे पहुंची पुलिस, 4 पॉइंट्स में जानिए 1. घटनास्थल से 100 मीटर दूर लगे CCTV में दिखा जेठ
पूरनमल ने बताया- मैंने पुलिस को शिकायत दी तो उन्होंने अज्ञात शख्स को डीजल छिड़ककर आग लगाने का आरोपी बनाया। पुलिस अफसरों ने मुझे जांच का भरोसा दिया, लेकिन मैं ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता था। इसलिए खुद ही गांव में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। मैंने कोमल व निधि के मकान से तकरीबन 100 मीटर दूर एक मकान के बाहर लगे CCTV कैमरे की 27 अप्रैल की रात की फुटेज चेक की तो उसमें बुड़कावास गांव का नरेंद्र एक कार में आता दिखाई दिया। नरेंद्र कोमल का जेठ है। 2. पुलिस को सौंपी CCTV फुटेज, पुलिस ने जेठ को पकड़ा
पूरनमल ने यह CCTV फुटेज अगले ही दिन पुलिस को सौंप दी। इसके बाद झज्जर पुलिस के सीनियर अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर FSL टीम को बुलाया गया। वहां से सबूत जुटाए गए। जांच के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर कोमल के जेठ नरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने कई जानकारियां पुलिस को दीं। 3. पंप से खरीदा 4 लीटर डीजल, आग लगाकर कर भाग गया
नरेंद्र से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया- 27 अप्रैल को नरेंद्र पहले रेवाड़ी जिले के एरिया के पेट्रोल पंप से 2 लीटर की 2 बोतलों में 4 लीटर डीजल लाया। उसके साथ 2 और लोग थे। फिर तीनों ने रास्ते में बीयर खरीद कर पी। इसके बाद वे झज्जर आ गए। फिर गांव धारौली पहुंचकर रात को 12 बजकर 41 मिनट पर घर की खिड़की से डीजल अंदर फेंका और आग लगा दी। इसी कमरे में कोमल और निधि सो रही थीं। इस दौरान नरेंद्र ने कार की नंबर प्लेट पर शैंपू लगाकर मिट्टी लगा दी थी, ताकि कोई नंबर न देख सके। 4. शादी करना चाहता था, निधि ने कर दिया था इनकार
पुलिस के अनुसार नरेंद्र ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि वह निधि से शादी करना चाहता था। निधि इसके लिए तैयार नहीं थी। इसकी वजह ये थी कि निधि केवल 25 साल की थी। वहीं नरेंद्र की उम्र 45 साल है। वह हर हाल में निधि से शादी करना चाहता था। निधि के मना करने से उसे गुस्सा आ गया। इसलिए बदला लेने के लिए उसने यह वारदात कर डाली। पुलिस इस मामले में क्या कर रही… कोमल के बयान का इंतजार कर रही पुलिस
पुलिस लगातार रोहतक PGI में भर्ती कोमल के बयान लेने के प्रयास कर रही है। मगर, अभी तक कोमल के अनफिट होने के कारण उसके बयान दर्ज नहीं हुए हैं। साल्हावास थाने के जांच अधिकारी ASI संदीप ने बताया कि आरोपी अभी 5 दिन के रिमांड पर है। उससे पूछताछ की जा रही है कि इस वारदात में उसके साथ कौन-कौन शामिल है। कैसे इस वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया। इसके अलावा कोमल के बयान भी काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वही इकलौती इस मामले की चश्मदीद गवाह है। चचेरा भाई पुलिस की जांच से नाखुश
पूरनमल ने बताया कि पुलिस ने अभी तक एक ही आरोपी नरेंद्र को गिरफ्तार किया है, जबकि वीडियो फुटेज में उसके साथ कार में दो लोग और नजर आ रहे हैं। पुलिस ने अभी तक उन लोगों को गिरफ्तार नहीं किया है। उसने बताया कि जब इस बारे में पुलिस से पूछा तो जवाब दिया गया कि वे दोनों निर्दोष हैं, नरेंद्र उन्हें बहकाकर अपने साथ लाया था। पूरनमल ने कहा कि दोनों आरोपियों को पुलिस बचाना चाहती है।
हरियाणा के झज्जर में एक हफ्ते पहले दो सगी बहनें आधी रात को अपने ही घर में जिंदा जल गईं। इसमें छोटी बहन निधि की मौत हो गई, जबकि बड़ी बहन कोमल रोहतक PGI में भर्ती है। शुरुआत में इसे हादसा समझा गया, लेकिन अब खुलासा हुआ कि कोमल के जेठ नरेंद्र ने ही दोनों को जिंदा जलाया। नरेंद्र रेवाड़ी जिले में बुड़कावास गांव का रहने वाला है। इस पूरी घटना की पड़ताल के लिए दैनिक भास्कर झज्जर के धारौली गांव पहुंचा। धारौली निधि और कोमल का पैतृक गांव है। धारौली में निधि व कोमल के चचेरे भाई पूरनमल से बातचीत हुई तो उसने पूरी साजिश का खुलासा किया। पूरनमल के मुताबिक, 45 साल के नरेंद्र की नजर अपने भाई तेज सिंह की साली और कोमल की छोटी बहन हिमांशु उर्फ निधि (25) पर थी। नरेंद्र निधि से शादी करना चाहता था। दोनों की उम्र में 20 साल का गैप था इसलिए निधि इस शादी के लिए राजी नहीं थी। इसी वजह से नरेंद्र ने पूरी साजिश रची और घर में घुसकर आग लगा दी। पूरनमल ने वह वीडियो भी दिखाया, जिसमें नरेंद्र घटना वाली रात कार में आते और घर में आग लगाने के बाद भागते हुए दिख रहा है। सबसे पहले दोनों बहनों के बारे में जानिए… 1. मां की मौत के बाद बुआ और मौसी ने पाला पूरनमल ने बताया कि कोमल और निधि उसके चाचा अजीत सिंह की बेटियां थीं। चाची शर्मिला की मौत करीब 20 साल पहले ही हो गई थी। उस समय कोमल और निधि छोटी थीं। अजीत सिंह के कहने पर कोमल को गुरुग्राम जिले के लांघड़ा गांव में रहने वाली उसकी बुआ समित्रा और निधि को रेवाड़ी जिले के गाधला गांव में रहने वाली उसकी मौसी ममता उर्फ सरोज अपने साथ ले गईं। दोनों ने वहीं रहकर अपनी पढ़ाई की। उस समय अजीत सिंह धारौली गांव में अपने घर में अकेले रहते थे। 2. कोमल की शादी हुई तो गांव लौट आई दोनों बहनें
पूरनमल के मुताबिक, तकरीबन 10 साल पहले बुआ ने कोमल की शादी रेवाड़ी जिले के बुड़कावास गांव में रहने वाले तेज सिंह से कर दी। शादी के कुछ दिन बाद कोमल अपने पति तेज सिंह के साथ धारौली गांव आ गई और अपने पिता अजीत सिंह के साथ रहने लगी। उसने छोटी बहन निधि को भी धारौली बुला लिया। यहीं पर कोमल ने एक बेटे को जन्म दिया। 3. पिता हुए लापता, अकेली हो गई दोनों बहनें
पूरनमल के मुताबिक, कोमल और निधि को धारौली गांव आए थोड़े ही दिन हुए थे कि एक दिन उनके पिता अजीत सिंह अचानक लापता हो गए। हर जगह उनकी तलाश की गई, लेकिन सुराग नहीं लगा। तकरीबन तीन महीने बाद कोमल का पति तेज सिंह भी काम के सिलसिले में बाहर चला गया और फिर ज्यादातर बाहर ही रहने लगा। कोमल और निधि गांव में ही घर पर सिलाई का काम करती थीं। घटना के दिन क्या हुआ.. 1. घर में लगी आग, जिंदा जल गई निधि, कोमल झुलसी
पूरनमल के मुताबिक, धारौली गांव के जिस मकान में निधि और कोमल रहती थीं, उसका एरिया तकरीबन 1500 गज है। यहां एक कोने में मकान बना है और बाकी हिस्सा खाली पड़ा है। रविवार यानि 27 अप्रैल की देर रात करीब 12 बजे घर में अचानक आग लग गई। कोमल के शोर मचाने पर पड़ोसी आए और आग बुझाई। हालांकि तब तक निधि की चारपाई पर ही जिंदा जल जाने से मौत हो गई थी, जबकि कोमल गंभीर रूप से झुलस गई थी। कोमल का इलाज रोहतक PGI में चल रहा है। 2. पुलिस ने हादसा माना, चचेरे भाई को था हत्या का शक
पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे हादसा माना मगर, पूरनमल ने पुलिस को बताया कि जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो घर के अंदर से डीजल की बदबू आ रही थी। मकान की दीवारों पर भी डीजल के निशान थे। ऐसे में शक है कि किसी ने जानबूझकर डीजल छिड़ककर आग लगाई है। जेठ तक कैसे पहुंची पुलिस, 4 पॉइंट्स में जानिए 1. घटनास्थल से 100 मीटर दूर लगे CCTV में दिखा जेठ
पूरनमल ने बताया- मैंने पुलिस को शिकायत दी तो उन्होंने अज्ञात शख्स को डीजल छिड़ककर आग लगाने का आरोपी बनाया। पुलिस अफसरों ने मुझे जांच का भरोसा दिया, लेकिन मैं ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता था। इसलिए खुद ही गांव में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। मैंने कोमल व निधि के मकान से तकरीबन 100 मीटर दूर एक मकान के बाहर लगे CCTV कैमरे की 27 अप्रैल की रात की फुटेज चेक की तो उसमें बुड़कावास गांव का नरेंद्र एक कार में आता दिखाई दिया। नरेंद्र कोमल का जेठ है। 2. पुलिस को सौंपी CCTV फुटेज, पुलिस ने जेठ को पकड़ा
पूरनमल ने यह CCTV फुटेज अगले ही दिन पुलिस को सौंप दी। इसके बाद झज्जर पुलिस के सीनियर अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर FSL टीम को बुलाया गया। वहां से सबूत जुटाए गए। जांच के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर कोमल के जेठ नरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने कई जानकारियां पुलिस को दीं। 3. पंप से खरीदा 4 लीटर डीजल, आग लगाकर कर भाग गया
नरेंद्र से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया- 27 अप्रैल को नरेंद्र पहले रेवाड़ी जिले के एरिया के पेट्रोल पंप से 2 लीटर की 2 बोतलों में 4 लीटर डीजल लाया। उसके साथ 2 और लोग थे। फिर तीनों ने रास्ते में बीयर खरीद कर पी। इसके बाद वे झज्जर आ गए। फिर गांव धारौली पहुंचकर रात को 12 बजकर 41 मिनट पर घर की खिड़की से डीजल अंदर फेंका और आग लगा दी। इसी कमरे में कोमल और निधि सो रही थीं। इस दौरान नरेंद्र ने कार की नंबर प्लेट पर शैंपू लगाकर मिट्टी लगा दी थी, ताकि कोई नंबर न देख सके। 4. शादी करना चाहता था, निधि ने कर दिया था इनकार
पुलिस के अनुसार नरेंद्र ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि वह निधि से शादी करना चाहता था। निधि इसके लिए तैयार नहीं थी। इसकी वजह ये थी कि निधि केवल 25 साल की थी। वहीं नरेंद्र की उम्र 45 साल है। वह हर हाल में निधि से शादी करना चाहता था। निधि के मना करने से उसे गुस्सा आ गया। इसलिए बदला लेने के लिए उसने यह वारदात कर डाली। पुलिस इस मामले में क्या कर रही… कोमल के बयान का इंतजार कर रही पुलिस
पुलिस लगातार रोहतक PGI में भर्ती कोमल के बयान लेने के प्रयास कर रही है। मगर, अभी तक कोमल के अनफिट होने के कारण उसके बयान दर्ज नहीं हुए हैं। साल्हावास थाने के जांच अधिकारी ASI संदीप ने बताया कि आरोपी अभी 5 दिन के रिमांड पर है। उससे पूछताछ की जा रही है कि इस वारदात में उसके साथ कौन-कौन शामिल है। कैसे इस वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया। इसके अलावा कोमल के बयान भी काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वही इकलौती इस मामले की चश्मदीद गवाह है। चचेरा भाई पुलिस की जांच से नाखुश
पूरनमल ने बताया कि पुलिस ने अभी तक एक ही आरोपी नरेंद्र को गिरफ्तार किया है, जबकि वीडियो फुटेज में उसके साथ कार में दो लोग और नजर आ रहे हैं। पुलिस ने अभी तक उन लोगों को गिरफ्तार नहीं किया है। उसने बताया कि जब इस बारे में पुलिस से पूछा तो जवाब दिया गया कि वे दोनों निर्दोष हैं, नरेंद्र उन्हें बहकाकर अपने साथ लाया था। पूरनमल ने कहा कि दोनों आरोपियों को पुलिस बचाना चाहती है।