खंडवा में गुरुवार को कुएं में उतरे 8 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। एक युवक गणगौर विसर्जन के लिए कुएं की सफाई करने उतरा और जहरीली गैस से उसका दम घुटने लगा। लोग उसे बचाते इससे पहले ही वह कुएं में गिरा और दलदल में समा गया। उसे बाहर निकालने के लिए 7 और लोग नीचे उतरे और जहरीली गैस के कारण बेसुध होने से दलदल में धंस गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला जाता सभी की जान जा चुकी थी। अर्जुन नाम का शख्स जो कुएं में सबसे पहले उतरा था सबसे आखिरी में उसकी ही बॉडी बाहर निकाली जा सकी। अर्जुन की 6 बेटियां हैं। उसे बेटी ने मुखाग्नि दी। शुक्रवार सुबह गांव में एक साथ 8 चिताएं जलीं। दैनिक भास्कर मौके पर पहुंचा और पड़ताल की तो चौंका देने वाली कहानी सामने आई। रिपोर्टर की आंखोंदेखी- रस्सी और बांस से खींचे शव
दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची, गांव में एंट्री करते ही सिंगाजी मंदिर के सामने कुआं था, जहां करीब 500 लोगों की भीड़ मौजूद थी। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के गांव वाले भी यहां जुट गए थे। कुएं में मांजरी डालकर शव को पकड़ में लेकर रस्सी और बांस से बाहर खींचा जा रहा था। सबसे पहला शव शरण का निकला। अर्जुन की 6 बेटियां, बड़ी बेटी की शादी करने वाला था
भास्कर से बात करते हुए अर्जुन के रिलेटिव गोविंद पटेल ने बताया, अर्जुन मेरा भतीजा है। उसकी 6 बेटियां है। वह बड़ी बेटी की शादी करने वाला था। उन्होंने बताया कि हर साल गणगौर के विसर्जन से पहले सफाई की जाती है। इस साल भी सफाई के लिए ही अर्जुन उतरा था। एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में ही सबकी जान गई। दम घुटने पर अर्जुन ने लगाई थी आवाज
गोविंद ने बताया कि दोपहर 3 बजे अर्जुन सफाई के लिए कुएं में उतरा और दो लोग कचरे को ऊपर खींचकर बाहर कर रहे थे। इसी बीच अर्जुन का जहरीली गैस के कारण दम घुटने लगा। उसने जान बचाने के लिए ऊपर खड़े राकेश पटेल को आवाज दी। बचाने के लिए राकेश नीचे कुएं में उतरा, गैस के कारण वह भी घबराने लगा। राकेश और अर्जुन को ऊपर से आवाज दी गई, जवाब न आने पर एक-एक सभी 6 साथी कुएं में उतर गए। 8 फीट तक गाद जमीं हुई थी
गोविंद ने बताया कि करीब 100 साल पुराने इस कुएं में 8 फीट तक गाद जमीं हुईं थी। एक के ऊपर एक करके 8 लोग गाद में फंस गए। कुएं से लगे घरों के लोग सतर्क हुए और मंदिर के रेडियो से सभी ग्रामीणों को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने यह जानकारी पुलिस और एसडीएम को फोन कर दी। एसडीएम मौके के लिए रवाना हुए और एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। पर दम घुटने से 8 लोगों ने आधे घंटे के भीतर दम तोड़ दिया। आधे रास्ते आए तब घटना का पता चला
एसडीईआरएफ के प्लाटून कमांडर ने रविंद्र महिवाल ने बताया, टीम को 8 लोगों के पानी में डूबने की सूचना मिली थी। उन्हें यह नहीं मालूम था कि लोग कुएं में डूबे हैं। हम आधे रास्ते तक निकल आए थे, तब पता चला कि घटना कुएं में हुई है। टीम ने जरूरी संसाधन के लिए गाड़ी को वापस घुमाने की बजाए गांव तरफ आने दिया। यहां पहुंचने पर कुएं में देखा तो कोई शख्स दिखाई नहीं दिया। महिवाल ने बताया कि जहरीली गैस के कारण कोई भी जवान कुएं में नहीं उतरा। इसी दौरान देसी तरीके से कुएं के भीतर शव निकालने वाली मांजरी को डाला गया। मांजरी की सहायता से एक-एक कर सभी शव बाहर निकाल लिए गए। परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
शवों को निकालने के लिए करीब 3 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर पहुंचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि मौत के कुएं को अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जमींदोज किया जाएगा। आज सभी का अंतिम संस्कार होगा। एसपी बोले- ग्रामीणों ने बहुत मदद की
खंडवा एसपी मनोज सिंह राय ने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद बताया, 3 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीईआरएफ के एक्सपर्ट्स की मदद ली गई। ग्रामीणों ने बहुत मदद की, जिससे कम समय में सभी शव निकाले गए। 3 तस्वीरों में देखिए हादसा… ये भी पढ़ें… एक साथ जलीं 8 चिताएं, बेटी ने दी मुखाग्नि खंडवा के कोंडावत गांव में शुक्रवार सुबह एक साथ 8 चिताएं जलीं तो मुक्तिधाम में मौजूद कोई भी शख्स अपने आंसू नहीं रोक सका। पिता को मुखाग्नि देने वाली बेटी का चेहरा देखकर सभी गमगीन हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
खंडवा में गुरुवार को कुएं में उतरे 8 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। एक युवक गणगौर विसर्जन के लिए कुएं की सफाई करने उतरा और जहरीली गैस से उसका दम घुटने लगा। लोग उसे बचाते इससे पहले ही वह कुएं में गिरा और दलदल में समा गया। उसे बाहर निकालने के लिए 7 और लोग नीचे उतरे और जहरीली गैस के कारण बेसुध होने से दलदल में धंस गए। जब तक उन्हें बाहर निकाला जाता सभी की जान जा चुकी थी। अर्जुन नाम का शख्स जो कुएं में सबसे पहले उतरा था सबसे आखिरी में उसकी ही बॉडी बाहर निकाली जा सकी। अर्जुन की 6 बेटियां हैं। उसे बेटी ने मुखाग्नि दी। शुक्रवार सुबह गांव में एक साथ 8 चिताएं जलीं। दैनिक भास्कर मौके पर पहुंचा और पड़ताल की तो चौंका देने वाली कहानी सामने आई। रिपोर्टर की आंखोंदेखी- रस्सी और बांस से खींचे शव
दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची, गांव में एंट्री करते ही सिंगाजी मंदिर के सामने कुआं था, जहां करीब 500 लोगों की भीड़ मौजूद थी। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के गांव वाले भी यहां जुट गए थे। कुएं में मांजरी डालकर शव को पकड़ में लेकर रस्सी और बांस से बाहर खींचा जा रहा था। सबसे पहला शव शरण का निकला। अर्जुन की 6 बेटियां, बड़ी बेटी की शादी करने वाला था
भास्कर से बात करते हुए अर्जुन के रिलेटिव गोविंद पटेल ने बताया, अर्जुन मेरा भतीजा है। उसकी 6 बेटियां है। वह बड़ी बेटी की शादी करने वाला था। उन्होंने बताया कि हर साल गणगौर के विसर्जन से पहले सफाई की जाती है। इस साल भी सफाई के लिए ही अर्जुन उतरा था। एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में ही सबकी जान गई। दम घुटने पर अर्जुन ने लगाई थी आवाज
गोविंद ने बताया कि दोपहर 3 बजे अर्जुन सफाई के लिए कुएं में उतरा और दो लोग कचरे को ऊपर खींचकर बाहर कर रहे थे। इसी बीच अर्जुन का जहरीली गैस के कारण दम घुटने लगा। उसने जान बचाने के लिए ऊपर खड़े राकेश पटेल को आवाज दी। बचाने के लिए राकेश नीचे कुएं में उतरा, गैस के कारण वह भी घबराने लगा। राकेश और अर्जुन को ऊपर से आवाज दी गई, जवाब न आने पर एक-एक सभी 6 साथी कुएं में उतर गए। 8 फीट तक गाद जमीं हुई थी
गोविंद ने बताया कि करीब 100 साल पुराने इस कुएं में 8 फीट तक गाद जमीं हुईं थी। एक के ऊपर एक करके 8 लोग गाद में फंस गए। कुएं से लगे घरों के लोग सतर्क हुए और मंदिर के रेडियो से सभी ग्रामीणों को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने यह जानकारी पुलिस और एसडीएम को फोन कर दी। एसडीएम मौके के लिए रवाना हुए और एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। पर दम घुटने से 8 लोगों ने आधे घंटे के भीतर दम तोड़ दिया। आधे रास्ते आए तब घटना का पता चला
एसडीईआरएफ के प्लाटून कमांडर ने रविंद्र महिवाल ने बताया, टीम को 8 लोगों के पानी में डूबने की सूचना मिली थी। उन्हें यह नहीं मालूम था कि लोग कुएं में डूबे हैं। हम आधे रास्ते तक निकल आए थे, तब पता चला कि घटना कुएं में हुई है। टीम ने जरूरी संसाधन के लिए गाड़ी को वापस घुमाने की बजाए गांव तरफ आने दिया। यहां पहुंचने पर कुएं में देखा तो कोई शख्स दिखाई नहीं दिया। महिवाल ने बताया कि जहरीली गैस के कारण कोई भी जवान कुएं में नहीं उतरा। इसी दौरान देसी तरीके से कुएं के भीतर शव निकालने वाली मांजरी को डाला गया। मांजरी की सहायता से एक-एक कर सभी शव बाहर निकाल लिए गए। परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
शवों को निकालने के लिए करीब 3 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर पहुंचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि मौत के कुएं को अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जमींदोज किया जाएगा। आज सभी का अंतिम संस्कार होगा। एसपी बोले- ग्रामीणों ने बहुत मदद की
खंडवा एसपी मनोज सिंह राय ने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद बताया, 3 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीईआरएफ के एक्सपर्ट्स की मदद ली गई। ग्रामीणों ने बहुत मदद की, जिससे कम समय में सभी शव निकाले गए। 3 तस्वीरों में देखिए हादसा… ये भी पढ़ें… एक साथ जलीं 8 चिताएं, बेटी ने दी मुखाग्नि खंडवा के कोंडावत गांव में शुक्रवार सुबह एक साथ 8 चिताएं जलीं तो मुक्तिधाम में मौजूद कोई भी शख्स अपने आंसू नहीं रोक सका। पिता को मुखाग्नि देने वाली बेटी का चेहरा देखकर सभी गमगीन हो गए। पढ़ें पूरी खबर…