पंजाब में आतंकी गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े छह साल पुराने मामले में मोहाली जिला अदालत ने दो लोगों को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों में होशियारपुर जिले का रहने वाला लखबीर सिंह शामिल है, जो पेशे से ड्राइवर था, जबकि फरीदकोट जिले की रहने वाली सुरिंदर कौर उर्फ सुखप्रीत कौर नर्स थी। लखबीर सिंह को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 10 के तहत 2 साल कैद और 2,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है, जबकि धारा 13 के तहत 5 साल कैद और 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं, सुरिंदर कौर उर्फ सुखप्रीत कौर को धारा 19 के तहत 5 साल कैद और 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में सुरिंदर सिंह उर्फ सुख देओल को बरी कर दिया है। नेटवर्क दुबई से चलाया जा रहा था नवंबर 2019 में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), मोहाली की टीम को सूचना मिली थी कि लखबीर सिंह दुबई में रह रहा है और उसके परमजीत सिंह पम्मा से संबंध हैं। परमजीत सिंह पम्मा भारत में प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सदस्य है और “रेफरेंडम 2020” का समर्थन कर रहा है। बताया गया कि लखबीर सिंह पंजाब में आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा था और ISI की साजिश का हिस्सा था। लखबीर सिंह को राज्य के लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए पंजाब भेजा गया था। वह दूसरी आरोपी सुखप्रीत कौर को भी जानता था। इस मामले में SSOC थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोपियों पर नवंबर 2019 में IPC की धारा 120B और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1997 की धारा 10, 13, 17, 18, 20, 38, 39, 40 के तहत आरोप लगाए गए थे। सुखप्रीत के पास से ये सामान बरामद हुआ था पुलिस ने सुखप्रीत कौर के पास से 10 किताबें, कुछ मैगजीन और 3 डायरियां बरामद की। सुरिंदर सिंह उर्फ सुख देओल पर लखबीर सिंह को हथियार मुहैया कराने का वादा करने का आरोप था। हालांकि, किसी भी आरोपी के पास से हथियार बरामद नहीं हुआ और पुलिस उसके खिलाफ कोर्ट में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई। इसलिए उसे बरी कर दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुआ लखबीर लखबीर सिंह होशियारपुर के डडियाना कलां गांव का रहने वाला है। वह दुबई में ट्रक ड्राइवर का काम करता था। वह अक्टूबर 2019 में भारत आया था। टीम ने उसे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। इसी तरह लुधियाना के एक निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स सुरिंदर कौर सोशल मीडिया के जरिए लखबीर सिंह के संपर्क में थी। उसे भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। सिख रेजिमेंट ग्रुप के जरिए पाकिस्तान से संपर्क में था आरोपी की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने बताया था कि आतंकी लखबीर सिंह बहुत ही शातिर है। उसने सोशल मीडिया पर सिख रेजिमेंट नाम से सोशल ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में पाकिस्तान में बैठे लोग भी शामिल थे। जहां वे कोड में अपनी सारी रणनीति तैयार करते थे।
पंजाब में आतंकी गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े छह साल पुराने मामले में मोहाली जिला अदालत ने दो लोगों को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों में होशियारपुर जिले का रहने वाला लखबीर सिंह शामिल है, जो पेशे से ड्राइवर था, जबकि फरीदकोट जिले की रहने वाली सुरिंदर कौर उर्फ सुखप्रीत कौर नर्स थी। लखबीर सिंह को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 10 के तहत 2 साल कैद और 2,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है, जबकि धारा 13 के तहत 5 साल कैद और 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं, सुरिंदर कौर उर्फ सुखप्रीत कौर को धारा 19 के तहत 5 साल कैद और 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इस मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में सुरिंदर सिंह उर्फ सुख देओल को बरी कर दिया है। नेटवर्क दुबई से चलाया जा रहा था नवंबर 2019 में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), मोहाली की टीम को सूचना मिली थी कि लखबीर सिंह दुबई में रह रहा है और उसके परमजीत सिंह पम्मा से संबंध हैं। परमजीत सिंह पम्मा भारत में प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का सदस्य है और “रेफरेंडम 2020” का समर्थन कर रहा है। बताया गया कि लखबीर सिंह पंजाब में आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा था और ISI की साजिश का हिस्सा था। लखबीर सिंह को राज्य के लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए पंजाब भेजा गया था। वह दूसरी आरोपी सुखप्रीत कौर को भी जानता था। इस मामले में SSOC थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोपियों पर नवंबर 2019 में IPC की धारा 120B और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1997 की धारा 10, 13, 17, 18, 20, 38, 39, 40 के तहत आरोप लगाए गए थे। सुखप्रीत के पास से ये सामान बरामद हुआ था पुलिस ने सुखप्रीत कौर के पास से 10 किताबें, कुछ मैगजीन और 3 डायरियां बरामद की। सुरिंदर सिंह उर्फ सुख देओल पर लखबीर सिंह को हथियार मुहैया कराने का वादा करने का आरोप था। हालांकि, किसी भी आरोपी के पास से हथियार बरामद नहीं हुआ और पुलिस उसके खिलाफ कोर्ट में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई। इसलिए उसे बरी कर दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुआ लखबीर लखबीर सिंह होशियारपुर के डडियाना कलां गांव का रहने वाला है। वह दुबई में ट्रक ड्राइवर का काम करता था। वह अक्टूबर 2019 में भारत आया था। टीम ने उसे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। इसी तरह लुधियाना के एक निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स सुरिंदर कौर सोशल मीडिया के जरिए लखबीर सिंह के संपर्क में थी। उसे भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। सिख रेजिमेंट ग्रुप के जरिए पाकिस्तान से संपर्क में था आरोपी की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने बताया था कि आतंकी लखबीर सिंह बहुत ही शातिर है। उसने सोशल मीडिया पर सिख रेजिमेंट नाम से सोशल ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में पाकिस्तान में बैठे लोग भी शामिल थे। जहां वे कोड में अपनी सारी रणनीति तैयार करते थे।