हरियाणा के पहले राज्यगीत की लॉन्चिंग लटक गई है। इसे बजट सत्र के दौरान पेश किया जाना था। 5 विधायकों की राज्यगीत चयन कमेटी ने गीत को फाइनल भी कर लिया था। मगर, सोनीपत और फतेहाबाद के 2 कलाकारों ने लिरिक्स कॉपी करने के आरोप लगा दिए। इसके बाद विधानसभा सचिव के पास भी 3 आपत्तियां आ गईं। इसके बाद इसे रोक दिया गया। इस मामले में विवाद को सुलझाने के लिए चयन कमेटी की बैठक भी हुई, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका। इस गीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। 3 मिनट के इस गीत में 21 लाइनें हैं, जिनमें कुरुक्षेत्र की धरती, किसानों, खिलाड़ियों, सैनिकों और दूध दही के खाने का जिक्र किया गया है। इस गीत के सिंगर डॉ. श्याम शर्मा और कंपोजर पारस चोपड़ा हैं। वहीं, रोहतक की मालविका पंडित ने इसे डायरेक्ट किया है। पहले इसे बॉलीवुड सिंगर कैलाश खैर ने गाना था, लेकिन उनकी आवाज में हरियाणवी टच न होने पर डॉ. श्याम शर्मा ने आवाज दी है। राज्यगीत, जिसे फाइनल कर लॉन्च किया जाना था… सोनीपत की गीतू परी ने कहा- मेरा गीत कॉपी किया
सोनीपत की रहने वाली हरियाणवी अभिनेत्री और लेखिका गीतू परी ने कहा है कि उन्होंने यह गीत 29 जनवरी 2024 को लिखा था। राज्यगीत का टाइटल उनके लिखे गीत जैसा है। उन्होंने कहा- मैंने उसमें 2 बार जय-जय लिखा था, लेकिन राज्यगीत में इसे 3 बार कर दिया गया। हालांकि, यह लाइन काफी मिलती-जुलती है। मैंने बालकिशन शर्मा द्वारा लिखा हुआ राज्यगीत मीडिया में पढ़ा। तब मैंने देखा कि उसके लिरिक्स मेरे गीत से काफी मिलते-जुलते हैं। राज्यगीत के लिए मेरे गाने से बहुत सारे लिरिक्स उठाए गए हैं। मेरे गीत के बहुत सारे अंतरे उठाए गए हैं। दीपावली, मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा शब्द भी मेरे लिरिक्स से उठाए गए हैं। मैंने अपने गीत में हरियाणवी सयानी नार के बारे में भी लिखा हुआ है और उसके लिरिक्स ज्यों के त्यों उठाए गए हैं। फतेहाबाद के कृष्ण कुमार बोले- 85% बोल मेरे
वहीं, फतेहाबाद जिले के गांव ढिंगसरा निवासी कृष्ण कुमार ने दावा किया था कि राज्य गीत उन्होंने लिखा है, लेकिन क्रेडिट किसी और को दिया जा रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने सीएम को पत्र लिखकर भी की है। कृष्ण कुमार का कहना है कि उन्होंने यह गीत हरियाणवी में लिखा था, लेकिन अब हिंदी में अनुवाद किया गया है। कोविड के बाद सरकार की तरफ से अखबार में राज्यगीत के लिए ऐड दी गई थी। उन्होंने जुलाई 2021 में यह गीत लिखा और दी गई मेल आईडी पर मेल कर दिया। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि जो 3 गीत अंतिम श्रेणी में सेलेक्ट हुए हैं, उनमें उनका गीत भी शामिल है। कृष्ण कुमार ने दावा किया कि नए गीत के 85 प्रतिशत बोल उन्हीं के हैं। बाकी 15 फीसदी बोल नए बोलकर किसी और को क्रेडिट दिया जा रहा है। क्रेडिट उन्हें मिलना चाहिए था। कमेटी अध्यक्ष ने माना- राज्यगीत पर आपत्तियां आईं
हरियाणा विधानसभा की राज्यगीत फाइनल करने के लिए बनाई कमेटी के अध्यक्ष रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा- विवाद उठने के बाद राज्यगीत को लेकर चयन कमेटी की बैठक हुई है। 3 लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई हैं, जिनकी आपत्ति को दूर किया जाएगा। इसके लिए समीक्षा होगी। एक बार फिर से बैठक की जाएगी, जिसमें अंतिम फैसले पर मुहर लग जाएगी। इस कमेटी में झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबरें भी पढ़ें… हरियाणा के राज्यगीत पर लॉन्चिंग से पहले विवाद:हरियाणवी लेखिका-अभिनेत्री ने दावा ठोका, बोलीं- मेरा गीत कॉपी किया, मुझे क्रेडिट मिले हरियाणा के राज्यगीत को लेकर लॉन्चिंग से पहले ही विवाद हो गया है। राज्यगीत फाइनल होते ही इसकी जानकारी बाहर आई तो सोनीपत की लेखक-अभिनेत्री गीतू परी ने इसके लिरिक्स पर अपना दावा ठोका है। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा का नया राज्यगीत तैयार:21 लाइनों में कुरुक्षेत्र की धरती, रागनी, खिलाड़ी-किसानों का जिक्र; पानीपत के लेखक, रोहतक की डायरेक्टर हरियाणा में 7 मार्च से शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र में राज्य गीत मिल जाएगा। ‘जय जय जय हरियाणा’ गीत में हरियाणवी संस्कृति के बारे में बताया गया है। 21 लाइनों में कुरुक्षेत्र की धरती, किसानों, खिलाड़ियों, सैनिकों और दूध दही के खाने का जिक्र किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के पहले राज्यगीत की लॉन्चिंग लटक गई है। इसे बजट सत्र के दौरान पेश किया जाना था। 5 विधायकों की राज्यगीत चयन कमेटी ने गीत को फाइनल भी कर लिया था। मगर, सोनीपत और फतेहाबाद के 2 कलाकारों ने लिरिक्स कॉपी करने के आरोप लगा दिए। इसके बाद विधानसभा सचिव के पास भी 3 आपत्तियां आ गईं। इसके बाद इसे रोक दिया गया। इस मामले में विवाद को सुलझाने के लिए चयन कमेटी की बैठक भी हुई, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका। इस गीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। 3 मिनट के इस गीत में 21 लाइनें हैं, जिनमें कुरुक्षेत्र की धरती, किसानों, खिलाड़ियों, सैनिकों और दूध दही के खाने का जिक्र किया गया है। इस गीत के सिंगर डॉ. श्याम शर्मा और कंपोजर पारस चोपड़ा हैं। वहीं, रोहतक की मालविका पंडित ने इसे डायरेक्ट किया है। पहले इसे बॉलीवुड सिंगर कैलाश खैर ने गाना था, लेकिन उनकी आवाज में हरियाणवी टच न होने पर डॉ. श्याम शर्मा ने आवाज दी है। राज्यगीत, जिसे फाइनल कर लॉन्च किया जाना था… सोनीपत की गीतू परी ने कहा- मेरा गीत कॉपी किया
सोनीपत की रहने वाली हरियाणवी अभिनेत्री और लेखिका गीतू परी ने कहा है कि उन्होंने यह गीत 29 जनवरी 2024 को लिखा था। राज्यगीत का टाइटल उनके लिखे गीत जैसा है। उन्होंने कहा- मैंने उसमें 2 बार जय-जय लिखा था, लेकिन राज्यगीत में इसे 3 बार कर दिया गया। हालांकि, यह लाइन काफी मिलती-जुलती है। मैंने बालकिशन शर्मा द्वारा लिखा हुआ राज्यगीत मीडिया में पढ़ा। तब मैंने देखा कि उसके लिरिक्स मेरे गीत से काफी मिलते-जुलते हैं। राज्यगीत के लिए मेरे गाने से बहुत सारे लिरिक्स उठाए गए हैं। मेरे गीत के बहुत सारे अंतरे उठाए गए हैं। दीपावली, मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा शब्द भी मेरे लिरिक्स से उठाए गए हैं। मैंने अपने गीत में हरियाणवी सयानी नार के बारे में भी लिखा हुआ है और उसके लिरिक्स ज्यों के त्यों उठाए गए हैं। फतेहाबाद के कृष्ण कुमार बोले- 85% बोल मेरे
वहीं, फतेहाबाद जिले के गांव ढिंगसरा निवासी कृष्ण कुमार ने दावा किया था कि राज्य गीत उन्होंने लिखा है, लेकिन क्रेडिट किसी और को दिया जा रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने सीएम को पत्र लिखकर भी की है। कृष्ण कुमार का कहना है कि उन्होंने यह गीत हरियाणवी में लिखा था, लेकिन अब हिंदी में अनुवाद किया गया है। कोविड के बाद सरकार की तरफ से अखबार में राज्यगीत के लिए ऐड दी गई थी। उन्होंने जुलाई 2021 में यह गीत लिखा और दी गई मेल आईडी पर मेल कर दिया। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि जो 3 गीत अंतिम श्रेणी में सेलेक्ट हुए हैं, उनमें उनका गीत भी शामिल है। कृष्ण कुमार ने दावा किया कि नए गीत के 85 प्रतिशत बोल उन्हीं के हैं। बाकी 15 फीसदी बोल नए बोलकर किसी और को क्रेडिट दिया जा रहा है। क्रेडिट उन्हें मिलना चाहिए था। कमेटी अध्यक्ष ने माना- राज्यगीत पर आपत्तियां आईं
हरियाणा विधानसभा की राज्यगीत फाइनल करने के लिए बनाई कमेटी के अध्यक्ष रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा- विवाद उठने के बाद राज्यगीत को लेकर चयन कमेटी की बैठक हुई है। 3 लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई हैं, जिनकी आपत्ति को दूर किया जाएगा। इसके लिए समीक्षा होगी। एक बार फिर से बैठक की जाएगी, जिसमें अंतिम फैसले पर मुहर लग जाएगी। इस कमेटी में झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबरें भी पढ़ें… हरियाणा के राज्यगीत पर लॉन्चिंग से पहले विवाद:हरियाणवी लेखिका-अभिनेत्री ने दावा ठोका, बोलीं- मेरा गीत कॉपी किया, मुझे क्रेडिट मिले हरियाणा के राज्यगीत को लेकर लॉन्चिंग से पहले ही विवाद हो गया है। राज्यगीत फाइनल होते ही इसकी जानकारी बाहर आई तो सोनीपत की लेखक-अभिनेत्री गीतू परी ने इसके लिरिक्स पर अपना दावा ठोका है। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा का नया राज्यगीत तैयार:21 लाइनों में कुरुक्षेत्र की धरती, रागनी, खिलाड़ी-किसानों का जिक्र; पानीपत के लेखक, रोहतक की डायरेक्टर हरियाणा में 7 मार्च से शुरू होने जा रहे विधानसभा के बजट सत्र में राज्य गीत मिल जाएगा। ‘जय जय जय हरियाणा’ गीत में हरियाणवी संस्कृति के बारे में बताया गया है। 21 लाइनों में कुरुक्षेत्र की धरती, किसानों, खिलाड़ियों, सैनिकों और दूध दही के खाने का जिक्र किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…