देशभर में होलिका दहन किया जा रहा है। वैसे तो रात 11.30 से 12:30 तक होलिका दहन का मुहूर्त बताया गया था, लेकिन देश के कई हिस्सों में गुरुवार शाम होते ही होलिका दहन किया गया। मध्य प्रदेश के उज्जैन में मौजूद महाकाल मंदिर में देश में सबसे पहले होलिका दहन किया गया। इसके बाद गर्भगृह में बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल लगाया गया। वही गुलाल मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों पर भी उड़ाया गया। होलिका दहन के कई तस्वीरें गुजरात से सामने आईं। गांधीनगर और वडोदरा में 35-35 फीट ऊंची होली जलाई गईं। गांधीनगर के पालज गांव में होलिका दहन की 700 साल पुरानी परंपरा है। दहन के बाद लोग जलते अंगारों से निकलते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से स्वस्थ रहेंगे। उत्तर प्रदेश में भी होली जलाई गई। काशी के घाटों पर होलिका दहन के बाद विदेशी टूरिस्टों ने जमकर डांस किया, रंग-गुलाल उड़ाया। प्रयागराज में ट्रांसजेंडरों के कई ग्रुपों ने आम लोगों के साथ फूलों की होली खेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश को होली की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं। हर्ष और उल्लास से भरा यह पावन-पर्व हर किसी के जीवन में नई उमंग और ऊर्जा का संचार करने के साथ ही देशवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे, यही कामना है। देशभर से होलिका दहन-होली सेलिब्रेशन की तस्वीरें… होली से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 64 साल बाद होली-रमजान का जुमा एकसाथ:UP में मस्जिदें ढंकीं, इंदौर में 2000 जवान तैनात; छत्तीसगढ़ में नमाज का वक्त बदला बाबर हौदे में शराब भरवाते, बेगमों को पिचकारी से नहलाते अकबर; मुगलों के जमाने में कैसे मनाई जाती थी होली मथुरा में धधकती होलिका से निकलने वाले पंडा की कहानी:45 दिन से मंदिर में अनुष्ठान, ब्रह्मचर्य का संकल्प; 5200 साल पुरानी परंपरा ………………………. होली से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 14 मार्च को सूर्य करेगा मीन राशि में प्रवेश: खरमास 13 अप्रैल तक, इस महीने में सूर्य पूजा और दान-पुण्य करने की है परंपरा 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा। मीन राशि का स्वामी ग्रह देव गुरु बृहस्पति है। बृहस्पति सूर्यदेव के भी गुरु हैं। अपने गुरु की मीन राशि में सूर्य प्रवेश करेगा। इस संबंध में ज्योतिष की मान्यता है कि सूर्य देव अब एक माह तक अपने गुरु बृहस्पति की सेवा में रहेंगे। इस माह को खरमास कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…
देशभर में होलिका दहन किया जा रहा है। वैसे तो रात 11.30 से 12:30 तक होलिका दहन का मुहूर्त बताया गया था, लेकिन देश के कई हिस्सों में गुरुवार शाम होते ही होलिका दहन किया गया। मध्य प्रदेश के उज्जैन में मौजूद महाकाल मंदिर में देश में सबसे पहले होलिका दहन किया गया। इसके बाद गर्भगृह में बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल लगाया गया। वही गुलाल मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों पर भी उड़ाया गया। होलिका दहन के कई तस्वीरें गुजरात से सामने आईं। गांधीनगर और वडोदरा में 35-35 फीट ऊंची होली जलाई गईं। गांधीनगर के पालज गांव में होलिका दहन की 700 साल पुरानी परंपरा है। दहन के बाद लोग जलते अंगारों से निकलते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से स्वस्थ रहेंगे। उत्तर प्रदेश में भी होली जलाई गई। काशी के घाटों पर होलिका दहन के बाद विदेशी टूरिस्टों ने जमकर डांस किया, रंग-गुलाल उड़ाया। प्रयागराज में ट्रांसजेंडरों के कई ग्रुपों ने आम लोगों के साथ फूलों की होली खेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश को होली की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं। हर्ष और उल्लास से भरा यह पावन-पर्व हर किसी के जीवन में नई उमंग और ऊर्जा का संचार करने के साथ ही देशवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे, यही कामना है। देशभर से होलिका दहन-होली सेलिब्रेशन की तस्वीरें… होली से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 64 साल बाद होली-रमजान का जुमा एकसाथ:UP में मस्जिदें ढंकीं, इंदौर में 2000 जवान तैनात; छत्तीसगढ़ में नमाज का वक्त बदला बाबर हौदे में शराब भरवाते, बेगमों को पिचकारी से नहलाते अकबर; मुगलों के जमाने में कैसे मनाई जाती थी होली मथुरा में धधकती होलिका से निकलने वाले पंडा की कहानी:45 दिन से मंदिर में अनुष्ठान, ब्रह्मचर्य का संकल्प; 5200 साल पुरानी परंपरा ………………………. होली से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 14 मार्च को सूर्य करेगा मीन राशि में प्रवेश: खरमास 13 अप्रैल तक, इस महीने में सूर्य पूजा और दान-पुण्य करने की है परंपरा 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा। मीन राशि का स्वामी ग्रह देव गुरु बृहस्पति है। बृहस्पति सूर्यदेव के भी गुरु हैं। अपने गुरु की मीन राशि में सूर्य प्रवेश करेगा। इस संबंध में ज्योतिष की मान्यता है कि सूर्य देव अब एक माह तक अपने गुरु बृहस्पति की सेवा में रहेंगे। इस माह को खरमास कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…