जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 2 दिन पहले 3 लोगों की लाश मिलने के बाद 2 अन्य युवक लापता हैं। दोनों जिले के राजबाग इलाके से गायब हुए हैं। दोनों जानवर चराने के लिए निकले थे, इसके बाद से ही गायब हैं। इनकी पहचान दीनू (15 साल) और रहमत अली (12 साल) के रूप में हुई है। इससे पहले 8 मार्च को जिले के बिलावर में पहाड़ियों के नजदीक 3 लापता लोगों की लाशें मिली थीं। इनमें एक बच्चा भी था। सभी तीन दिन पहले आतंकवाद प्रभावित इलाके से लापता हुए थे। इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन रविवार को जम्मू पहुंचे थे। उन्होंने नागरिक सुरक्षा को लेकर हाई लेवल मीटिंग की थी। इस दौरान लोकल लोगों से आतंकियों की मदद की बात सामने आई थी। इस पर गृह सचिव ने विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं, विधानसभा में नेता विपक्ष सुनील शर्मा ने बताया था कि घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बात हुई है। उन्होंने इलाके में विलेज डिफेंस गार्ड (VDG) तैनात करने और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप व स्पेशल टास्क फोर्स की पोस्ट बनाने की बात कही है। शादी से वापस आते समय जंगल में रास्ता भटके
मृतकों की की पहचान योगेश सिंह (35 साल), दर्शन सिंह (40 साल) और वरुण सिंह (14 साल) के रूप में हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों 6 मार्च की रात करीब 8:30 बजे एक शादी में शामिल होने के लिए निकले थे। इसके बाद से ही गायब थे। इनमें से एक ने दो दिन पहले अपने परिवार से संपर्क किया था। उसने बताया था कि वे शादी से वापस आते समय जंगल में रास्ता भटक गए हैं। LG ने जांच के आदेश दिए
जिस इलाके से तीनों लाशें मिली थीं, वहां आतंकवादियों की मौजूदगी रहती है। पिछले महीने भी इस इलाके में दो लोगों के शव पाए गए थे। भाजपा विधायक सतीश शर्मा ने 7 मार्च को विधानसभा में इन तीनों के लापता होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा था। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कहा था कि हत्या के पीछे आतंकियों का हाथ है। इसके बाद उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने रविवार (9 मार्च) को कठुआ हत्याकांड के जांच के आदेश दिए थे। साथ ही X पोस्ट मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई थी। कठुआ में हत्या के विरोध में हड़ताल
हत्या के विरोध में भाजपा ने रविवार को प्रदर्शन किया था। स्थानीय लोगों ने बाजार बंद रखे थे। भाजपा का कहना था कि यह साफ तौर पर आतंकी वारदात है। हम चाहते है कि राज्य सरकार आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करे ताकि सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाली हत्याएं रुक सकें। तलाश के लिए ड्रोन लगाए गए थे
लापता लोगों का पता लगाने के लिए सेना और पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। ऊपरी इलाकों में तलाश के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। करीब 60 घंटे की मशक्कत के बाद लोहाई मल्हार इलाके में पहाड़ी नाले के पास तीनों के शव बरामद हुए। ————————————— आतंकी घटना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कश्मीर हमले का चश्मदीद बोला- दो आतंकी शॉल ओढ़कर आए, मेस में खाना खा रहे मजदूरों को मारा जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में 20 अक्टूबर को हुए आतंकी हमले के चश्मदीद ने बताया कि 2 आतंकी शॉल ओढ़कर आए थे। उन्होंने हथियार छिपा रखे थे। मेस में मजदूर खाना खा रहे थे, तभी आतंकी वहां पहुंचे और उन्होंने मजदूरों पर फायरिंग की। आतंकियों ने मेस के अलावा 2 और जगहों पर फायरिंग की। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 2 दिन पहले 3 लोगों की लाश मिलने के बाद 2 अन्य युवक लापता हैं। दोनों जिले के राजबाग इलाके से गायब हुए हैं। दोनों जानवर चराने के लिए निकले थे, इसके बाद से ही गायब हैं। इनकी पहचान दीनू (15 साल) और रहमत अली (12 साल) के रूप में हुई है। इससे पहले 8 मार्च को जिले के बिलावर में पहाड़ियों के नजदीक 3 लापता लोगों की लाशें मिली थीं। इनमें एक बच्चा भी था। सभी तीन दिन पहले आतंकवाद प्रभावित इलाके से लापता हुए थे। इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन रविवार को जम्मू पहुंचे थे। उन्होंने नागरिक सुरक्षा को लेकर हाई लेवल मीटिंग की थी। इस दौरान लोकल लोगों से आतंकियों की मदद की बात सामने आई थी। इस पर गृह सचिव ने विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं, विधानसभा में नेता विपक्ष सुनील शर्मा ने बताया था कि घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बात हुई है। उन्होंने इलाके में विलेज डिफेंस गार्ड (VDG) तैनात करने और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप व स्पेशल टास्क फोर्स की पोस्ट बनाने की बात कही है। शादी से वापस आते समय जंगल में रास्ता भटके
मृतकों की की पहचान योगेश सिंह (35 साल), दर्शन सिंह (40 साल) और वरुण सिंह (14 साल) के रूप में हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों 6 मार्च की रात करीब 8:30 बजे एक शादी में शामिल होने के लिए निकले थे। इसके बाद से ही गायब थे। इनमें से एक ने दो दिन पहले अपने परिवार से संपर्क किया था। उसने बताया था कि वे शादी से वापस आते समय जंगल में रास्ता भटक गए हैं। LG ने जांच के आदेश दिए
जिस इलाके से तीनों लाशें मिली थीं, वहां आतंकवादियों की मौजूदगी रहती है। पिछले महीने भी इस इलाके में दो लोगों के शव पाए गए थे। भाजपा विधायक सतीश शर्मा ने 7 मार्च को विधानसभा में इन तीनों के लापता होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा था। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कहा था कि हत्या के पीछे आतंकियों का हाथ है। इसके बाद उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने रविवार (9 मार्च) को कठुआ हत्याकांड के जांच के आदेश दिए थे। साथ ही X पोस्ट मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई थी। कठुआ में हत्या के विरोध में हड़ताल
हत्या के विरोध में भाजपा ने रविवार को प्रदर्शन किया था। स्थानीय लोगों ने बाजार बंद रखे थे। भाजपा का कहना था कि यह साफ तौर पर आतंकी वारदात है। हम चाहते है कि राज्य सरकार आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करे ताकि सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाली हत्याएं रुक सकें। तलाश के लिए ड्रोन लगाए गए थे
लापता लोगों का पता लगाने के लिए सेना और पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। ऊपरी इलाकों में तलाश के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। करीब 60 घंटे की मशक्कत के बाद लोहाई मल्हार इलाके में पहाड़ी नाले के पास तीनों के शव बरामद हुए। ————————————— आतंकी घटना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कश्मीर हमले का चश्मदीद बोला- दो आतंकी शॉल ओढ़कर आए, मेस में खाना खा रहे मजदूरों को मारा जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में 20 अक्टूबर को हुए आतंकी हमले के चश्मदीद ने बताया कि 2 आतंकी शॉल ओढ़कर आए थे। उन्होंने हथियार छिपा रखे थे। मेस में मजदूर खाना खा रहे थे, तभी आतंकी वहां पहुंचे और उन्होंने मजदूरों पर फायरिंग की। आतंकियों ने मेस के अलावा 2 और जगहों पर फायरिंग की। पूरी खबर पढ़ें…