यूपी ATS ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी उल्फत हुसैन को कश्मीर से गिरफ्तार किया है। ATS और यूपी पुलिस को उल्फत की 18 साल से तलाश थी। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। उल्फत को मेडिकल कराने के बाद मुरादाबाद जेल भेज दिया गया है। ATS प्रवक्ता ने बताया- उल्फत मूल रूप से कश्मीर के पुंछ जिले का रहने वाला है। वह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। वह 2007 में मुरादाबाद से फरार हुआ था। POK से उल्फत हुसैन ने ली है ट्रेनिंग
SSP ATS देवेश कुमार पांडेय ने बताया- हमें सूचना मिल रही थी कि उल्फत हुसैन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। इसके बाद से सहारनपुर की ATS यूनिट उसे ट्रेस कर रही थी। उसकी लोकेशन जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मिली। वहां ATS की टीम पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया- उल्फत आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य रह चुका है। उसने 1999 से 2000 तक पाक-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POK) में ट्रेनिंग ली थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, उल्फत की 3 शादियां हुई हैं। तीनों के साथ वह अपने गांव कश्मीर में रहता था। तीनों पत्नियों से उसको 5 बच्चे हैं। एटीएस अभी उसकी पत्नियों और बच्चों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मुरादाबाद में 2001 में एके-47 के साथ पकड़ा गया था
SSP ने बताया- ट्रेनिंग के बाद उल्फत मुरादाबाद आया था। वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला था, लेकिन 9 जुलाई, 2001 को मुरादाबाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। उसके पास से एके-47, एके-56, 2 पिस्टल (30 बोर), 12 हैंड ग्रेनेड, 39 टाइमर, 50 डेटोनेटर, 37 बैटरी, 29 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ और 560 जिंदा कारतूस के साथ 8 मैगजीन बरामद की गई थीं। 2007 में उसे जमानत मिल गई थी। बाद में कोर्ट ने दोबारा गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था, लेकिन उल्फत फरार हो गया था। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। 3 दिन पहले जारी हुआ था स्थायी वारंट
ATS प्रवक्ता ने बताया कि उल्फत पर ATS और मुरादाबाद के थाना कठघर से संयुक्त रूप से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित हुआ था। 3 दिन पहले यानी 5 मार्च को मुरादाबाद के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-14 ने उल्फत को खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था l वांटेड आतंकी जम्मू में बिजनेसमैन बनकर छिपकर बैठा था
मुरादाबाद पुलिस का कहना है कि हिजबुल का आतंकी उल्फत हुसैन पुंछ के सूरनकोट में बिजनेसमैन बनकर बैठा था। उसका पिता गांव का सरपंच है। इधर, मुरादाबाद पुलिस और यूपी एटीएस उसकी तलाश में 2007 से जगह-जगह की खाक छान रही थी। जबकि उल्फत बड़े आराम से पुंछ में बिजनेस चला रहा था। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि 2001 में उल्फत हुसैन को उसके 4 अन्य साथियों के साथ मुरादाबाद की कटघर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके साथियों में एक रामपुर का रहने वाला था, जबकि बाकी 3 मुरादाबाद के रहने वाले थे। मुरादाबाद में मौलवी की पढ़ाई करने आया था उल्फत हुसैन
SP सिटी रणविजय सिंह ने बताया- उल्फत हुसैन पुत्र मोहम्मद सैफुल इस्लाम रामपुर में दीनी तालीम हासिल करने आया था। इसके बाद वह मौलवी की पढ़ाई करने के लिए मुरादाबाद आया था। मुरादाबाद में वह असलतपुरा में एक मस्जिद में रहता था। मौलवी की पढ़ाई करने के बाद वो वापस पुंछ चला गया था। 1999 में पीओके जाकर आतंकी प्रशिक्षण लिया
SP सिटी ने बताया- मुरादाबाद से जाने के बाद उल्फत हुसैन ने कुछ दिन जम्मू की एक मस्जिद में इमामत की। इसके बाद 1999 में पीओके चला गया। वहां जाकर हिजबुल से जुड़ा और आतंकी ट्रेनिंग ली। इसके बाद साल 2001 में उल्फत हुसैन वापस इंडिया लौटा। इसके बाद वह मुरादाबाद आ गया। यहां वो आतंकी वारदात को अंजाम देने की कोशिश में था। इसी दौरान खुफिया एजेंसियों को उसकी हरकतों के बारे में भनक लगी। गिरफ्तारी से बचने के लिए कुछ समय उल्फत ने उत्तराखंड में बिताय। लेकिन कुछ समय बाद मुरादाबाद पुलिस ने विदेशी असलहों और भारी गोला बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया था। 2 दिन पहले कौशांबी से पकड़ा गया था बब्बर खालसा का आतंकी 2 दिन पहले कौशांबी से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का आतंकी गिरफ्तार हुआ था। उसकी पहचान लाजर मसीह के रूप में हुई था। DGP प्रशांत कुमार ने बताया था- लाजर महाकुंभ में किसी बड़ी घटना (ब्लास्ट) को अंजाम देने की फिराक में था। इसके बाद वह पुर्तगाल भागना चाहता था। उसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने हैंड ग्रेनेड मुहैया कराए थे। 4 दिन पहले हरियाणा से पकड़ा गया था आतंकी 4 दिन पहले, गुजरात ATS ने अब्दुल रहमान नाम के संदिग्ध आतंकी को फरीदाबाद (हरियाणा) से पकड़ा था। उसके पास से 2 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे। अब्दुल का घर अयोध्या के राम मंदिर से 36Km दूर मिल्कीपुर में है। वह राम मंदिर की रेकी भी कर चुका था। ATS को शक है कि वह राम मंदिर को हैंड ग्रेनेड से उड़ाने की साजिश रच रहा था। STF की पूछताछ में पता चला था कि आतंकी फरीदाबाद से हैंड ग्रेनेड लेने आया था। 23 दिसबंर को पीलीभीत में मारे गए थे 3 खालिस्तानी आतंकी इससे पहले, पीलीभीत और पंजाब पुलिस ने पिछले साल 23 दिसंबर को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के तीन आतंकियों का एनकाउंटर किया था। आतंकियों ने 19 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला किया था। आतंकियों के पास से 2 एके-47 राइफल, 2 ग्लॉक पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे। मारे गए आतंकियों की शिनाख्त गुरदासपुर निवासी गुरविंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि और जसप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह के रूप में हुई थी। ————————– यह खबर भी पढ़ें संभल हिंसा- 87 दिन जेल में रही बेकसूर फरहाना, पड़ोसन ने बहन को बचाने के लिए फंसाया यूपी के संभल में 24 नवंबर, 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हिंसा हुई। इसमें 4 लोग गोली लगने से मारे गए। 25 से ज्यादा पुलिस-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी घायल हुए। पुलिस पर पत्थर फेंकने के आरोप में 45 साल की फरहाना भी जेल गई थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
यूपी ATS ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी उल्फत हुसैन को कश्मीर से गिरफ्तार किया है। ATS और यूपी पुलिस को उल्फत की 18 साल से तलाश थी। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। उल्फत को मेडिकल कराने के बाद मुरादाबाद जेल भेज दिया गया है। ATS प्रवक्ता ने बताया- उल्फत मूल रूप से कश्मीर के पुंछ जिले का रहने वाला है। वह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। वह 2007 में मुरादाबाद से फरार हुआ था। POK से उल्फत हुसैन ने ली है ट्रेनिंग
SSP ATS देवेश कुमार पांडेय ने बताया- हमें सूचना मिल रही थी कि उल्फत हुसैन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। इसके बाद से सहारनपुर की ATS यूनिट उसे ट्रेस कर रही थी। उसकी लोकेशन जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मिली। वहां ATS की टीम पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया- उल्फत आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य रह चुका है। उसने 1999 से 2000 तक पाक-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POK) में ट्रेनिंग ली थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, उल्फत की 3 शादियां हुई हैं। तीनों के साथ वह अपने गांव कश्मीर में रहता था। तीनों पत्नियों से उसको 5 बच्चे हैं। एटीएस अभी उसकी पत्नियों और बच्चों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मुरादाबाद में 2001 में एके-47 के साथ पकड़ा गया था
SSP ने बताया- ट्रेनिंग के बाद उल्फत मुरादाबाद आया था। वह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला था, लेकिन 9 जुलाई, 2001 को मुरादाबाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। उसके पास से एके-47, एके-56, 2 पिस्टल (30 बोर), 12 हैंड ग्रेनेड, 39 टाइमर, 50 डेटोनेटर, 37 बैटरी, 29 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ और 560 जिंदा कारतूस के साथ 8 मैगजीन बरामद की गई थीं। 2007 में उसे जमानत मिल गई थी। बाद में कोर्ट ने दोबारा गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था, लेकिन उल्फत फरार हो गया था। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। 3 दिन पहले जारी हुआ था स्थायी वारंट
ATS प्रवक्ता ने बताया कि उल्फत पर ATS और मुरादाबाद के थाना कठघर से संयुक्त रूप से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित हुआ था। 3 दिन पहले यानी 5 मार्च को मुरादाबाद के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-14 ने उल्फत को खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था l वांटेड आतंकी जम्मू में बिजनेसमैन बनकर छिपकर बैठा था
मुरादाबाद पुलिस का कहना है कि हिजबुल का आतंकी उल्फत हुसैन पुंछ के सूरनकोट में बिजनेसमैन बनकर बैठा था। उसका पिता गांव का सरपंच है। इधर, मुरादाबाद पुलिस और यूपी एटीएस उसकी तलाश में 2007 से जगह-जगह की खाक छान रही थी। जबकि उल्फत बड़े आराम से पुंछ में बिजनेस चला रहा था। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि 2001 में उल्फत हुसैन को उसके 4 अन्य साथियों के साथ मुरादाबाद की कटघर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके साथियों में एक रामपुर का रहने वाला था, जबकि बाकी 3 मुरादाबाद के रहने वाले थे। मुरादाबाद में मौलवी की पढ़ाई करने आया था उल्फत हुसैन
SP सिटी रणविजय सिंह ने बताया- उल्फत हुसैन पुत्र मोहम्मद सैफुल इस्लाम रामपुर में दीनी तालीम हासिल करने आया था। इसके बाद वह मौलवी की पढ़ाई करने के लिए मुरादाबाद आया था। मुरादाबाद में वह असलतपुरा में एक मस्जिद में रहता था। मौलवी की पढ़ाई करने के बाद वो वापस पुंछ चला गया था। 1999 में पीओके जाकर आतंकी प्रशिक्षण लिया
SP सिटी ने बताया- मुरादाबाद से जाने के बाद उल्फत हुसैन ने कुछ दिन जम्मू की एक मस्जिद में इमामत की। इसके बाद 1999 में पीओके चला गया। वहां जाकर हिजबुल से जुड़ा और आतंकी ट्रेनिंग ली। इसके बाद साल 2001 में उल्फत हुसैन वापस इंडिया लौटा। इसके बाद वह मुरादाबाद आ गया। यहां वो आतंकी वारदात को अंजाम देने की कोशिश में था। इसी दौरान खुफिया एजेंसियों को उसकी हरकतों के बारे में भनक लगी। गिरफ्तारी से बचने के लिए कुछ समय उल्फत ने उत्तराखंड में बिताय। लेकिन कुछ समय बाद मुरादाबाद पुलिस ने विदेशी असलहों और भारी गोला बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया था। 2 दिन पहले कौशांबी से पकड़ा गया था बब्बर खालसा का आतंकी 2 दिन पहले कौशांबी से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का आतंकी गिरफ्तार हुआ था। उसकी पहचान लाजर मसीह के रूप में हुई था। DGP प्रशांत कुमार ने बताया था- लाजर महाकुंभ में किसी बड़ी घटना (ब्लास्ट) को अंजाम देने की फिराक में था। इसके बाद वह पुर्तगाल भागना चाहता था। उसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने हैंड ग्रेनेड मुहैया कराए थे। 4 दिन पहले हरियाणा से पकड़ा गया था आतंकी 4 दिन पहले, गुजरात ATS ने अब्दुल रहमान नाम के संदिग्ध आतंकी को फरीदाबाद (हरियाणा) से पकड़ा था। उसके पास से 2 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे। अब्दुल का घर अयोध्या के राम मंदिर से 36Km दूर मिल्कीपुर में है। वह राम मंदिर की रेकी भी कर चुका था। ATS को शक है कि वह राम मंदिर को हैंड ग्रेनेड से उड़ाने की साजिश रच रहा था। STF की पूछताछ में पता चला था कि आतंकी फरीदाबाद से हैंड ग्रेनेड लेने आया था। 23 दिसबंर को पीलीभीत में मारे गए थे 3 खालिस्तानी आतंकी इससे पहले, पीलीभीत और पंजाब पुलिस ने पिछले साल 23 दिसंबर को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के तीन आतंकियों का एनकाउंटर किया था। आतंकियों ने 19 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला किया था। आतंकियों के पास से 2 एके-47 राइफल, 2 ग्लॉक पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए थे। मारे गए आतंकियों की शिनाख्त गुरदासपुर निवासी गुरविंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि और जसप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह के रूप में हुई थी। ————————– यह खबर भी पढ़ें संभल हिंसा- 87 दिन जेल में रही बेकसूर फरहाना, पड़ोसन ने बहन को बचाने के लिए फंसाया यूपी के संभल में 24 नवंबर, 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हिंसा हुई। इसमें 4 लोग गोली लगने से मारे गए। 25 से ज्यादा पुलिस-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी घायल हुए। पुलिस पर पत्थर फेंकने के आरोप में 45 साल की फरहाना भी जेल गई थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट