पंजाब-हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर 93 दिनों से अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत खराब हो गई है। अचानक उनका ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें बुखार आ गया है। उन्हें इस समय (103.6) डिग्री बुखार है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। उनके सिर पर पानी की पट्टियां रखकर बुखार कम करने की कोशिश की जा रही है। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि कल उनकी तबीयत खराब हो गई थी। आज सुबह 5 बजे जगजीत सिंह डल्लेवाल जी को तेज बुखार (103.6) हो गया है। मेडिकल रिपोर्ट्स में जगजीत सिंह डल्लेवाल जी की यूरिन रिपोर्ट्स में कीटोन रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने प्रेस कांफ्रेंस कर हरियाणा सरकार से कहा है जिस तरह शंभू पर बैरिकेडिंग हुई, जैसे इंटरनेशनल बॉर्डर पर होती है, उसे हटाया जाए। किसान व पंजाबियों को अपील है संघर्ष की रूपरेखा को इस तरीके से तय करना चाहिए, जिससे संघर्ष तेज हो, दूसरा इस संघर्ष से बीजेपी प्रभावित होग। इससे पंजाब प्रभावित नहीं होना चाहिए। नील गर्ग ने प्रेस कांफ्रेंस में उठाए चार प्वाइंट 1. कल विधानसभा में खेती मंडीकरण का ड्रॉफ्ट रद्द करने का फैसला लिया गया है। क्योंकि हम यह समझते हैं कि यह ड्राफ्ट पंजाब की आर्थिक तबाही है। उससे न केवल किसान प्रभावित होता, उसकी फसल MSP पर नहीं बिकनी थी, दूसरा मजदूर और आढ़ती भी इससे प्रभावित होने वाले थे। ग्रामीण परिवेश खत्म हो जएगा। इससे RDF खत्म हो जाना था। इसलिए हमने इस ड्रॉफ्ट के आने के बाद सभी पक्षों की मीटिंग बुलाई थी। यह पंजाब के पक्ष में नहीं था। इसलिए सभी राय लेकर इसे रद करने का फैसला लिया था 2. पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है। हम किसानों का समर्थन करते हैं। बीजेपी राजनीतिक की चालें समझने की जरूरत है। बीजेपी आर्थिक तौर पर पंजाब को तबाह करना चाहती है। वह केवल पंजाब के किसानों को तबाह नहीं करना चाहती है। वह मजदूर या आढ़तियों की नौकरी छीनना चाहती है। पंजाब जो हमेशा उनकी नीतियों का विरोध करता है। उसे कैसे खत्म किया जाए। यही कोशिश बीजेपी की रहती है। कल सीएम से इंडस्ट्री के नुमाइंदे मिले थे। 3. किसान एक साल से संघर्ष कर रहे हैं। वह लगातार बॉर्डर पर बैठे हैं। बीजेपी उनकी बात नहीं सुन रही है। बीजेपी के कानों में उसके आवाज तक नहीं पहुंच रही है। बीजेपी चाहती है कि पंजाबी ही पंजाबियों के खिलाफ खड़े हो जाएंगे। 4. किसानों को एक साल से हल नहीं निकला। इस प्रदर्शन करके पंजाब को खराब या परेशान कर रही है। इंडस्ट्री बहुत से लोगों को रोजगार देती है। वह बहुत सारा टैक्स देती है, जिसे पंजाब चलता है। बॉर्डर बंद होने से इंडस्ट्री को ऑर्डर नहीं मिल रहे है। अगर इंडस्ट्री नहीं बची तो पंजाब भी नहीं बचेगा। हरियाणा सरकार से विनती है कि जिस तरह की बैरिकेडिंग की उसे हटाए। किसान व पंजाबियों को अपील कि संघर्ष रूपरेखा इस तरीके से तय करनी चाहिए,जिससे संघर्ष तेज हो, दूसरा इस संघर्ष से बीजेपी प्रभावित हो। 19 मार्च दिल्ली कूच का प्रोग्राम टला किसानों और केंद्र सरकार के बीच करीब एक साल बाद 14 फरवरी से दोबारा बातचीत शुरू हुई है। दो चरण की बातचीत हो चुकी है। 22 तारीख को केंद्रीय कृषि मंत्री शिव राज सिंह चौहान की अगुवाई में मीटिंग हुई थी। मीटिंग में किसानों ने अपना पक्ष रखा था। इसके किसानों पेश किए तथ्यों को केंद्र सरकार ने मांगा है। ताकि वह इस बारे में अपने माहिरों से राय ले पाए। इसके बाद हरियाणा और पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच पर अपना फैसला टाल दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बीते दिन सोमवार ही इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली कूच का फैसला 19 मार्च के बाद लिया जाएगा। डल्लेवाल ने अनशन शुरू किया, SC तक मामला किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने बेटे-बहू और पोते के नाम संपत्ति कर आमरण अनशन शुरू किया । 26 नवंबर 2024 को अनशन से पहले पंजाब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मगर, उन्होंने वहीं अनशन शुरू कर दिया। किसानों के दबाव में 1 दिसंबर को पंजाब पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। तब से ही डल्लेवाल का अनशन जारी है। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। लेकिन डल्लेवाल ने मेडिकल मदद लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट में करीब 10 बार उनकी सेहत को लेकर सुनवाई हुई। इसके बाद केंद्र ने 14 फरवरी को बातचीत का न्योता दे दिया। तब डल्लेवाल मेडिकल सुविधा लेने के लिए राजी हो गए।
पंजाब-हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर 93 दिनों से अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत खराब हो गई है। अचानक उनका ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें बुखार आ गया है। उन्हें इस समय (103.6) डिग्री बुखार है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। उनके सिर पर पानी की पट्टियां रखकर बुखार कम करने की कोशिश की जा रही है। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि कल उनकी तबीयत खराब हो गई थी। आज सुबह 5 बजे जगजीत सिंह डल्लेवाल जी को तेज बुखार (103.6) हो गया है। मेडिकल रिपोर्ट्स में जगजीत सिंह डल्लेवाल जी की यूरिन रिपोर्ट्स में कीटोन रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने प्रेस कांफ्रेंस कर हरियाणा सरकार से कहा है जिस तरह शंभू पर बैरिकेडिंग हुई, जैसे इंटरनेशनल बॉर्डर पर होती है, उसे हटाया जाए। किसान व पंजाबियों को अपील है संघर्ष की रूपरेखा को इस तरीके से तय करना चाहिए, जिससे संघर्ष तेज हो, दूसरा इस संघर्ष से बीजेपी प्रभावित होग। इससे पंजाब प्रभावित नहीं होना चाहिए। नील गर्ग ने प्रेस कांफ्रेंस में उठाए चार प्वाइंट 1. कल विधानसभा में खेती मंडीकरण का ड्रॉफ्ट रद्द करने का फैसला लिया गया है। क्योंकि हम यह समझते हैं कि यह ड्राफ्ट पंजाब की आर्थिक तबाही है। उससे न केवल किसान प्रभावित होता, उसकी फसल MSP पर नहीं बिकनी थी, दूसरा मजदूर और आढ़ती भी इससे प्रभावित होने वाले थे। ग्रामीण परिवेश खत्म हो जएगा। इससे RDF खत्म हो जाना था। इसलिए हमने इस ड्रॉफ्ट के आने के बाद सभी पक्षों की मीटिंग बुलाई थी। यह पंजाब के पक्ष में नहीं था। इसलिए सभी राय लेकर इसे रद करने का फैसला लिया था 2. पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है। हम किसानों का समर्थन करते हैं। बीजेपी राजनीतिक की चालें समझने की जरूरत है। बीजेपी आर्थिक तौर पर पंजाब को तबाह करना चाहती है। वह केवल पंजाब के किसानों को तबाह नहीं करना चाहती है। वह मजदूर या आढ़तियों की नौकरी छीनना चाहती है। पंजाब जो हमेशा उनकी नीतियों का विरोध करता है। उसे कैसे खत्म किया जाए। यही कोशिश बीजेपी की रहती है। कल सीएम से इंडस्ट्री के नुमाइंदे मिले थे। 3. किसान एक साल से संघर्ष कर रहे हैं। वह लगातार बॉर्डर पर बैठे हैं। बीजेपी उनकी बात नहीं सुन रही है। बीजेपी के कानों में उसके आवाज तक नहीं पहुंच रही है। बीजेपी चाहती है कि पंजाबी ही पंजाबियों के खिलाफ खड़े हो जाएंगे। 4. किसानों को एक साल से हल नहीं निकला। इस प्रदर्शन करके पंजाब को खराब या परेशान कर रही है। इंडस्ट्री बहुत से लोगों को रोजगार देती है। वह बहुत सारा टैक्स देती है, जिसे पंजाब चलता है। बॉर्डर बंद होने से इंडस्ट्री को ऑर्डर नहीं मिल रहे है। अगर इंडस्ट्री नहीं बची तो पंजाब भी नहीं बचेगा। हरियाणा सरकार से विनती है कि जिस तरह की बैरिकेडिंग की उसे हटाए। किसान व पंजाबियों को अपील कि संघर्ष रूपरेखा इस तरीके से तय करनी चाहिए,जिससे संघर्ष तेज हो, दूसरा इस संघर्ष से बीजेपी प्रभावित हो। 19 मार्च दिल्ली कूच का प्रोग्राम टला किसानों और केंद्र सरकार के बीच करीब एक साल बाद 14 फरवरी से दोबारा बातचीत शुरू हुई है। दो चरण की बातचीत हो चुकी है। 22 तारीख को केंद्रीय कृषि मंत्री शिव राज सिंह चौहान की अगुवाई में मीटिंग हुई थी। मीटिंग में किसानों ने अपना पक्ष रखा था। इसके किसानों पेश किए तथ्यों को केंद्र सरकार ने मांगा है। ताकि वह इस बारे में अपने माहिरों से राय ले पाए। इसके बाद हरियाणा और पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच पर अपना फैसला टाल दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बीते दिन सोमवार ही इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली कूच का फैसला 19 मार्च के बाद लिया जाएगा। डल्लेवाल ने अनशन शुरू किया, SC तक मामला किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने बेटे-बहू और पोते के नाम संपत्ति कर आमरण अनशन शुरू किया । 26 नवंबर 2024 को अनशन से पहले पंजाब पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। मगर, उन्होंने वहीं अनशन शुरू कर दिया। किसानों के दबाव में 1 दिसंबर को पंजाब पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। तब से ही डल्लेवाल का अनशन जारी है। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। लेकिन डल्लेवाल ने मेडिकल मदद लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट में करीब 10 बार उनकी सेहत को लेकर सुनवाई हुई। इसके बाद केंद्र ने 14 फरवरी को बातचीत का न्योता दे दिया। तब डल्लेवाल मेडिकल सुविधा लेने के लिए राजी हो गए।