दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार के बाद चर्चा थी कि पंजाब का सीएम बदला जा रहा है। इसको लेकर विपक्षी पार्टी के बड़े नेताओं की ओर से बयान आ रहे हैं। जब मीडिया ने सीएम भगवंत मान से यही सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि चर्चा है कि आने वाले समय में अरविंद केजरीवाल पंजाब के सीएम बनेंगे। इसके जवाब में सीएम ने कहा कि क्या ऐसा हो सकता है। जो मुंह में आता है, वह कह देते हैं। सीएम मान ने कहा कि वह इससे पहले भी यह बात कहते थे। केजरीवाल हमारी पार्टी के संयोजक हैं। वह हमारी राष्ट्रीय पार्टी के नेता हैं। उन्हें पूरे देश में पार्टी चलानी है। उनका कार्यक्रम कभी गुजरात में होता है तो कभी छत्तीसगढ़ में। ऐसी अफवाहें फैलाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि आज मेरे पास तीन-चार लोगों का फोन आया कि आज आपका जन्मदिन है। मैंने उनसे पूछा कि इंटरनेट से पता चला। साल में एक जन्मदिन होता है, तीन या चार नहीं। यहां तो अफवाहें फैलाते रहते हैं। पंजाब में नहीं उतरेगा डिपोर्ट किए लोगों का जहाज मीडिया ने जब सीएम से सवाल किया अमेरिका से डिपोर्ट किए जा रहे लोगों के जहाज पंजाब में उतारे जा रहे हैं। इससे आप क्या समझते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि मैंने तो इस चीज का अमृतसर जाकर विरोध किया है। नेशनल स्तर पर मीडिया ने इस मामले को उठाया है। वहीं, उस विरोध का असर यह होगा कि अब अगला कोई जहाज आएगा तो वह कम से कम पंजाब मे नहीं आएगा। वहीं, जो युवा डिपोर्ट हो रहे हैं। उनकी पंजाब सरकार मदद करेगी। ऐसे शुरू हुआ था यह विवाद दरअसल जैसे दिल्ली चुनाव के नतीजे सामने आए थे, उसके बाद पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा था कि आम आदमी पार्टी (AAP) के 30 विधायक उनके संपर्क में हैं। इसके बाद पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली चुनाव प्रचार में जुटे आप नेताओं की मीटिंग बुला ली थी। इसके बाद यह मामला ज्यादा गर्माया था। हालांकि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने शुरू से ही इसे अफवाह बताया था। उनका कहना था कि बाजवा के संपर्क में तो अपने ही विधायक नहीं है। पंजाब में 2022 में सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे, इसमें AAP ने 92, कांग्रेस 18, भाजपा 2, शिरोमणि अकाली दल 3 और बसपा 1 सीट जीती थी। पंजाब में बहुमत का आंकड़ा 59 का है। ऐसे में अगर 30 विधायक पार्टी छोड़ भी देते हैं तो भी AAP के पास 62 विधायक रहेंगे और सरकार को कोई खतरा नहीं होगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की हार के बाद चर्चा थी कि पंजाब का सीएम बदला जा रहा है। इसको लेकर विपक्षी पार्टी के बड़े नेताओं की ओर से बयान आ रहे हैं। जब मीडिया ने सीएम भगवंत मान से यही सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि चर्चा है कि आने वाले समय में अरविंद केजरीवाल पंजाब के सीएम बनेंगे। इसके जवाब में सीएम ने कहा कि क्या ऐसा हो सकता है। जो मुंह में आता है, वह कह देते हैं। सीएम मान ने कहा कि वह इससे पहले भी यह बात कहते थे। केजरीवाल हमारी पार्टी के संयोजक हैं। वह हमारी राष्ट्रीय पार्टी के नेता हैं। उन्हें पूरे देश में पार्टी चलानी है। उनका कार्यक्रम कभी गुजरात में होता है तो कभी छत्तीसगढ़ में। ऐसी अफवाहें फैलाई जाती हैं। सीएम ने कहा कि आज मेरे पास तीन-चार लोगों का फोन आया कि आज आपका जन्मदिन है। मैंने उनसे पूछा कि इंटरनेट से पता चला। साल में एक जन्मदिन होता है, तीन या चार नहीं। यहां तो अफवाहें फैलाते रहते हैं। पंजाब में नहीं उतरेगा डिपोर्ट किए लोगों का जहाज मीडिया ने जब सीएम से सवाल किया अमेरिका से डिपोर्ट किए जा रहे लोगों के जहाज पंजाब में उतारे जा रहे हैं। इससे आप क्या समझते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि मैंने तो इस चीज का अमृतसर जाकर विरोध किया है। नेशनल स्तर पर मीडिया ने इस मामले को उठाया है। वहीं, उस विरोध का असर यह होगा कि अब अगला कोई जहाज आएगा तो वह कम से कम पंजाब मे नहीं आएगा। वहीं, जो युवा डिपोर्ट हो रहे हैं। उनकी पंजाब सरकार मदद करेगी। ऐसे शुरू हुआ था यह विवाद दरअसल जैसे दिल्ली चुनाव के नतीजे सामने आए थे, उसके बाद पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा था कि आम आदमी पार्टी (AAP) के 30 विधायक उनके संपर्क में हैं। इसके बाद पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली चुनाव प्रचार में जुटे आप नेताओं की मीटिंग बुला ली थी। इसके बाद यह मामला ज्यादा गर्माया था। हालांकि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने शुरू से ही इसे अफवाह बताया था। उनका कहना था कि बाजवा के संपर्क में तो अपने ही विधायक नहीं है। पंजाब में 2022 में सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे, इसमें AAP ने 92, कांग्रेस 18, भाजपा 2, शिरोमणि अकाली दल 3 और बसपा 1 सीट जीती थी। पंजाब में बहुमत का आंकड़ा 59 का है। ऐसे में अगर 30 विधायक पार्टी छोड़ भी देते हैं तो भी AAP के पास 62 विधायक रहेंगे और सरकार को कोई खतरा नहीं होगा।