हरियाणा के जींद में आज आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर पहुंचे। सेक्टर 7 ए में आयोजित अध्यात्म के महासंगम कार्यक्रम में श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि मोक्ष केवल महाकुंभ पर संगम में डुबकी लगाने मात्र से नहीं मिल जाता। मोक्ष प्राप्त करने के लिए ज्ञान जरूरी है। साथ ही हरियाणा की खापों की मुहिम का समर्थन करते हुए श्री श्री रविशंकर ने कहा कि एक गांव और एक गोत्र में शादी नहीं होनी चाहिए। नस्ल बचाने के लिए जरूरी है कि एक गांव और एक गोत्र में शादी नहीं हो और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जाए। उन्होंने आह्वान किया कि कैंसर की खेती को नहीं करना है और जैविक खेती को अपनाना है। मंगलवार दोपहर 12 से 2 बजे तक श्रीधाम सोसाइटी में आयोजित फसल बचाओ, नस्ल बचाओ महासम्मेलन में पहुंचे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि एक गोत्र और एक शादी में गांव में शादी नहीं करना कोई रूढ़िवादी नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक रूप से सही है। खाप पंचायतों की हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की इस मांग का वह समर्थन करते हैं। श्री श्री रविशंकर ने कहा कि महाकुंभ में जो संत महात्मा आए हैं, उनका ज्ञान ही मोक्ष प्राप्त करने का रास्ता है। महाकुंभ के दौरान भगदड़ और दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में अनेक लोगों की मौत पर श्री श्री रविशंकर ने कहा कि यह बेहद दुखद है। फिर भी इतने बड़े आयोजन में व्यवस्थाएं अच्छे तरीके से की गई हैं। श्री श्री रविशंकर ने हरियाणा को पहलवानों और खिलाड़ियों की धरती बताते हुए कहा कि यह सिलसिला जारी रहना चाहिए। खेती बचाने को लेकर श्री श्री रविशंकर ने कहा कि अब किसानों को कैंसर की खेती छोड़कर जैविक खेती अपनानी होगी। फसलों में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग को अब छोड़ना होगा। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान बहुत जरूरी है। इस मौके पर विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा ने भी नशा मुक्ति पर जोर दिया। मंगलवार के आयोजन को सफल बताते हुए आयोजक मंडल के सदस्य दयाकिशन गिल ने कहा कि श्री श्री रविशंकर जी को सुनने और देखने के लिए हजारों लोगों की भारी भीड़ पहुंची। श्री धाम सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम का सभा स्थल श्री श्री रविशंकर के चाहने वालों से खचाखच भरा हुआ था। आयोजकों की उम्मीद से ज्यादा भीड़ इसमें उमड़ी। जैसे ही मंच पर श्री श्री रविशंकर पहुंचे, तो पूरा पंडाल उनके अभिवादन में खड़ा हो गया और श्री श्री रविशंकर की जय के नारे लगाने लगा। जींद में पहली बार पहुंचे श्रीश्री रविशंकर को देखने और सुनने के लिए लोगों में काफी उत्साह नजर आ रहा था। आयोजक मंडल के सदस्य दयाकिशन गिल ने कहा कि श्री श्री रविशंकर के चरण जींद की धरती और श्री धाम सोसाइटी में पड़ने से सब पवित्र हो गया है। फसल और नस्ल बचाने को देश में सबसे गंभीर है हरियाणा
श्री श्री रविशंकर ने कहा कि पूरे देश में फसल और नस्ल बचाने को लेकर हरियाणा सबसे ज्यादा गंभीर है। हरियाणा अपनी विरासत को बचाने का भी प्रयास कर रहा है तो वहीं यहां का अन्नदाता पूरे देश को अन्न दे रहा है। कुश्ती, नृत्य, संगीत में लगातार आगे बढ़ रहा है। श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि हरियाणा में अभी भी गांवों में नशे की गंद आ रही है। इसलिए जो भी गांवों में नशा बेचता है, उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले करें और जो नशा करता है, उसे योग की शिक्षा में डाल दें। हमें परिवर्तन लाना होगा, नहीं तो न फसल बचेगी और न ही नस्ल बचेगी। युवाओं में शक्ति और बल नहीं बचेगा। हर घर में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक होना चाहिए। दुनिया आयुर्वेद का स्वागत कर रही है जबकि हम भूलते जा रहे हैं। इस मौके पर समाज सेवी हर्ष छिक्कारा, आयोजक दयाकिशन गिल, अनिल जागलान, चरण सिंह, नरेश जागलान, कुश्ती खिलाड़ी अंशु मलिक, मानसी लाठर समेत खाप संयोजक पहुंचे थे।
हरियाणा के जींद में आज आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर पहुंचे। सेक्टर 7 ए में आयोजित अध्यात्म के महासंगम कार्यक्रम में श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि मोक्ष केवल महाकुंभ पर संगम में डुबकी लगाने मात्र से नहीं मिल जाता। मोक्ष प्राप्त करने के लिए ज्ञान जरूरी है। साथ ही हरियाणा की खापों की मुहिम का समर्थन करते हुए श्री श्री रविशंकर ने कहा कि एक गांव और एक गोत्र में शादी नहीं होनी चाहिए। नस्ल बचाने के लिए जरूरी है कि एक गांव और एक गोत्र में शादी नहीं हो और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जाए। उन्होंने आह्वान किया कि कैंसर की खेती को नहीं करना है और जैविक खेती को अपनाना है। मंगलवार दोपहर 12 से 2 बजे तक श्रीधाम सोसाइटी में आयोजित फसल बचाओ, नस्ल बचाओ महासम्मेलन में पहुंचे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि एक गोत्र और एक शादी में गांव में शादी नहीं करना कोई रूढ़िवादी नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक रूप से सही है। खाप पंचायतों की हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की इस मांग का वह समर्थन करते हैं। श्री श्री रविशंकर ने कहा कि महाकुंभ में जो संत महात्मा आए हैं, उनका ज्ञान ही मोक्ष प्राप्त करने का रास्ता है। महाकुंभ के दौरान भगदड़ और दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में अनेक लोगों की मौत पर श्री श्री रविशंकर ने कहा कि यह बेहद दुखद है। फिर भी इतने बड़े आयोजन में व्यवस्थाएं अच्छे तरीके से की गई हैं। श्री श्री रविशंकर ने हरियाणा को पहलवानों और खिलाड़ियों की धरती बताते हुए कहा कि यह सिलसिला जारी रहना चाहिए। खेती बचाने को लेकर श्री श्री रविशंकर ने कहा कि अब किसानों को कैंसर की खेती छोड़कर जैविक खेती अपनानी होगी। फसलों में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग को अब छोड़ना होगा। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान बहुत जरूरी है। इस मौके पर विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा ने भी नशा मुक्ति पर जोर दिया। मंगलवार के आयोजन को सफल बताते हुए आयोजक मंडल के सदस्य दयाकिशन गिल ने कहा कि श्री श्री रविशंकर जी को सुनने और देखने के लिए हजारों लोगों की भारी भीड़ पहुंची। श्री धाम सोसाइटी में आयोजित कार्यक्रम का सभा स्थल श्री श्री रविशंकर के चाहने वालों से खचाखच भरा हुआ था। आयोजकों की उम्मीद से ज्यादा भीड़ इसमें उमड़ी। जैसे ही मंच पर श्री श्री रविशंकर पहुंचे, तो पूरा पंडाल उनके अभिवादन में खड़ा हो गया और श्री श्री रविशंकर की जय के नारे लगाने लगा। जींद में पहली बार पहुंचे श्रीश्री रविशंकर को देखने और सुनने के लिए लोगों में काफी उत्साह नजर आ रहा था। आयोजक मंडल के सदस्य दयाकिशन गिल ने कहा कि श्री श्री रविशंकर के चरण जींद की धरती और श्री धाम सोसाइटी में पड़ने से सब पवित्र हो गया है। फसल और नस्ल बचाने को देश में सबसे गंभीर है हरियाणा
श्री श्री रविशंकर ने कहा कि पूरे देश में फसल और नस्ल बचाने को लेकर हरियाणा सबसे ज्यादा गंभीर है। हरियाणा अपनी विरासत को बचाने का भी प्रयास कर रहा है तो वहीं यहां का अन्नदाता पूरे देश को अन्न दे रहा है। कुश्ती, नृत्य, संगीत में लगातार आगे बढ़ रहा है। श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि हरियाणा में अभी भी गांवों में नशे की गंद आ रही है। इसलिए जो भी गांवों में नशा बेचता है, उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले करें और जो नशा करता है, उसे योग की शिक्षा में डाल दें। हमें परिवर्तन लाना होगा, नहीं तो न फसल बचेगी और न ही नस्ल बचेगी। युवाओं में शक्ति और बल नहीं बचेगा। हर घर में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक होना चाहिए। दुनिया आयुर्वेद का स्वागत कर रही है जबकि हम भूलते जा रहे हैं। इस मौके पर समाज सेवी हर्ष छिक्कारा, आयोजक दयाकिशन गिल, अनिल जागलान, चरण सिंह, नरेश जागलान, कुश्ती खिलाड़ी अंशु मलिक, मानसी लाठर समेत खाप संयोजक पहुंचे थे।