असम राइफल्स के साथ बायोमेट्रिक विवरण और पहचान पत्र साझा करने के बाद दिसंबर से अब तक 7,000 लोग म्यांमार से भारत में प्रवेश कर चुके हैं। भारत-म्यांमार सीमा पिछले साल संशोधित फ्री मूवमेंट रिजीम (FMR) के तहत कड़े नियम लागू किए गए थे। इसके लिए उनका बायोमेट्रिक डेटा को जमा किया जाएगा, जो नेशनल डेटा सेंटर से जुड़ा होगा। केंद्र सरकार ने पिछले साल फ्री मूवमेंट रिजीम को खत्म करने का निर्णय लिया था। लेकिन बाद में एक और स्ट्रीक्ट नियम बनाया गया, जिसे दिसंबर 2024 में मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड सरकार को संशोधित लागू करने को कहा गया। एंट्री प्वाइंट पर बायोमेट्रिक डेटा, एड्रेस के साथ ही अनुमती असम राइफल्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक- अब सीमा पर करने के लिए 43 निर्धारित एंट्री प्वाइंट होंगे। हालांकि अभी 22 एंट्री प्वाइंट ही चालू है। इन एंट्री प्वाइंट पर लोगों से बायोमेट्रिक डेटा, एड्रेस सहित अन्य जानकारियां लेकर पास जारी किए जाते हैं। दिसंबर के बाद गांव के ऑथोरटी के सामने डाक्यूमेंट चेक करवाना जरूरी उन्होंने आगे बताया- दिसंबर से लोगों को अपने गांव के ऑथोरटी के सामने डाक्यूमेंट चेक करवाना जरूरी है। इसकी जांच के बाद असम राइफल्स के लोग उनकी फोटो और बायोमेट्रिक जानकारियां रिकॉर्ड करके पास जारी करते हैं। इस डेका को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि हमें मालूम हो कि हमारे क्षेत्रों में कौन इकट्ठा हो रहा है। अगर कोई गलत करता है तो हमारे पास उनकी मूवमेंट का रिकार्ड होगा। एक पास से दोनों देशों के बीच 7 दिनों तक यात्रा की अनुमति नए FMR के अनुसार बॉर्डर के 10 किलोमीटर के अंदर रहने वाले लोग एक बॉर्डक पास से दोनों देशों में 7 दिनों तक यात्रा कर सकते हैं। इस एंट्री पास को पाने के लिए लोगों के पास स्थानीय पुलिस स्टेशन, गांव के मुखिया या किसी भी सरकार रिकॉगनाइज्ड अथोरटी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए। यह पास एक ही एंट्री प्वाइंट के लिए होता है और वापसी भी उसी एंट्री प्वाइंट के लिए होता है। भारत और म्यांमार 1643 किलो मीटर बॉर्डर साझा करता है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश 520 किमी, नागालैंड 215 किमी, मणिपुर 398 किमी, और मिजोरम 510 किमी शामिल है। इससे जुड़ी और भी खबरे… म्यांमार सीमा पर कंटीले तार लगाने का विरोध:3 राज्यों में काम शुरू नहीं, नगा संगठन की चेतावनी- प्रोजेक्ट में काम किया तो गंभीर नतीजे होंगे म्यांमार से लगी पूर्वोत्तर के 4 राज्यों की 1,643 किमी लंबी सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के प्रोजेक्ट का विरोध शुरू हो गया है। इसी कारण 4 में से 3 राज्यों में अभी काम भी शुरू नहीं हो पाया है। पूरी खबर पढ़ें… म्यांमार में महज 17 हजार रुपए में बिकती है AK-47:मणिपुर-नगालैंड के रास्ते भारत में तस्करी, बिहार आते-आते कीमत हो जाती है 7 लाख ‘यार, रुतबा बढ़ाना है। बड़ा हथियार (AK-47) चाहिए। कुछ व्यवस्था करो। उधर से जवाब आता है ठीक है, हो जाएगा। पैसा तैयार रखो। बस इतनी बात हुई और 7 लाख रुपए में AK-47 हथियार घर आ गया।’ चौंकिए नहीं, बिहार में हथियारों की सप्लाई इतनी ही आसान है। इसकी तस्दीक बिहार पुलिस की कोर्ट में सब्मिट केस डायरी भी करती है। ये बातचीत बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले देवमुनि राय उर्फ अनीश और हथियार तस्कर विकास-सत्यम के बीच की है। तीनों इस वक्त पटना के बाद बेऊर जेल में बंद हैं। पूरी खबर पढ़ें….
असम राइफल्स के साथ बायोमेट्रिक विवरण और पहचान पत्र साझा करने के बाद दिसंबर से अब तक 7,000 लोग म्यांमार से भारत में प्रवेश कर चुके हैं। भारत-म्यांमार सीमा पिछले साल संशोधित फ्री मूवमेंट रिजीम (FMR) के तहत कड़े नियम लागू किए गए थे। इसके लिए उनका बायोमेट्रिक डेटा को जमा किया जाएगा, जो नेशनल डेटा सेंटर से जुड़ा होगा। केंद्र सरकार ने पिछले साल फ्री मूवमेंट रिजीम को खत्म करने का निर्णय लिया था। लेकिन बाद में एक और स्ट्रीक्ट नियम बनाया गया, जिसे दिसंबर 2024 में मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड सरकार को संशोधित लागू करने को कहा गया। एंट्री प्वाइंट पर बायोमेट्रिक डेटा, एड्रेस के साथ ही अनुमती असम राइफल्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक- अब सीमा पर करने के लिए 43 निर्धारित एंट्री प्वाइंट होंगे। हालांकि अभी 22 एंट्री प्वाइंट ही चालू है। इन एंट्री प्वाइंट पर लोगों से बायोमेट्रिक डेटा, एड्रेस सहित अन्य जानकारियां लेकर पास जारी किए जाते हैं। दिसंबर के बाद गांव के ऑथोरटी के सामने डाक्यूमेंट चेक करवाना जरूरी उन्होंने आगे बताया- दिसंबर से लोगों को अपने गांव के ऑथोरटी के सामने डाक्यूमेंट चेक करवाना जरूरी है। इसकी जांच के बाद असम राइफल्स के लोग उनकी फोटो और बायोमेट्रिक जानकारियां रिकॉर्ड करके पास जारी करते हैं। इस डेका को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि हमें मालूम हो कि हमारे क्षेत्रों में कौन इकट्ठा हो रहा है। अगर कोई गलत करता है तो हमारे पास उनकी मूवमेंट का रिकार्ड होगा। एक पास से दोनों देशों के बीच 7 दिनों तक यात्रा की अनुमति नए FMR के अनुसार बॉर्डर के 10 किलोमीटर के अंदर रहने वाले लोग एक बॉर्डक पास से दोनों देशों में 7 दिनों तक यात्रा कर सकते हैं। इस एंट्री पास को पाने के लिए लोगों के पास स्थानीय पुलिस स्टेशन, गांव के मुखिया या किसी भी सरकार रिकॉगनाइज्ड अथोरटी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए। यह पास एक ही एंट्री प्वाइंट के लिए होता है और वापसी भी उसी एंट्री प्वाइंट के लिए होता है। भारत और म्यांमार 1643 किलो मीटर बॉर्डर साझा करता है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश 520 किमी, नागालैंड 215 किमी, मणिपुर 398 किमी, और मिजोरम 510 किमी शामिल है। इससे जुड़ी और भी खबरे… म्यांमार सीमा पर कंटीले तार लगाने का विरोध:3 राज्यों में काम शुरू नहीं, नगा संगठन की चेतावनी- प्रोजेक्ट में काम किया तो गंभीर नतीजे होंगे म्यांमार से लगी पूर्वोत्तर के 4 राज्यों की 1,643 किमी लंबी सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के प्रोजेक्ट का विरोध शुरू हो गया है। इसी कारण 4 में से 3 राज्यों में अभी काम भी शुरू नहीं हो पाया है। पूरी खबर पढ़ें… म्यांमार में महज 17 हजार रुपए में बिकती है AK-47:मणिपुर-नगालैंड के रास्ते भारत में तस्करी, बिहार आते-आते कीमत हो जाती है 7 लाख ‘यार, रुतबा बढ़ाना है। बड़ा हथियार (AK-47) चाहिए। कुछ व्यवस्था करो। उधर से जवाब आता है ठीक है, हो जाएगा। पैसा तैयार रखो। बस इतनी बात हुई और 7 लाख रुपए में AK-47 हथियार घर आ गया।’ चौंकिए नहीं, बिहार में हथियारों की सप्लाई इतनी ही आसान है। इसकी तस्दीक बिहार पुलिस की कोर्ट में सब्मिट केस डायरी भी करती है। ये बातचीत बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले देवमुनि राय उर्फ अनीश और हथियार तस्कर विकास-सत्यम के बीच की है। तीनों इस वक्त पटना के बाद बेऊर जेल में बंद हैं। पूरी खबर पढ़ें….