पंचायती राज के मामले में कर्नाटक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (दिल्ली) द्वारा तैयार किए गए पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स-2024 में कर्नाटक की ग्राम पंचायतें पहले पायदान पर हैं। दूसरे पर केरल और तीसरे पर तमिलनाडु है। यानी पहले तीन पायदान पर दक्षिण भारत के राज्य हैं। 2024 के इंडेक्स में राजस्थान 7वें नंबर पर पहुंच गया, जो 2016 में मप्र से नीचे 10वें नंबर पर था। वहीं, मध्य प्रदेश इस बार 12वें पर लुढ़क गया, जो 2016 के इंडेक्स में नौवें नंबर पर था। आंध्र 11वें पर है। किस आधार पर राज्यों को रैकिंग दी गई
ग्राम पंचायतों का खाका (फ्रेमवर्क), कामकाज, वित्त व्यवस्था, पदाधिकारी, क्षमता निर्माण और जवाबदेही जैसे मानकों के आधार पर राज्यों की रैंकिंग दी गई। 13 राज्यों को 50 से अधिक अंक मिले जबकि राष्ट्रीय औसत 43.9 अंक रहा, जो पिछले इंडेक्स की तुलना में 10 अंक ज्यादा है। 14 राज्यों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। यह इंडेक्स इसलिए बनाया गया है, ताकि पता चल सके कि राज्य सरकारें ग्राम पंचायतों को कितनी शक्तियां और संसाधन दे रहे हैं। इंडेक्स के पहले तीन पायदानों पर दक्षिण भारतीय राज्य हैं। ये खबर भी पढ़ें… भारत में भ्रष्टाचार बढ़ा: 3 पायदान गिरकर 96वीं रैंक पर पहुंचा, 180 देशों की लिस्ट में चीन 76 ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 11 फरवरी को अपनी 180 देशों की करप्शन रिपोर्ट जारी की। भारत की रैंकिंग में गिरावट आई है। वह 2024 की लिस्ट में 3 पायदान गिरकर 96वें नंबर पर आ गया है। 2023 में भारत 93वें नंबर पर था। इसका मतलब हमारे यहां करप्शन बढ़ा है। पड़ोसी देश चीन 76वें नंबर पर बरकरार है। उसकी रैंकिंग में 2 साल से बदलाव नहीं आया है। वहीं, पाकिस्तान में भी करप्शन बढ़ा है। वह 133 से 135वें नंबर पर आ गया है। पढ़ें पूरी खबर…
पंचायती राज के मामले में कर्नाटक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (दिल्ली) द्वारा तैयार किए गए पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स-2024 में कर्नाटक की ग्राम पंचायतें पहले पायदान पर हैं। दूसरे पर केरल और तीसरे पर तमिलनाडु है। यानी पहले तीन पायदान पर दक्षिण भारत के राज्य हैं। 2024 के इंडेक्स में राजस्थान 7वें नंबर पर पहुंच गया, जो 2016 में मप्र से नीचे 10वें नंबर पर था। वहीं, मध्य प्रदेश इस बार 12वें पर लुढ़क गया, जो 2016 के इंडेक्स में नौवें नंबर पर था। आंध्र 11वें पर है। किस आधार पर राज्यों को रैकिंग दी गई
ग्राम पंचायतों का खाका (फ्रेमवर्क), कामकाज, वित्त व्यवस्था, पदाधिकारी, क्षमता निर्माण और जवाबदेही जैसे मानकों के आधार पर राज्यों की रैंकिंग दी गई। 13 राज्यों को 50 से अधिक अंक मिले जबकि राष्ट्रीय औसत 43.9 अंक रहा, जो पिछले इंडेक्स की तुलना में 10 अंक ज्यादा है। 14 राज्यों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। यह इंडेक्स इसलिए बनाया गया है, ताकि पता चल सके कि राज्य सरकारें ग्राम पंचायतों को कितनी शक्तियां और संसाधन दे रहे हैं। इंडेक्स के पहले तीन पायदानों पर दक्षिण भारतीय राज्य हैं। ये खबर भी पढ़ें… भारत में भ्रष्टाचार बढ़ा: 3 पायदान गिरकर 96वीं रैंक पर पहुंचा, 180 देशों की लिस्ट में चीन 76 ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 11 फरवरी को अपनी 180 देशों की करप्शन रिपोर्ट जारी की। भारत की रैंकिंग में गिरावट आई है। वह 2024 की लिस्ट में 3 पायदान गिरकर 96वें नंबर पर आ गया है। 2023 में भारत 93वें नंबर पर था। इसका मतलब हमारे यहां करप्शन बढ़ा है। पड़ोसी देश चीन 76वें नंबर पर बरकरार है। उसकी रैंकिंग में 2 साल से बदलाव नहीं आया है। वहीं, पाकिस्तान में भी करप्शन बढ़ा है। वह 133 से 135वें नंबर पर आ गया है। पढ़ें पूरी खबर…