सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की गिरफ्तारी पर लगी रोक 17 मार्च तक बढ़ा दी। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। पूजा पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा पास करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांगता कोटे से आरक्षण लेने के लिए धोखाधड़ी करने का आरोप है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने खेडकर को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी। खेडकर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने बताया कि खेडकर जांच में सहयोग कर रही हैं लेकिन पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है। वहीं, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू के अनुरोध पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया। पूजा पर तय सीमा से ज्यादा बार एग्जाम देने का आरोप
दिव्यांग कैटेगरी से कोई कैंडिडेट 9 बार परीक्षा दे सकता है। जनरल कैटेगरी से 6 अटेम्प्ट्स देने की इजाजत होती है। पूजा पर गलत उम्र, सरनेम बदलने, माता-पिता की गलत जानकारी, गलत तरीके से आरक्षण का फायदा लेने और तय सीमा से ज्यादा बार सिविल सर्विसेज का एग्जाम देने का आरोप है। पूजा को CSE-2022 में 841वीं रैंक मिली थी। 2023 बैच की ट्रेनी IAS पूजा जून 2024 से पुणे में ट्रेनिंग कर रही थीं। 31 जुलाई को पूजा का सिलेक्शन रद्द हुआ
UPSC ने 31 जुलाई को उनका सिलेक्शन रद्द कर दिया और भविष्य में कोई एग्जाम देने पर भी रोक लगा दी। UPSC ने दस्तावेजों की जांच के बाद पूजा को CSE-2022 नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया था। आयोग ने दिल्ली पुलिस में उनके खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। पूजा बोलीं- UPSC को मेरे खिलाफ एक्शन लेने का अधिकार नहीं
पूजा ने 28 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि UPSC के पास उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। पूजा ने कहा कि UPSC ने 2019, 2021 और 2022 के पर्सनैलिटी टेस्ट के दौरान कलेक्ट किए बायोमीट्रिक डेटा (सिर और उंगलियों के निशान) के जरिए मेरी पहचान वैरिफाई की है। मेरे सारे डॉक्यूमेंट को 26 मई 2022 को पर्सनैलिटी टेस्ट में आयोग ने वैरिफाई किया था। पूजा के जवाब पर विचार करने और नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से समय मांगा है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने पुलिस को आगे की कार्यवाही लंबित रहने तक खेडकर को गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया है। अब 5 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी। पूजा ने UPSC सिलेक्शन रद्द करने और जमानत से राहत न देने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने 1 अगस्त को पूजा को राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पूजा ने 8 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की गिरफ्तारी पर लगी रोक 17 मार्च तक बढ़ा दी। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। पूजा पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा पास करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांगता कोटे से आरक्षण लेने के लिए धोखाधड़ी करने का आरोप है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने खेडकर को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी। खेडकर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने बताया कि खेडकर जांच में सहयोग कर रही हैं लेकिन पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है। वहीं, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू के अनुरोध पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया। पूजा पर तय सीमा से ज्यादा बार एग्जाम देने का आरोप
दिव्यांग कैटेगरी से कोई कैंडिडेट 9 बार परीक्षा दे सकता है। जनरल कैटेगरी से 6 अटेम्प्ट्स देने की इजाजत होती है। पूजा पर गलत उम्र, सरनेम बदलने, माता-पिता की गलत जानकारी, गलत तरीके से आरक्षण का फायदा लेने और तय सीमा से ज्यादा बार सिविल सर्विसेज का एग्जाम देने का आरोप है। पूजा को CSE-2022 में 841वीं रैंक मिली थी। 2023 बैच की ट्रेनी IAS पूजा जून 2024 से पुणे में ट्रेनिंग कर रही थीं। 31 जुलाई को पूजा का सिलेक्शन रद्द हुआ
UPSC ने 31 जुलाई को उनका सिलेक्शन रद्द कर दिया और भविष्य में कोई एग्जाम देने पर भी रोक लगा दी। UPSC ने दस्तावेजों की जांच के बाद पूजा को CSE-2022 नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया था। आयोग ने दिल्ली पुलिस में उनके खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। पूजा बोलीं- UPSC को मेरे खिलाफ एक्शन लेने का अधिकार नहीं
पूजा ने 28 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि UPSC के पास उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। पूजा ने कहा कि UPSC ने 2019, 2021 और 2022 के पर्सनैलिटी टेस्ट के दौरान कलेक्ट किए बायोमीट्रिक डेटा (सिर और उंगलियों के निशान) के जरिए मेरी पहचान वैरिफाई की है। मेरे सारे डॉक्यूमेंट को 26 मई 2022 को पर्सनैलिटी टेस्ट में आयोग ने वैरिफाई किया था। पूजा के जवाब पर विचार करने और नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से समय मांगा है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने पुलिस को आगे की कार्यवाही लंबित रहने तक खेडकर को गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया है। अब 5 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी। पूजा ने UPSC सिलेक्शन रद्द करने और जमानत से राहत न देने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने 1 अगस्त को पूजा को राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पूजा ने 8 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।