बेंगलुरु में एशिया के सबसे बड़े एयर शो एयरो इंडिया 2025 की शुरुआत हो चुकी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को रक्षा मंत्रियों के BRIDGE कॉन्क्लेव में कहा कि कमजोर रहकर कोई देश कभी भी शांति नहीं ला सकता, केवल मजबूत होकर ही हम बेहतर दुनिया के लिए काम कर सकते हैं। राजनाथ ने कहा कि बॉर्डर सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा के बीच का फर्क खत्म होता जा रहा है। अब हाईब्रिड वॉरफेयर की मदद से शांतिकाल में भी देश के अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है। इसलिए हमें तैयार रहने की जरूरत है। सिंह ने कहा, ‘शांति का वट वृक्ष केवल शक्ति की जड़ों पर ही खड़ा हो सकता है। भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की है। मुझे लगता है कि एयरो इंडिया के रूप में एक और महाकुंभ शुरू हुआ है। प्रयागराज महाकुंभ आत्म-खोज का कुंभ है, वहीं एयरो इंडिया रिसर्च का कुंभ है।’ राजनाथ बोले- आतंकवाद, साइबर अपराध भारत के लिए चुनौती राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद, साइबर अपराध, मानवीय संकट और जलवायु परिवर्तन से होने वाली आपदाएं भारत के लिए बड़ी चुनौती हैं, जो सीमाओं से परे जाकर दुनिया को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने BRIDGE पहल के जरिए वैश्विक सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने की बात कही। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच ‘स’ के सिद्धांत- सम्मान, संवाद, सहयोग, शांति और समृद्धि को भारत की अंतरराष्ट्रीय नीति का आधार बताया। AI और नई तकनीकों पर नजर रखना जरूरी ब्रिज कॉन्क्लेव में शामिल हुए 30 देशों के मंत्री कॉन्क्लेव में 30 देशों के डिफेंस मिनिस्टर और 90 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचे। इनमें रक्षा और सेवा प्रमुख, स्थायी सचिव शामिल रहे। एयरो इंडिया कार्यक्रम 42,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में चल रहा है। इसमें 150 विदेशी कंपनियों सहित 900 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। रूस का भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एसयू-57 का ऑफर एयर शो में रूस पहली बार पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट एसयू-57 के साथ आया है। रूसी एजेंसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के महानिदेशक अलेक्जेंडर मिखेव ने भारत को एसयू-57 देने का ऑफर किया है। उन्होंने कहा, हम सप्लाई और जॉइंट प्रोडक्शन के लिए तैयार हैं। हालांकि, भारत ने अब तक इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भारत-रूस में 2007 में पांचवीं पीढ़ी के जेट विकसित करने का करार हुआ था, लेकिन टेक ट्रांसफर पर मतभेद के कारण बात नहीं बनी। भारत के पास पांचवी जनरेशन के जेट्स नहीं
इंडियन एयरफोर्स के पास अभी पांचवीं जनरेशन के फाइटर जेट नहीं हैं। बीते साल सरकार ने पांचवीं जनरेशन के फाइटर जेट भारत में ही बनाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी और साल 2035 तक ये जेट्स एयरफोर्स में शामिल किए जा सकते हैं। भारत के पास 4.5th जनरेशन के फ्रांस से खरीदे राफेल फाइटर जेट्स हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु में एयरो इंडिया-2025 शो:तेजस हवा में 360° घूमा; सुखोई का आसमान में करतब; सूर्य किरण से निकले 3 रंग एशिया के सबसे बड़े एयर शो में से एक एयरो इंडिया 2025 की आज से शुरुआत हो गई। यह शो बेंगलुरु के येलाहेंका एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। जो 14 फरवरी तक चलेगा। एयर शो में तेजस मार्क 1ए विमान ने हवा में 360° चक्कर लगाया। वहीं सुखोई एसयू-30 एमकेआई ने भी आसमान में करतब दिखाया। सूर्य किरण ने हवा में उड़ान के दौरान तीन रंग फैलाए। पढ़ें पूरी खबर…
बेंगलुरु में एशिया के सबसे बड़े एयर शो एयरो इंडिया 2025 की शुरुआत हो चुकी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को रक्षा मंत्रियों के BRIDGE कॉन्क्लेव में कहा कि कमजोर रहकर कोई देश कभी भी शांति नहीं ला सकता, केवल मजबूत होकर ही हम बेहतर दुनिया के लिए काम कर सकते हैं। राजनाथ ने कहा कि बॉर्डर सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा के बीच का फर्क खत्म होता जा रहा है। अब हाईब्रिड वॉरफेयर की मदद से शांतिकाल में भी देश के अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है। इसलिए हमें तैयार रहने की जरूरत है। सिंह ने कहा, ‘शांति का वट वृक्ष केवल शक्ति की जड़ों पर ही खड़ा हो सकता है। भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की है। मुझे लगता है कि एयरो इंडिया के रूप में एक और महाकुंभ शुरू हुआ है। प्रयागराज महाकुंभ आत्म-खोज का कुंभ है, वहीं एयरो इंडिया रिसर्च का कुंभ है।’ राजनाथ बोले- आतंकवाद, साइबर अपराध भारत के लिए चुनौती राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद, साइबर अपराध, मानवीय संकट और जलवायु परिवर्तन से होने वाली आपदाएं भारत के लिए बड़ी चुनौती हैं, जो सीमाओं से परे जाकर दुनिया को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने BRIDGE पहल के जरिए वैश्विक सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करने की बात कही। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच ‘स’ के सिद्धांत- सम्मान, संवाद, सहयोग, शांति और समृद्धि को भारत की अंतरराष्ट्रीय नीति का आधार बताया। AI और नई तकनीकों पर नजर रखना जरूरी ब्रिज कॉन्क्लेव में शामिल हुए 30 देशों के मंत्री कॉन्क्लेव में 30 देशों के डिफेंस मिनिस्टर और 90 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचे। इनमें रक्षा और सेवा प्रमुख, स्थायी सचिव शामिल रहे। एयरो इंडिया कार्यक्रम 42,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में चल रहा है। इसमें 150 विदेशी कंपनियों सहित 900 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। रूस का भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान एसयू-57 का ऑफर एयर शो में रूस पहली बार पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट एसयू-57 के साथ आया है। रूसी एजेंसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के महानिदेशक अलेक्जेंडर मिखेव ने भारत को एसयू-57 देने का ऑफर किया है। उन्होंने कहा, हम सप्लाई और जॉइंट प्रोडक्शन के लिए तैयार हैं। हालांकि, भारत ने अब तक इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भारत-रूस में 2007 में पांचवीं पीढ़ी के जेट विकसित करने का करार हुआ था, लेकिन टेक ट्रांसफर पर मतभेद के कारण बात नहीं बनी। भारत के पास पांचवी जनरेशन के जेट्स नहीं
इंडियन एयरफोर्स के पास अभी पांचवीं जनरेशन के फाइटर जेट नहीं हैं। बीते साल सरकार ने पांचवीं जनरेशन के फाइटर जेट भारत में ही बनाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी और साल 2035 तक ये जेट्स एयरफोर्स में शामिल किए जा सकते हैं। भारत के पास 4.5th जनरेशन के फ्रांस से खरीदे राफेल फाइटर जेट्स हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु में एयरो इंडिया-2025 शो:तेजस हवा में 360° घूमा; सुखोई का आसमान में करतब; सूर्य किरण से निकले 3 रंग एशिया के सबसे बड़े एयर शो में से एक एयरो इंडिया 2025 की आज से शुरुआत हो गई। यह शो बेंगलुरु के येलाहेंका एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। जो 14 फरवरी तक चलेगा। एयर शो में तेजस मार्क 1ए विमान ने हवा में 360° चक्कर लगाया। वहीं सुखोई एसयू-30 एमकेआई ने भी आसमान में करतब दिखाया। सूर्य किरण ने हवा में उड़ान के दौरान तीन रंग फैलाए। पढ़ें पूरी खबर…