खरगोन में चक्काजाम हटाने पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को डंडों से पीटा और हिरासत में लिए गए युवकों को गाड़ी के गेट पर पटककर अंदर ठूंसा। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए, जबकि 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिया गया। घटना शनिवार दोपहर चित्तौड़गढ़–भुसावल हाईवे की है। आदिवासी समाज के करीब 100 लोग युवक के घायल होने के मामले में इलाज खर्च और 15 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर रहे थे। प्रदर्शन करीब 45 मिनट तक चला, जिससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। 15 दिन पुरानी घटना से फूटा गुस्सा
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 15 दिन पहले शराब ठेकेदार के वाहन ने समाज के एक युवक को टक्कर मार दी थी। युवक गंभीर रूप से घायल हुआ, इलाज में भारी खर्च हुआ, लेकिन न तो मुआवजा मिला और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई। देखिए तस्वीरें हाईवे जाम, बस पर पथराव की कोशिश
दोपहर करीब 4 बजे शुरू हुए चक्काजाम के दौरान कई वाहन रोक दिए गए। आक्रोशित भीड़ ने एक यात्री बस पर पथराव की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान लोग शासकीय शराब दुकान परिसर तक पहुंच गए। परिजनों ने शराब ठेकेदार के कर्मचारियों पर टक्कर मारने का आरोप लगाते हुए पथराव का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया बल प्रयोग
सूचना मिलने पर एसडीओपी रोहित लखारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि चक्काजाम हटाने के लिए पहले समझाइश दी गई, लेकिन हालात बिगड़ने पर नियमानुसार हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। 5 लोगों को हिरासत में लिया, स्थिति नियंत्रण में
पुलिस ने 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिया है। डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन भी मौके पर मौजूद रहे। करीब 45 मिनट बाद चक्काजाम खत्म कराया गया और यातायात बहाल किया गया। 5 दिन पुराना मामला, पहले भी हुआ था हंगामा
17 दिसंबर को बिस्टान थाना क्षेत्र के बोरखेड़ा निवासी 26 वर्षीय सावन पिता कमल गंभीर हादसे में घायल हुआ था। पेट में गंभीर चोट के बाद उसे जिला अस्पताल के ICU से इंदौर रेफर किया गया। परिजनों का आरोप था कि आबकारी विभाग की गाड़ी ने टक्कर मारी थी। इस घटना के बाद बिस्टान नाका क्षेत्र की शराब दुकान में तोड़फोड़ हुई थी, जिसके चलते शहर की सभी शराब दुकानें एक दिन बंद रखनी पड़ी थीं। आबकारी विभाग ने आरोपों से किया था इनकार
आबकारी विभाग ने युवक को अपने वाहन से टक्कर लगने के आरोपों को खारिज किया था। विभाग का कहना था कि घटना वाले दिन क्षेत्र में आबकारी विभाग की कोई कार्रवाई या वाहन मौजूद नहीं था। विभाग ने हादसे से किसी भी तरह की जिम्मेदारी से इनकार किया है। इस खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं।
खरगोन में चक्काजाम हटाने पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को डंडों से पीटा और हिरासत में लिए गए युवकों को गाड़ी के गेट पर पटककर अंदर ठूंसा। पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए, जबकि 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिया गया। घटना शनिवार दोपहर चित्तौड़गढ़–भुसावल हाईवे की है। आदिवासी समाज के करीब 100 लोग युवक के घायल होने के मामले में इलाज खर्च और 15 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर रहे थे। प्रदर्शन करीब 45 मिनट तक चला, जिससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। 15 दिन पुरानी घटना से फूटा गुस्सा
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 15 दिन पहले शराब ठेकेदार के वाहन ने समाज के एक युवक को टक्कर मार दी थी। युवक गंभीर रूप से घायल हुआ, इलाज में भारी खर्च हुआ, लेकिन न तो मुआवजा मिला और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई। देखिए तस्वीरें हाईवे जाम, बस पर पथराव की कोशिश
दोपहर करीब 4 बजे शुरू हुए चक्काजाम के दौरान कई वाहन रोक दिए गए। आक्रोशित भीड़ ने एक यात्री बस पर पथराव की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान लोग शासकीय शराब दुकान परिसर तक पहुंच गए। परिजनों ने शराब ठेकेदार के कर्मचारियों पर टक्कर मारने का आरोप लगाते हुए पथराव का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया बल प्रयोग
सूचना मिलने पर एसडीओपी रोहित लखारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि चक्काजाम हटाने के लिए पहले समझाइश दी गई, लेकिन हालात बिगड़ने पर नियमानुसार हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। 5 लोगों को हिरासत में लिया, स्थिति नियंत्रण में
पुलिस ने 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिया है। डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन भी मौके पर मौजूद रहे। करीब 45 मिनट बाद चक्काजाम खत्म कराया गया और यातायात बहाल किया गया। 5 दिन पुराना मामला, पहले भी हुआ था हंगामा
17 दिसंबर को बिस्टान थाना क्षेत्र के बोरखेड़ा निवासी 26 वर्षीय सावन पिता कमल गंभीर हादसे में घायल हुआ था। पेट में गंभीर चोट के बाद उसे जिला अस्पताल के ICU से इंदौर रेफर किया गया। परिजनों का आरोप था कि आबकारी विभाग की गाड़ी ने टक्कर मारी थी। इस घटना के बाद बिस्टान नाका क्षेत्र की शराब दुकान में तोड़फोड़ हुई थी, जिसके चलते शहर की सभी शराब दुकानें एक दिन बंद रखनी पड़ी थीं। आबकारी विभाग ने आरोपों से किया था इनकार
आबकारी विभाग ने युवक को अपने वाहन से टक्कर लगने के आरोपों को खारिज किया था। विभाग का कहना था कि घटना वाले दिन क्षेत्र में आबकारी विभाग की कोई कार्रवाई या वाहन मौजूद नहीं था। विभाग ने हादसे से किसी भी तरह की जिम्मेदारी से इनकार किया है। इस खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं।