महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के बीच महायुति गठबंधन (NDA) में आपसी झगड़े शुरू हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम अजित पवार ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- जिन लोगों ने कभी मुझ पर 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले जैसे आरोप लगाए थे, वही लोग आज मेरे साथ सत्ता में हैं। सिर्फ आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता है, जब तक अदालत में अपराध साबित न हो जाए। अजित पवार भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल के बयान पर बोल रहे थे। मोहोल ने कहा था- एनसीपी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट क्यों दे रही है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अजित के तीखे जवाब से नाराज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने शनिवार को कहा- अजित पवार अपनी गिरेबान में झांकें, अगर मैंने बोलना शुरू किया, तो वह मुश्किल में पड़ सकते हैं। यह सियासी टकराव ऐसे समय पर सामने आया है, जब 15 जनवरी को पुणे नगर निगम चुनाव हैं। खास बात यह है कि राज्य सरकार में सहयोगी होने के बावजूद बीजेपी और एनसीपी नगर निकाय चुनाव अलग-अलग लड़ रही हैं। वहीं, अजित पवार की पार्टी शरद पवार गुट के साथ मैदान में है। रवींद्र बोले- भाजपा भी ऐसे ही जवाब देगी तो अजित को दिक्कत होगी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि अजित पवार क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी पर शक कर रहे हैं? आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से किसी का भला नहीं होगा। अगर बीजेपी भी इसी तरह जवाब देने लगे, तो यह अजित पवार के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। संविधान में बोलने का अधिकार- अजित शनिवार को पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अजित पवार ने कहा, संविधान हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। घायवाल नाम का एक व्यक्ति है (पुणे का एक फरार गैंगस्टर, जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं), देखिए वह कैसे विदेश चला गया। जैन बोर्डिंग भूमि घोटाले को भी देखिए। मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन मैं मीडिया को इन बातों की याद दिला रहा हूं।” अजित पवार का यह बयान पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों से पहले भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच तेज हो गई राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच आया है। दोनों दलों के नेता भ्रष्टाचार के आरोपों और पुराने विवादों को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। राउत बोले- अजित NCP को शरद पवार की पार्टी में मर्ज करें शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP को शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) में विलय कर लेना चाहिए। संजय राउत ने सवाल उठाया कि जब अजित पवार खुद बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, तो वे फिर महायुति सरकार में क्यों बने हुए हैं। टाइमलाइन- NCP विभाजन और बाद की मुख्य घटनाएं महाराष्ट्र निकाय चुनाव- बिना वोट पड़े 68 कैंडीडेट निर्विरोध जीते महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव की वोटिंग से 13 दिन पहले बीजेपी गठबंधन (महायुति) ने 68 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। बीजेपी को 44 सीटें मिलीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 22 सीटें अपने नाम कीं। वहीं अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के खाते में दो सीटें आईं। नियमों के मुताबिक, अगर किसी सीट पर सिर्फ एक ही उम्मीदवार मैदान में रह जाता है और कोई दूसरा प्रत्याशी नामांकन नहीं करता या नाम वापस ले लेता है, तो उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है। इन 68 सीटों पर भी यही स्थिति बनी, इसलिए मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी। यानी अब 29 नगर निगम की बची हुई 2801 सीटों पर 15 जनवरी को वोटिंग होगी। नतीजे 16 जनवरी को आएंगे। सबसे ज्यादा बीजेपी कैंडीडेट कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से जीते बीजेपी के जो 44 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। वे सबसे ज्यादा ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से हैं। इसके बाद पुणे, पिंपरी चिंचवड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर नगर निगम से चुनाव जीते। पुणे के वार्ड नंबर 35 से बीजेपी उम्मीदवार मंजूषा नागपुरे और श्रीकांत जगताप निर्विरोध चुने गए। ये दोनों 2017 से 2022 के बीच भी इसी वार्ड से चुने गए थे। वोटिंग से पहले जीत पर विपक्ष का रिएक्शन मुंबई में 32 सीटों पर BJP-शिंदे सेना और ठाकरे सेना-MNS के बीच सीधा मुकाबला मुंबई नगर निकाय की 227 सीटों में से 32 सीटों पर BJP-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। VBA के 46 सीटों पर चुनाव लड़ने और वामपंथी दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई है। यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इससे 32 सीटें बिना तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार के रह जाती हैं, जिससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा। BMC चुनाव क्यों है साख का सवाल ——————– ये खबर भी पढ़ें… BMC चुनाव 2026- पार्टी नहीं पार्षद का काम बड़ा फैक्टर: सर्वे में 50% महिलाओं का समर्थन विधानसभा चुनाव के ट्रेंड पर ही BMC चुनावों में भी महिलाओं का 50% समर्थन BJP-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को मिल सकता है। वहीं, मराठी मानुस का शिवसेना (UBT)-MNS को 44% और BJP-शिवसेना (शिंदे) को 42% समर्थन दिख रहा है। यानी मराठी वोट भी एकतरफा ठाकरे ब्रदर्स के साथ नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के बीच महायुति गठबंधन (NDA) में आपसी झगड़े शुरू हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम अजित पवार ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- जिन लोगों ने कभी मुझ पर 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले जैसे आरोप लगाए थे, वही लोग आज मेरे साथ सत्ता में हैं। सिर्फ आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता है, जब तक अदालत में अपराध साबित न हो जाए। अजित पवार भाजपा नेता मुरलीधर मोहोल के बयान पर बोल रहे थे। मोहोल ने कहा था- एनसीपी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट क्यों दे रही है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अजित के तीखे जवाब से नाराज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने शनिवार को कहा- अजित पवार अपनी गिरेबान में झांकें, अगर मैंने बोलना शुरू किया, तो वह मुश्किल में पड़ सकते हैं। यह सियासी टकराव ऐसे समय पर सामने आया है, जब 15 जनवरी को पुणे नगर निगम चुनाव हैं। खास बात यह है कि राज्य सरकार में सहयोगी होने के बावजूद बीजेपी और एनसीपी नगर निकाय चुनाव अलग-अलग लड़ रही हैं। वहीं, अजित पवार की पार्टी शरद पवार गुट के साथ मैदान में है। रवींद्र बोले- भाजपा भी ऐसे ही जवाब देगी तो अजित को दिक्कत होगी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि अजित पवार क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी पर शक कर रहे हैं? आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से किसी का भला नहीं होगा। अगर बीजेपी भी इसी तरह जवाब देने लगे, तो यह अजित पवार के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। संविधान में बोलने का अधिकार- अजित शनिवार को पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अजित पवार ने कहा, संविधान हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। घायवाल नाम का एक व्यक्ति है (पुणे का एक फरार गैंगस्टर, जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं), देखिए वह कैसे विदेश चला गया। जैन बोर्डिंग भूमि घोटाले को भी देखिए। मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन मैं मीडिया को इन बातों की याद दिला रहा हूं।” अजित पवार का यह बयान पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों से पहले भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच तेज हो गई राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच आया है। दोनों दलों के नेता भ्रष्टाचार के आरोपों और पुराने विवादों को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। राउत बोले- अजित NCP को शरद पवार की पार्टी में मर्ज करें शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP को शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) में विलय कर लेना चाहिए। संजय राउत ने सवाल उठाया कि जब अजित पवार खुद बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, तो वे फिर महायुति सरकार में क्यों बने हुए हैं। टाइमलाइन- NCP विभाजन और बाद की मुख्य घटनाएं महाराष्ट्र निकाय चुनाव- बिना वोट पड़े 68 कैंडीडेट निर्विरोध जीते महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव की वोटिंग से 13 दिन पहले बीजेपी गठबंधन (महायुति) ने 68 सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। बीजेपी को 44 सीटें मिलीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 22 सीटें अपने नाम कीं। वहीं अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के खाते में दो सीटें आईं। नियमों के मुताबिक, अगर किसी सीट पर सिर्फ एक ही उम्मीदवार मैदान में रह जाता है और कोई दूसरा प्रत्याशी नामांकन नहीं करता या नाम वापस ले लेता है, तो उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है। इन 68 सीटों पर भी यही स्थिति बनी, इसलिए मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी। यानी अब 29 नगर निगम की बची हुई 2801 सीटों पर 15 जनवरी को वोटिंग होगी। नतीजे 16 जनवरी को आएंगे। सबसे ज्यादा बीजेपी कैंडीडेट कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से जीते बीजेपी के जो 44 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। वे सबसे ज्यादा ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से हैं। इसके बाद पुणे, पिंपरी चिंचवड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर नगर निगम से चुनाव जीते। पुणे के वार्ड नंबर 35 से बीजेपी उम्मीदवार मंजूषा नागपुरे और श्रीकांत जगताप निर्विरोध चुने गए। ये दोनों 2017 से 2022 के बीच भी इसी वार्ड से चुने गए थे। वोटिंग से पहले जीत पर विपक्ष का रिएक्शन मुंबई में 32 सीटों पर BJP-शिंदे सेना और ठाकरे सेना-MNS के बीच सीधा मुकाबला मुंबई नगर निकाय की 227 सीटों में से 32 सीटों पर BJP-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। VBA के 46 सीटों पर चुनाव लड़ने और वामपंथी दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई है। यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इससे 32 सीटें बिना तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार के रह जाती हैं, जिससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा। BMC चुनाव क्यों है साख का सवाल ——————– ये खबर भी पढ़ें… BMC चुनाव 2026- पार्टी नहीं पार्षद का काम बड़ा फैक्टर: सर्वे में 50% महिलाओं का समर्थन विधानसभा चुनाव के ट्रेंड पर ही BMC चुनावों में भी महिलाओं का 50% समर्थन BJP-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को मिल सकता है। वहीं, मराठी मानुस का शिवसेना (UBT)-MNS को 44% और BJP-शिवसेना (शिंदे) को 42% समर्थन दिख रहा है। यानी मराठी वोट भी एकतरफा ठाकरे ब्रदर्स के साथ नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…