देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में अब उत्तराखंड सरकार पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार सुबह ऐंजल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर घटना पर गहरा दुख जताया और न्याय का भरोसा दिलाया। सरकार ने ये भी ऐलान कर दिया है कि चकमा के इलाज में जितना भी खर्च हुआ है वो पूरी रकम सरकार परिवार को देगी। सीएम धामी ने बताया कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है। शाम के वक्त सीएम ने ऐंजल के पिता को आर्थिक सहायता के रूप में पहली किस्त के तौर पर 4 लाख 12 हजार 5 सौ रुपए का चेक भेजा। इसके साथ ही सीएम ने एक बयान जारी कर कहा- उत्तराखंड एक शांत, समावेशी और सौहार्दपूर्ण राज्य है, जहां देश के प्रत्येक कोने से आने वाले छात्र सुरक्षित महसूस कर सकें, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। 3 प्वाइंट्स में पढ़िए सीएम ने बयान जारी कर क्या कहा अब सीएम और चकमा के पिता की पूरी बातचीत हूबहू पढ़िए… सीएम धामी ने सुबह ऐंजल चकमा के पिता तरुण चकमा को कॉल कर कहा- चकमा जी कैसे है, बहुत दुखद घटना है, हम सब बहुत दुखी है, इस पर हमने बहुत सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसमें जो आरोपी थे पांच गिरफ्तार कर लिए गए है, एक नेपाल का था, वह नेपाल भागा हुआ है। उसके ऊपर हमने इनाम घोषित किया है। उसको पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेज दी है। हम बहुत दुखी मैं परिवार के दुख को समझ सकता हूं, एक माता-पिता के लिए इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता है, मैने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ मानिक शाह से भी बात की है उनका भी फोन आया था, गृहमंत्री जी, रक्षामंत्री जी से भी बात हुई है। हम इसमें पूरी कठोर से कठोर कार्रवाई करवाएंगे। हम लोग पूरे परिवार के साथ है, दुख की घड़ी में हर तरीके से आपके साथ है, यहां देश भर के लाखों बच्चे पढ़ने आते है, अच्छे इंस्टीटयूशन है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है, हम लोगों के लिए बहुत कष्ट की बात है, बच्चे के खोने पर माता-पिता के कष्ट को समझ सकता हूं, इस दुख की घड़ी में आपके साथ है, आप अपना और परिवार का ध्यान रखिए हम लोग हर संभव मदद करेंगे। धामी- घटना पूरे राज्य के लिए दुखद और चिंताजनक सीएम धामी ने कहा कि इस संवेदनशील मामले की जानकारी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना व्यक्तिगत रूप से उन्हें भी आहत करती है और वे पीड़ित परिवार के दर्द को समझते हैं। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में इस तरह का माहौल कभी नहीं रहा है। यहां देश-विदेश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इस तरह की घटना पूरे राज्य के लिए दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उत्तराखंड सरकार की ओर से भी हर संभव मदद दी जाएगी। जानिए मामला क्या था… मार्केट गए तो गंदे कमेंट सुनने को मिले मृतक ऐंजल चकमा के छोटे भाई माइकल चकमा ने जो जानकारी पुलिस को दी है, उसके मुताबिक- शाम करीब 6 से 7 बजे वह अपने भाई ऐंजल चकमा के साथ कुछ सामान लेने घर से निकले थे। दोनों भाई सेलाकुई में ही रहते थे। ऐंजल देहरादून की जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए फाइनल ईयर में था। जबकि माइकल उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था। दोनों मार्केट में पहुंचे है कि बाइक और स्कूटी पर आए कुछ युवक उनके पास पहुंचे। इन सभी लड़कों ने दोनों भाइयों पर कमेंट करना शुरू कर दिया। माइकल कहते हैं- हमें वो लोग लगातार हमें चाइनीज, चिंकी और मोमोज कहकर चिढ़ा रहे थे। ‘मैंने विरोध किया तो पीटने लगे, फिर भाई बीच में आया’ माइकल कहते हैं- वो लगातार हमें ये शब्द बोलते गए, पहले हमने इग्नोर किया लेकिन वो माने नहीं। जब मैंने उनका पूछा की क्या दिक्कत है क्यों ये सब बोल रहे हो तो उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया। एक लड़के ने मुझे कड़े से मारा। मारपीट होती देख तुरंत ऐंजल बीच बचाव करने पहुंचे, फिर उन्होंने मुझे छोड़ ऐंजल को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मैंने काफी कोशिश की उन्हें रोकने की लेकिन हम दोनों ही घिर चुके थे वो लगातार हम दोनों को ही मार रहे थे। पेट में चाकू मारा, गर्दन पर कड़े मारे ऐंजल चकमा के मामा कहते हैं- जब शुरुआत में लड़के कमेंट कर रहे थे तो माइकल ने बाइक से उतर उनसे कहा था की हम भी इंडियन हैं हमें चाइनीज क्यों बोल रहे हो। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। उस रात उन लड़कों ने दोनों को सिर्फ कड़ों से ही नहीं मारा बल्कि चाकू से भी ऐंजल के पेट में वार किया गया। वो लोग ऐंजल की गर्दन पर कडे से तब तक मारते रहे जब तक उसकी पूरी गर्दन फट नहीं गई। खून भी निकलता रहा लेकिन वो उसे बस पीटते ही रहे। गर्दन पर किए गए घातक वार के कारण ही जमा के सिर में खून जमा हो गया था। पहले लगा ठीक हो जाएगा लेकिन अचानक बंद हुई आवाज हमले के बाद ऐंजल और माइकल दोनों गंभीर हालत में ग्राफिक एरा अस्पताल पहुंचे। माइकल के सिर में हल्की चोट थी लेकिन ऐंजल को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। कई हफ्तों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। ऐंजल के मामा बताते हैं कि की बीच में हमें लगा की वो ठीक हो जाएगा। लेकिन 24 दिसंबर की उसकी आवाज एकदम बंद हो गई। पहले वो बात करता था। दर्द में मारे रोता था लेकिन 24 को उसकी आवाज तक निकलनी बंद हो गई और 26 सुबह करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। —————— ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में ऐंजल चकमा पर हमले से पहले का CCTV: दोनों भाई ठेके के बाहर दिखे; कपिल सिब्बल ने अमित शाह से मांगा जवाब देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा पर हुए हमले से पहले के दो CCTV सामने आए हैं। एक वीडियो में ऐंजल चकमा अपने भाई माइकल चकमा के साथ शराब ठेके के बाहर घूमता दिखाई दे रहा है। (यहां पढ़े पूरी खबर)
देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की हत्या के मामले में अब उत्तराखंड सरकार पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार सुबह ऐंजल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर घटना पर गहरा दुख जताया और न्याय का भरोसा दिलाया। सरकार ने ये भी ऐलान कर दिया है कि चकमा के इलाज में जितना भी खर्च हुआ है वो पूरी रकम सरकार परिवार को देगी। सीएम धामी ने बताया कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है। शाम के वक्त सीएम ने ऐंजल के पिता को आर्थिक सहायता के रूप में पहली किस्त के तौर पर 4 लाख 12 हजार 5 सौ रुपए का चेक भेजा। इसके साथ ही सीएम ने एक बयान जारी कर कहा- उत्तराखंड एक शांत, समावेशी और सौहार्दपूर्ण राज्य है, जहां देश के प्रत्येक कोने से आने वाले छात्र सुरक्षित महसूस कर सकें, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। 3 प्वाइंट्स में पढ़िए सीएम ने बयान जारी कर क्या कहा अब सीएम और चकमा के पिता की पूरी बातचीत हूबहू पढ़िए… सीएम धामी ने सुबह ऐंजल चकमा के पिता तरुण चकमा को कॉल कर कहा- चकमा जी कैसे है, बहुत दुखद घटना है, हम सब बहुत दुखी है, इस पर हमने बहुत सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसमें जो आरोपी थे पांच गिरफ्तार कर लिए गए है, एक नेपाल का था, वह नेपाल भागा हुआ है। उसके ऊपर हमने इनाम घोषित किया है। उसको पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेज दी है। हम बहुत दुखी मैं परिवार के दुख को समझ सकता हूं, एक माता-पिता के लिए इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता है, मैने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ मानिक शाह से भी बात की है उनका भी फोन आया था, गृहमंत्री जी, रक्षामंत्री जी से भी बात हुई है। हम इसमें पूरी कठोर से कठोर कार्रवाई करवाएंगे। हम लोग पूरे परिवार के साथ है, दुख की घड़ी में हर तरीके से आपके साथ है, यहां देश भर के लाखों बच्चे पढ़ने आते है, अच्छे इंस्टीटयूशन है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है, हम लोगों के लिए बहुत कष्ट की बात है, बच्चे के खोने पर माता-पिता के कष्ट को समझ सकता हूं, इस दुख की घड़ी में आपके साथ है, आप अपना और परिवार का ध्यान रखिए हम लोग हर संभव मदद करेंगे। धामी- घटना पूरे राज्य के लिए दुखद और चिंताजनक सीएम धामी ने कहा कि इस संवेदनशील मामले की जानकारी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना व्यक्तिगत रूप से उन्हें भी आहत करती है और वे पीड़ित परिवार के दर्द को समझते हैं। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में इस तरह का माहौल कभी नहीं रहा है। यहां देश-विदेश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इस तरह की घटना पूरे राज्य के लिए दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उत्तराखंड सरकार की ओर से भी हर संभव मदद दी जाएगी। जानिए मामला क्या था… मार्केट गए तो गंदे कमेंट सुनने को मिले मृतक ऐंजल चकमा के छोटे भाई माइकल चकमा ने जो जानकारी पुलिस को दी है, उसके मुताबिक- शाम करीब 6 से 7 बजे वह अपने भाई ऐंजल चकमा के साथ कुछ सामान लेने घर से निकले थे। दोनों भाई सेलाकुई में ही रहते थे। ऐंजल देहरादून की जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए फाइनल ईयर में था। जबकि माइकल उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था। दोनों मार्केट में पहुंचे है कि बाइक और स्कूटी पर आए कुछ युवक उनके पास पहुंचे। इन सभी लड़कों ने दोनों भाइयों पर कमेंट करना शुरू कर दिया। माइकल कहते हैं- हमें वो लोग लगातार हमें चाइनीज, चिंकी और मोमोज कहकर चिढ़ा रहे थे। ‘मैंने विरोध किया तो पीटने लगे, फिर भाई बीच में आया’ माइकल कहते हैं- वो लगातार हमें ये शब्द बोलते गए, पहले हमने इग्नोर किया लेकिन वो माने नहीं। जब मैंने उनका पूछा की क्या दिक्कत है क्यों ये सब बोल रहे हो तो उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया। एक लड़के ने मुझे कड़े से मारा। मारपीट होती देख तुरंत ऐंजल बीच बचाव करने पहुंचे, फिर उन्होंने मुझे छोड़ ऐंजल को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मैंने काफी कोशिश की उन्हें रोकने की लेकिन हम दोनों ही घिर चुके थे वो लगातार हम दोनों को ही मार रहे थे। पेट में चाकू मारा, गर्दन पर कड़े मारे ऐंजल चकमा के मामा कहते हैं- जब शुरुआत में लड़के कमेंट कर रहे थे तो माइकल ने बाइक से उतर उनसे कहा था की हम भी इंडियन हैं हमें चाइनीज क्यों बोल रहे हो। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। उस रात उन लड़कों ने दोनों को सिर्फ कड़ों से ही नहीं मारा बल्कि चाकू से भी ऐंजल के पेट में वार किया गया। वो लोग ऐंजल की गर्दन पर कडे से तब तक मारते रहे जब तक उसकी पूरी गर्दन फट नहीं गई। खून भी निकलता रहा लेकिन वो उसे बस पीटते ही रहे। गर्दन पर किए गए घातक वार के कारण ही जमा के सिर में खून जमा हो गया था। पहले लगा ठीक हो जाएगा लेकिन अचानक बंद हुई आवाज हमले के बाद ऐंजल और माइकल दोनों गंभीर हालत में ग्राफिक एरा अस्पताल पहुंचे। माइकल के सिर में हल्की चोट थी लेकिन ऐंजल को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। कई हफ्तों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। ऐंजल के मामा बताते हैं कि की बीच में हमें लगा की वो ठीक हो जाएगा। लेकिन 24 दिसंबर की उसकी आवाज एकदम बंद हो गई। पहले वो बात करता था। दर्द में मारे रोता था लेकिन 24 को उसकी आवाज तक निकलनी बंद हो गई और 26 सुबह करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। —————— ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में ऐंजल चकमा पर हमले से पहले का CCTV: दोनों भाई ठेके के बाहर दिखे; कपिल सिब्बल ने अमित शाह से मांगा जवाब देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा पर हुए हमले से पहले के दो CCTV सामने आए हैं। एक वीडियो में ऐंजल चकमा अपने भाई माइकल चकमा के साथ शराब ठेके के बाहर घूमता दिखाई दे रहा है। (यहां पढ़े पूरी खबर)