मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। विजयवर्गीय ने मंच से कहा कि ताजमहल मूल रूप से मंदिर था और मुगल शासक शाहजहां ने उसे मकबरे में तब्दील कराया। उन्होंने दावा किया कि मुमताज को पहले बुरहानपुर में दफनाया गया था, लेकिन बाद में जहां मंदिर का निर्माण हो रहा था, उसी स्थान पर शव को दफन कर ताजमहल का निर्माण कराया गया। मंत्री विजयवर्गीय बुधवार को बीना में स्व. राकेश सिरोठिया की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिहारियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “बिहार का आदमी विनम्र हो जाए, यह जरूरी नहीं, लेकिन हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नवीन नितिन विनम्रता के साथ आगे बढ़े हैं।” कहा- कांग्रेस विधायक सप्रे अब भाजपा के साथ
इसी मंच से विजयवर्गीय ने बीना विधायक निर्मला सप्रे का जिक्र करते हुए कहा कि वे कांग्रेस से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन अब भाजपा के साथ हैं। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। खिलाड़ियों को खेल भावना का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने खिलाड़ियों से परिचय लिया और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का संदेश दिया। उन्होंने स्वर्गीय राकेश सिरोठिया को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहते थे और समाज को जोड़ने का काम करते थे। ताजमहल को लेकर कब-कब विवाद हुए, उन्हें जानिए- अब ताजमहल पर कोर्ट में चल रहे विवाद की बात केस 1. कोर्ट में दावा- शाहजहां ने जयसिंह से धोखे से ये भवन हड़पा
योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने 23 जुलाई, 2024 को आगरा कोर्ट में वाद दाखिल किया था। इसकी सुनवाई लगातार चल रही है। उन्होंने अपने वकीलों शिव आधार सिंह तोमर और झम्मन सिंह रघुवंशी के जरिए यह दावा किया कि ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय शिव मंदिर है। इस मामले में ASI के अधीक्षण पुरातत्वविद् और भारत सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है। कुंवर अजय तोमर का कहना है कि यह मंदिर राजा परमार्दिदेव ने 1155 से 1212 ईस्वी के बीच बनवाया था। बाद में राजा मानसिंह और जयसिंह ने इसे अपना महल बनाया और शिव मंदिर को सुरक्षित रखा। आरोप है कि शाहजहां ने जयसिंह से धोखे से यह भवन हड़प लिया और इसके बाद कहानी गढ़ी गई कि यहां मुमताज की कब्र है। कुंवर अजय तोमर का कहना है कि ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय शिव मंदिर है, जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। केस 2. आगरा कोर्ट में शिव मंदिर होने का दावा योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर होने का वाद आगरा न्यायालय में दायर है। इसमें ताजमहल को भगवान शिव का मंदिर तेजोमहालय बताया गया है। सचिव संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, महानिदेशक एएसआई, अधीक्षण पुरातत्वविद एएसआई आगरा सर्किल और महानिदेशक उत्तर प्रदेश पर्यटन को प्रतिवादी बनाया गया है। इसकी सुनवाई 27 नवंबर को होनी है।
मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। विजयवर्गीय ने मंच से कहा कि ताजमहल मूल रूप से मंदिर था और मुगल शासक शाहजहां ने उसे मकबरे में तब्दील कराया। उन्होंने दावा किया कि मुमताज को पहले बुरहानपुर में दफनाया गया था, लेकिन बाद में जहां मंदिर का निर्माण हो रहा था, उसी स्थान पर शव को दफन कर ताजमहल का निर्माण कराया गया। मंत्री विजयवर्गीय बुधवार को बीना में स्व. राकेश सिरोठिया की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिहारियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “बिहार का आदमी विनम्र हो जाए, यह जरूरी नहीं, लेकिन हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नवीन नितिन विनम्रता के साथ आगे बढ़े हैं।” कहा- कांग्रेस विधायक सप्रे अब भाजपा के साथ
इसी मंच से विजयवर्गीय ने बीना विधायक निर्मला सप्रे का जिक्र करते हुए कहा कि वे कांग्रेस से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन अब भाजपा के साथ हैं। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। खिलाड़ियों को खेल भावना का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने खिलाड़ियों से परिचय लिया और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का संदेश दिया। उन्होंने स्वर्गीय राकेश सिरोठिया को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहते थे और समाज को जोड़ने का काम करते थे। ताजमहल को लेकर कब-कब विवाद हुए, उन्हें जानिए- अब ताजमहल पर कोर्ट में चल रहे विवाद की बात केस 1. कोर्ट में दावा- शाहजहां ने जयसिंह से धोखे से ये भवन हड़पा
योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने 23 जुलाई, 2024 को आगरा कोर्ट में वाद दाखिल किया था। इसकी सुनवाई लगातार चल रही है। उन्होंने अपने वकीलों शिव आधार सिंह तोमर और झम्मन सिंह रघुवंशी के जरिए यह दावा किया कि ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय शिव मंदिर है। इस मामले में ASI के अधीक्षण पुरातत्वविद् और भारत सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है। कुंवर अजय तोमर का कहना है कि यह मंदिर राजा परमार्दिदेव ने 1155 से 1212 ईस्वी के बीच बनवाया था। बाद में राजा मानसिंह और जयसिंह ने इसे अपना महल बनाया और शिव मंदिर को सुरक्षित रखा। आरोप है कि शाहजहां ने जयसिंह से धोखे से यह भवन हड़प लिया और इसके बाद कहानी गढ़ी गई कि यहां मुमताज की कब्र है। कुंवर अजय तोमर का कहना है कि ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय शिव मंदिर है, जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। केस 2. आगरा कोर्ट में शिव मंदिर होने का दावा योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से ताजमहल को तेजोमहालय शिव मंदिर होने का वाद आगरा न्यायालय में दायर है। इसमें ताजमहल को भगवान शिव का मंदिर तेजोमहालय बताया गया है। सचिव संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, महानिदेशक एएसआई, अधीक्षण पुरातत्वविद एएसआई आगरा सर्किल और महानिदेशक उत्तर प्रदेश पर्यटन को प्रतिवादी बनाया गया है। इसकी सुनवाई 27 नवंबर को होनी है।