दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ अमोनियम नाइट्रेट राजस्थान में खुलेआम बिक रहा है। इसी विस्फोटक से साल 2008 में जयपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट में 71 लोगों की जान गई थी। अमोनियम नाइट्रेट ही नहीं जुलाई 2025 में बैन किया जा चुका इलेक्ट्रिक डेटोनेटर (ED) भी खुलेआम बेचा जा रहा है। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने 3 दिन तक जोधपुर और ब्यावर में ग्राहक बनकर इन्वेस्टिगेशन किया तो यह खुलासा हुआ। सार्वजनिक प्याऊ और दुकानों में अमोनियम नाइट्रेट और ED बिक रहा है। माइनिंग करने वाले बेरोकटोक यह विस्फोटक खरीद रहे हैं। इस काले कारोबार में महिलाएं भी शामिल हैं। बेचने वाले के पास न लाइसेंस है और न खरीदने वाले के पास। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि तबाही का यह सामान आर्मी एरिया और पुलिस थाने के पास बिक रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… जोधपुर का बड़ली और बालसमंद, आर्मी एरिया से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद बेखौफ विस्फोटक बेचा जा रहा है। अवैध माइनिंग के लिए यह विस्फोटक इस्तेमाल हो रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने सबसे पहले बड़ली (जोधपुर) इलाके से इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। पहला दिन : प्लास्टिक शॉप की आड़ में बेच रहे बारूद रिपोर्टर फिदूसर चौराहे पर स्थित फिदूसर जनरल प्लास्टिक शॉप पर ग्राहक बनकर पहुंचा। दुकान पर एक आदमी बैठा था। बोर्ड पर प्लास्टिक शॉप लिखा था, लेकिन अंदर प्लास्टिक का काेई सामान नहीं था। दुकान पूरी तरह से खाली थी। रिपोर्टर ने ढाई फीट के 20 होल में ब्लास्ट करने के लिए सामान मांगा। दुकानदार ने रिपोर्टर से सिर्फ गांव का नाम पूछा और सामान की लिस्ट देखने लगा। पढ़िए पूरी बातचीत… (बारूद खरीदना नहीं था। ऐसे में रिपोर्टर अगली दुकान से एकसाथ पूरा सामान लेने का बहाना कर निकल गया।) दुकानदार बोला- इन चीजों के लिए लाइसेंस चाहिए उसी दिन शाम को रिपोर्टर बड़ली और बालसमंद के बीच एक और दुकान पर गया। वहां भी विस्फोट और माइनिंग से जुड़े हुए सामान थे। दूसरा दिन : प्याऊ की आड़ में बेच रहे विस्फोटक अगले दिन रिपोर्टर बड़ली और बाल समंद के रास्ते पर एयरबेस से 1 किमी दूर एक सार्वजनिक प्याऊ पर पहुंचा। लोगों ने यहां अवैध विस्फोटक मिलने वाली दुकान बताई थी, लेकिन रिपोर्टर पहुंचा तो कोई दुकान नहीं मिली। प्याऊ के अंदर 2 आदमी बैठे थे। पढ़िए पूरी बातचीत… (इसके बाद दुकानदार के पास बैठे आदमी ने सामान की जानकारी लेनी शुरू कर दी। सामान निकालने के लिए अंदर कमरे में चला गया) (दुकानदार ने फोन की दूसरी तरफ मौजूद आदमी को बताया कि कजनाऊ गांव से कोई आए हैं। सामान लेने के लिए। इनके पास आदमी नहीं है शायद। इसके बाद उस आदमी से रिपोर्टर की बात करवाई। तसल्ली होने के बाद दुकानदार ने फोन काट दिया।) आर्मी एरिया के पास ED से ब्लास्ट जिस समय रिपोर्टर प्याऊ पर ग्राहक बनाकर विस्फोटक बेचने वाले से बात कर रहा था, उसी दौरान प्याऊ के सामने ही एक मजदूर ने ED (इलेक्ट्रिकल डेटोनेटर) से ब्लास्ट किया। यह नजारा रिपोर्टर के कैमरे में कैद भी हो गया। जुलाई 2025 से पूरे देश में ED बैन कर दिया गया है। हैरानी की बात ये है कि जहां विस्फोट किया, वहां पास में ही एयरबेस स्टेशन व अन्य आर्मी कैम्प भी हैं। तीसरा दिन : थाने से महज 500 मीटर दूर बिक रहा अमोनियम नाइट्रेट
भास्कर टीम ब्यावर पहुंची। पड़ताल में ब्यावर से 20 किलोमीटर दूर जवाजा गांव में एक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर विस्फोट का सामान बिकने की बात सामने आई। रिपोर्ट ने जवाजा गांव पहुंचकर सोर्स से मिले 98751***** नंबर पर कॉल किया। सफेद बारूद (अमोनियम नाइट्रेट) की डिमांड की। उस आदमी ने जवाजा गांव की रोड पर ही एक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान के सामने कार में ही इंतजार करने के लिए कहा। कुछ देर बाद दुकान के अंदर से एक महिला आई और सामान ले जाने का इशारा किया। रिपोर्टर दुकान के अंदर गया तो दो महिलाओं ने अमोनियम नाइट्रेट और ब्लास्ट करने वाली ब्लास्टिंग कैप तैयार कर रखी थी। महिलाओं ने सामान तौलकर रखा और रिपोर्टर को गिनवाना शुरू कर दिया। (दुकान गांव की मुख्य सड़क पर है। यहां से महज 500 मीटर की दूरी पर जवाजा पुलिस थाना है। इसके बावजूद बेखौफ विस्फोटक बेचा जा रहा है।) 50 से 100 रुपए में मिल रहे डेटोनेटर
टीम को इन्वेस्टिगेशन के दौरान जोधपुर-ब्यावर में 50 से 100 रुपए में डेटोनेटर भी मिल गए। जवाजा में डेटोनेटर की डिमांड की तो दुकानदार ने जरूरत के हिसाब से उपलब्ध करा दिया। डेटोनेटर विस्फोट करने में काम आता है। इसे ब्लास्टिंग कैप कहते हैं। साधारण भाषा में समझें तो पटाखे को सुलगाने के लिए आगे लगी हुई बत्ती जैसा। डेटोनेटर दो तरह के होते हैं। साधारण ब्लास्टिंग वाले और इलेक्ट्रिक डेटोनेटर। भारत में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जुलाई 2025 से बैन कर दिया गया है। पुलिस को पता ही नहीं, इलाके में बिक रहा विस्फोटक
भास्कर ने जोधपुर के जिन इलाकों में इन्वेस्टिगेशन किया, वहां के थानाधिकारियों से बात कर उनका पक्ष भी जाना। मंडोर थानाधिकारी किशनलाल विश्नोई ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में किसी भी तरह की विस्फोटक बेचने वाली मैग्जीन (भंडार) नहीं है। किसी को अमोनियम नाइट्रेट बेचने की भी अनुमति नहीं है। सूरसागर थानाधिकारी हरीश सोलंकी ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में किसी ने भी अमोनियम नाइट्रेट बेचने की अनुमति नहीं ले रखी है। हालांकि क्षेत्र में कुछ मैग्जीन हैं। उसकी संख्या फाइल देखकर बतानी पड़ेगी।
दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ अमोनियम नाइट्रेट राजस्थान में खुलेआम बिक रहा है। इसी विस्फोटक से साल 2008 में जयपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट में 71 लोगों की जान गई थी। अमोनियम नाइट्रेट ही नहीं जुलाई 2025 में बैन किया जा चुका इलेक्ट्रिक डेटोनेटर (ED) भी खुलेआम बेचा जा रहा है। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने 3 दिन तक जोधपुर और ब्यावर में ग्राहक बनकर इन्वेस्टिगेशन किया तो यह खुलासा हुआ। सार्वजनिक प्याऊ और दुकानों में अमोनियम नाइट्रेट और ED बिक रहा है। माइनिंग करने वाले बेरोकटोक यह विस्फोटक खरीद रहे हैं। इस काले कारोबार में महिलाएं भी शामिल हैं। बेचने वाले के पास न लाइसेंस है और न खरीदने वाले के पास। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि तबाही का यह सामान आर्मी एरिया और पुलिस थाने के पास बिक रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… जोधपुर का बड़ली और बालसमंद, आर्मी एरिया से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद बेखौफ विस्फोटक बेचा जा रहा है। अवैध माइनिंग के लिए यह विस्फोटक इस्तेमाल हो रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने सबसे पहले बड़ली (जोधपुर) इलाके से इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। पहला दिन : प्लास्टिक शॉप की आड़ में बेच रहे बारूद रिपोर्टर फिदूसर चौराहे पर स्थित फिदूसर जनरल प्लास्टिक शॉप पर ग्राहक बनकर पहुंचा। दुकान पर एक आदमी बैठा था। बोर्ड पर प्लास्टिक शॉप लिखा था, लेकिन अंदर प्लास्टिक का काेई सामान नहीं था। दुकान पूरी तरह से खाली थी। रिपोर्टर ने ढाई फीट के 20 होल में ब्लास्ट करने के लिए सामान मांगा। दुकानदार ने रिपोर्टर से सिर्फ गांव का नाम पूछा और सामान की लिस्ट देखने लगा। पढ़िए पूरी बातचीत… (बारूद खरीदना नहीं था। ऐसे में रिपोर्टर अगली दुकान से एकसाथ पूरा सामान लेने का बहाना कर निकल गया।) दुकानदार बोला- इन चीजों के लिए लाइसेंस चाहिए उसी दिन शाम को रिपोर्टर बड़ली और बालसमंद के बीच एक और दुकान पर गया। वहां भी विस्फोट और माइनिंग से जुड़े हुए सामान थे। दूसरा दिन : प्याऊ की आड़ में बेच रहे विस्फोटक अगले दिन रिपोर्टर बड़ली और बाल समंद के रास्ते पर एयरबेस से 1 किमी दूर एक सार्वजनिक प्याऊ पर पहुंचा। लोगों ने यहां अवैध विस्फोटक मिलने वाली दुकान बताई थी, लेकिन रिपोर्टर पहुंचा तो कोई दुकान नहीं मिली। प्याऊ के अंदर 2 आदमी बैठे थे। पढ़िए पूरी बातचीत… (इसके बाद दुकानदार के पास बैठे आदमी ने सामान की जानकारी लेनी शुरू कर दी। सामान निकालने के लिए अंदर कमरे में चला गया) (दुकानदार ने फोन की दूसरी तरफ मौजूद आदमी को बताया कि कजनाऊ गांव से कोई आए हैं। सामान लेने के लिए। इनके पास आदमी नहीं है शायद। इसके बाद उस आदमी से रिपोर्टर की बात करवाई। तसल्ली होने के बाद दुकानदार ने फोन काट दिया।) आर्मी एरिया के पास ED से ब्लास्ट जिस समय रिपोर्टर प्याऊ पर ग्राहक बनाकर विस्फोटक बेचने वाले से बात कर रहा था, उसी दौरान प्याऊ के सामने ही एक मजदूर ने ED (इलेक्ट्रिकल डेटोनेटर) से ब्लास्ट किया। यह नजारा रिपोर्टर के कैमरे में कैद भी हो गया। जुलाई 2025 से पूरे देश में ED बैन कर दिया गया है। हैरानी की बात ये है कि जहां विस्फोट किया, वहां पास में ही एयरबेस स्टेशन व अन्य आर्मी कैम्प भी हैं। तीसरा दिन : थाने से महज 500 मीटर दूर बिक रहा अमोनियम नाइट्रेट
भास्कर टीम ब्यावर पहुंची। पड़ताल में ब्यावर से 20 किलोमीटर दूर जवाजा गांव में एक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर विस्फोट का सामान बिकने की बात सामने आई। रिपोर्ट ने जवाजा गांव पहुंचकर सोर्स से मिले 98751***** नंबर पर कॉल किया। सफेद बारूद (अमोनियम नाइट्रेट) की डिमांड की। उस आदमी ने जवाजा गांव की रोड पर ही एक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान के सामने कार में ही इंतजार करने के लिए कहा। कुछ देर बाद दुकान के अंदर से एक महिला आई और सामान ले जाने का इशारा किया। रिपोर्टर दुकान के अंदर गया तो दो महिलाओं ने अमोनियम नाइट्रेट और ब्लास्ट करने वाली ब्लास्टिंग कैप तैयार कर रखी थी। महिलाओं ने सामान तौलकर रखा और रिपोर्टर को गिनवाना शुरू कर दिया। (दुकान गांव की मुख्य सड़क पर है। यहां से महज 500 मीटर की दूरी पर जवाजा पुलिस थाना है। इसके बावजूद बेखौफ विस्फोटक बेचा जा रहा है।) 50 से 100 रुपए में मिल रहे डेटोनेटर
टीम को इन्वेस्टिगेशन के दौरान जोधपुर-ब्यावर में 50 से 100 रुपए में डेटोनेटर भी मिल गए। जवाजा में डेटोनेटर की डिमांड की तो दुकानदार ने जरूरत के हिसाब से उपलब्ध करा दिया। डेटोनेटर विस्फोट करने में काम आता है। इसे ब्लास्टिंग कैप कहते हैं। साधारण भाषा में समझें तो पटाखे को सुलगाने के लिए आगे लगी हुई बत्ती जैसा। डेटोनेटर दो तरह के होते हैं। साधारण ब्लास्टिंग वाले और इलेक्ट्रिक डेटोनेटर। भारत में इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जुलाई 2025 से बैन कर दिया गया है। पुलिस को पता ही नहीं, इलाके में बिक रहा विस्फोटक
भास्कर ने जोधपुर के जिन इलाकों में इन्वेस्टिगेशन किया, वहां के थानाधिकारियों से बात कर उनका पक्ष भी जाना। मंडोर थानाधिकारी किशनलाल विश्नोई ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में किसी भी तरह की विस्फोटक बेचने वाली मैग्जीन (भंडार) नहीं है। किसी को अमोनियम नाइट्रेट बेचने की भी अनुमति नहीं है। सूरसागर थानाधिकारी हरीश सोलंकी ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में किसी ने भी अमोनियम नाइट्रेट बेचने की अनुमति नहीं ले रखी है। हालांकि क्षेत्र में कुछ मैग्जीन हैं। उसकी संख्या फाइल देखकर बतानी पड़ेगी।