दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए ब्लास्ट की जांच अब नूंह पर केंद्रित हो रही है। नूंह के अब तक 5 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं। इनमें 3 डॉक्टर हैं। तीनों का फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से नाता है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी की मस्जिद में इमाम नूंह के गांव सिंगार का रहने वाला है। वहीं, आतंकी मॉड्यूल में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल को अमोनियम नाइट्रेट बेचने वाला खाद-बीज विक्रेता भी नूंह का है। NIA और फरीदाबाद क्राइम ब्रांच लगातार नूंह के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। 2 डॉक्टर गुरुवार देर रात हिरासत में लिए गए थे, वहीं एक डॉक्टर कुछ दिन पहले तावड़ू के एक निजी अस्पताल से पकड़ा गया। हिरासत में लिया गया डॉ. मुस्तकीम ब्लास्ट वाले दिन यानी 10 नवंबर को दिल्ली में ही था। परिजन का कहना है कि वह 9 नवंबर को दिल्ली एम्स में इंटरव्यू देने गया था और 11 नवंबर को लौट आया था। तावडृू के प्राइवेट क्लिनिक से डॉक्टर रिहान को उठाया
जांच एजेंसियों ने सबसे पहले नूंह शहर के रहने वाले डॉक्टर रिहान को हिरासत में लिया, जो तावड़ू में एक निजी क्लीनिक में कार्यरत था। बताया जा रहा कि रिहान ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से हाल ही में MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। शक है कि वह आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में था। इसके साथ ही गुरुवार देर रात दो और डॉक्टरों को जांच एजेंसियां उठाकर लेकर गईं। मुस्तकीम ने चीन से MBBS की, अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इंटर्नशिप
12 नवंबर की रात लगभग 8 बजे फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम और एनआईए ने नूंह जिले के पुन्हाना खंड के सुनहेड़ा गांव में रहने वाले डॉ. मुस्तकीम के घर पर छापा मारा और उसे अपने साथ ले गए। मुस्तकीम के चाचा परमाल ने बताया कि डॉ. मुस्तकीम ने चीन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एक साल की इंटर्नशिप की थी। उनकी इंटर्नशिप 2 नवंबर, 2025 को ही खत्म हुई थी। 9 नवंबर को मुस्तकीम दिल्ली के एम्स में एमडी का टेस्ट देने गया था और वहीं रुक गया था। वह 11 नवंबर को घर लौटा था। परिजन बोले- डॉक्टर उमर से बीमारी को लेकर चर्चा करता था
परिजन ने यह भी बताया कि ब्लास्ट के बाद 12 नवंबर को दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसी से जुड़े दो अधिकारी सुनहेड़ा गांव में उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टर मुस्तकीम से काफी देर तक आमने-सामने बैठकर बातचीत की, लेकिन उस समय उसे हिरासत में नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि उसी कॉल डिटेल, बातचीत और चैट के आधार पर जांच टीमें मुस्तकीम को हिरासत में लेकर गईं। परिवार के एक-दो सदस्यों को भी सीआईए नूंह और फरीदाबाद सीआईए की टीम लेकर गई थी। हालांकि, नूंह पहुंचने के बाद परिजन को वापस घर भेज दिया गया। उसके बाद से परिवार के लोगों का डॉक्टर मुस्तकीम से कोई संपर्क नहीं हो पाया। मोहम्मद ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से की थी MBBS
जांच एजेंसियों ने फिरोजपुर झिरका के गांव अहमदबास के रहने वाले डॉ. मोहम्मद को हिरासत में लिया। मोहम्मद ने एमबीबीएस अल फलाह यूनिवर्सिटी से ही की है। करीब 3 महीने पहले ही मोहम्मद ने यूनिवर्सिटी से 6 महीने की इंटर्नशिप पूरी की थी और वह नौकरी की तलाश में था। मोहम्मद के पड़ोसी बताते हैं कि MBBS की डिग्री लेने में उसके परिवार ने करीब 1 करोड़ रुपए खर्च किए थे। जिसमें परिवार के लोगों ने अपना खेत तक बेच दिया था। अल फलाह यूनिवर्सिटी में ही मोहम्मद के आतंकी उमर से नजदीकी संबंध और जान-पहचान होने की जानकारी सामने आई है। डॉ. मोहम्मद को 15 को यूनिवर्सिटी में करना था जॉइन
डॉक्टर मोहम्मद के परिजन ने बताया कि वह 15 नवंबर को अल फलाह यूनिवर्सिटी में ड्यूटी जॉइन करने वाला था, लेकिन उससे पहले दिल्ली में ब्लास्ट हो गया। जिसके तार नूंह से जुड़ गए। जांच एजेंसियों को मोहम्मद को फोन से आतंकियों से बातचीत के सबूत मिले हैं। मोहम्मद के अलावा घर के सभी सदस्यों के फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। हालांकि इस मामले में उनके घर पर कैमरे के सामने कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। घर पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। ब्लास्ट वाले दिन फिरोजपुर झिरका में दिखी डॉ. उमर नबी की कार
सूत्रों के मुताबिक ब्लास्ट वाले दिन आतंकी डॉक्टर उमर नबी फिरोजपुर झिरका से ही दिल्ली के लिए गया था। डॉ. मोहम्मद का गांव अहमदबास भी फिरोजपुर झिरका से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर है। उमर की कार आई-20 दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी में कैद हुई थी, जिसका वीडियो सामने आया है। उमर-मोहम्मद के कनेक्शन को देख रही टीमें
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लग रही हैं कि कहीं डॉक्टर उमर नबी ब्लास्ट वाले दिन डॉक्टर मोहम्मद से तो नहीं मिला है। यह अभी जांच का विषय है। इसके साथ ही हिरासत में लिए गए सभी लोगों से दिल्ली ब्लास्ट के सिलसिले में गहन पूछताछ की जा रही है। NIA और अन्य केंद्रीय एजेंसियां क्षेत्र में लगातार छापेमारी कर रही हैं। मामले में अभी और गिरफ्तारियां होने की आशंका जताई जा रही है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें :- फरीदाबाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के इमाम की बीवी सामने आई, बोली- दोस्त का सामान रखने की कह मुजम्मिल ने कमरा लिया दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद हिरासत में लिए गए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक की पत्नी हसीना पहली बार कैमरे के सामने आई। हसीना ने कहा- “डॉ. मुजम्मिल ने पहले उसके पति से मस्जिद में पहचान बनाई और फिर उनसे दूध खरीदना शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए ब्लास्ट की जांच अब नूंह पर केंद्रित हो रही है। नूंह के अब तक 5 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं। इनमें 3 डॉक्टर हैं। तीनों का फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से नाता है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी की मस्जिद में इमाम नूंह के गांव सिंगार का रहने वाला है। वहीं, आतंकी मॉड्यूल में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल को अमोनियम नाइट्रेट बेचने वाला खाद-बीज विक्रेता भी नूंह का है। NIA और फरीदाबाद क्राइम ब्रांच लगातार नूंह के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। 2 डॉक्टर गुरुवार देर रात हिरासत में लिए गए थे, वहीं एक डॉक्टर कुछ दिन पहले तावड़ू के एक निजी अस्पताल से पकड़ा गया। हिरासत में लिया गया डॉ. मुस्तकीम ब्लास्ट वाले दिन यानी 10 नवंबर को दिल्ली में ही था। परिजन का कहना है कि वह 9 नवंबर को दिल्ली एम्स में इंटरव्यू देने गया था और 11 नवंबर को लौट आया था। तावडृू के प्राइवेट क्लिनिक से डॉक्टर रिहान को उठाया
जांच एजेंसियों ने सबसे पहले नूंह शहर के रहने वाले डॉक्टर रिहान को हिरासत में लिया, जो तावड़ू में एक निजी क्लीनिक में कार्यरत था। बताया जा रहा कि रिहान ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से हाल ही में MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। शक है कि वह आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में था। इसके साथ ही गुरुवार देर रात दो और डॉक्टरों को जांच एजेंसियां उठाकर लेकर गईं। मुस्तकीम ने चीन से MBBS की, अल-फलाह यूनिवर्सिटी से इंटर्नशिप
12 नवंबर की रात लगभग 8 बजे फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम और एनआईए ने नूंह जिले के पुन्हाना खंड के सुनहेड़ा गांव में रहने वाले डॉ. मुस्तकीम के घर पर छापा मारा और उसे अपने साथ ले गए। मुस्तकीम के चाचा परमाल ने बताया कि डॉ. मुस्तकीम ने चीन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एक साल की इंटर्नशिप की थी। उनकी इंटर्नशिप 2 नवंबर, 2025 को ही खत्म हुई थी। 9 नवंबर को मुस्तकीम दिल्ली के एम्स में एमडी का टेस्ट देने गया था और वहीं रुक गया था। वह 11 नवंबर को घर लौटा था। परिजन बोले- डॉक्टर उमर से बीमारी को लेकर चर्चा करता था
परिजन ने यह भी बताया कि ब्लास्ट के बाद 12 नवंबर को दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसी से जुड़े दो अधिकारी सुनहेड़ा गांव में उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टर मुस्तकीम से काफी देर तक आमने-सामने बैठकर बातचीत की, लेकिन उस समय उसे हिरासत में नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि उसी कॉल डिटेल, बातचीत और चैट के आधार पर जांच टीमें मुस्तकीम को हिरासत में लेकर गईं। परिवार के एक-दो सदस्यों को भी सीआईए नूंह और फरीदाबाद सीआईए की टीम लेकर गई थी। हालांकि, नूंह पहुंचने के बाद परिजन को वापस घर भेज दिया गया। उसके बाद से परिवार के लोगों का डॉक्टर मुस्तकीम से कोई संपर्क नहीं हो पाया। मोहम्मद ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से की थी MBBS
जांच एजेंसियों ने फिरोजपुर झिरका के गांव अहमदबास के रहने वाले डॉ. मोहम्मद को हिरासत में लिया। मोहम्मद ने एमबीबीएस अल फलाह यूनिवर्सिटी से ही की है। करीब 3 महीने पहले ही मोहम्मद ने यूनिवर्सिटी से 6 महीने की इंटर्नशिप पूरी की थी और वह नौकरी की तलाश में था। मोहम्मद के पड़ोसी बताते हैं कि MBBS की डिग्री लेने में उसके परिवार ने करीब 1 करोड़ रुपए खर्च किए थे। जिसमें परिवार के लोगों ने अपना खेत तक बेच दिया था। अल फलाह यूनिवर्सिटी में ही मोहम्मद के आतंकी उमर से नजदीकी संबंध और जान-पहचान होने की जानकारी सामने आई है। डॉ. मोहम्मद को 15 को यूनिवर्सिटी में करना था जॉइन
डॉक्टर मोहम्मद के परिजन ने बताया कि वह 15 नवंबर को अल फलाह यूनिवर्सिटी में ड्यूटी जॉइन करने वाला था, लेकिन उससे पहले दिल्ली में ब्लास्ट हो गया। जिसके तार नूंह से जुड़ गए। जांच एजेंसियों को मोहम्मद को फोन से आतंकियों से बातचीत के सबूत मिले हैं। मोहम्मद के अलावा घर के सभी सदस्यों के फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। हालांकि इस मामले में उनके घर पर कैमरे के सामने कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। घर पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। ब्लास्ट वाले दिन फिरोजपुर झिरका में दिखी डॉ. उमर नबी की कार
सूत्रों के मुताबिक ब्लास्ट वाले दिन आतंकी डॉक्टर उमर नबी फिरोजपुर झिरका से ही दिल्ली के लिए गया था। डॉ. मोहम्मद का गांव अहमदबास भी फिरोजपुर झिरका से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर है। उमर की कार आई-20 दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी में कैद हुई थी, जिसका वीडियो सामने आया है। उमर-मोहम्मद के कनेक्शन को देख रही टीमें
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लग रही हैं कि कहीं डॉक्टर उमर नबी ब्लास्ट वाले दिन डॉक्टर मोहम्मद से तो नहीं मिला है। यह अभी जांच का विषय है। इसके साथ ही हिरासत में लिए गए सभी लोगों से दिल्ली ब्लास्ट के सिलसिले में गहन पूछताछ की जा रही है। NIA और अन्य केंद्रीय एजेंसियां क्षेत्र में लगातार छापेमारी कर रही हैं। मामले में अभी और गिरफ्तारियां होने की आशंका जताई जा रही है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें :- फरीदाबाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के इमाम की बीवी सामने आई, बोली- दोस्त का सामान रखने की कह मुजम्मिल ने कमरा लिया दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद हिरासत में लिए गए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक की पत्नी हसीना पहली बार कैमरे के सामने आई। हसीना ने कहा- “डॉ. मुजम्मिल ने पहले उसके पति से मस्जिद में पहचान बनाई और फिर उनसे दूध खरीदना शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…