देहरादून में तीन दिवसीय देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल (DDLF) का सातवां संस्करण शुक्रवार से शुरू हुआ, जहां उद्घाटन सत्र में देश के पूर्व चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने ‘We the Students of India’ थीम पर छात्रों से सीधा संवाद करते हुए बताया कि आज के दौर में जब शॉर्ट वीडियो और त्वरित कंटेंट का चलन बढ़ गया है, ऐसे में साहित्यिक आयोजन युवाओं की सोच और संवाद को मजबूती देने वाले सबसे जरूरी मंच साबित होते हैं। संवाद के दौरान चंद्रचूड़ ने नेतृत्व, असफलता, और तकनीक अपनाने जैसे विषयों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि नेतृत्व स्थायी नहीं होता, स्थायी होता है केवल वह असर जो आप समाज पर छोड़ते हैं। एक सच्चा नेता वही है जो पद की शक्ति से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और फैसलों से दूसरों के लिए रास्ता बनाता है। पूर्व सीजेआई ने यह भी बताया कि देश के सबसे व्यस्त पद पर रहते हुए भी वे रोज पढ़ने और संगीत सुनने के लिए समय निकालते हैं। उनका मानना है कि व्यस्त जीवन में भी पढ़ना और संगीत व्यक्ति को संतुलित और संवेदनशील बनाते हैं। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS देखें… सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की 5 बड़ी बातें फेस्टिवल में कौन-कौन पहुंचेगा? DDLF में तीन दिन तक साहित्य, कला, संगीत, सिनेमा और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। छात्रों को सीधे सेलेब्रिटीज और विशेषज्ञों से बातचीत करने का मौका मिलेगा, जो फेस्टिवल को और खास बनाता है। फेस्टिवल में नंदिता दास, शेफाली शाह, शोभा डे, आदिल हुसैन, जया किशोरी, विशाल, हरपाल सिंह, रेखा भारद्वाज और उषा उत्थप जैसे नाम मौजूद रहेंगे। ये सभी अलग-अलग विषयों पर बातचीत करेंगे। इसके साथ ही फेस्टिवल के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल भी होंगे। वे युवाओं से संवाद करेंगे और राज्य में साहित्य व कला के बढ़ते दायरे पर बात करेंगे।
देहरादून में तीन दिवसीय देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल (DDLF) का सातवां संस्करण शुक्रवार से शुरू हुआ, जहां उद्घाटन सत्र में देश के पूर्व चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने ‘We the Students of India’ थीम पर छात्रों से सीधा संवाद करते हुए बताया कि आज के दौर में जब शॉर्ट वीडियो और त्वरित कंटेंट का चलन बढ़ गया है, ऐसे में साहित्यिक आयोजन युवाओं की सोच और संवाद को मजबूती देने वाले सबसे जरूरी मंच साबित होते हैं। संवाद के दौरान चंद्रचूड़ ने नेतृत्व, असफलता, और तकनीक अपनाने जैसे विषयों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि नेतृत्व स्थायी नहीं होता, स्थायी होता है केवल वह असर जो आप समाज पर छोड़ते हैं। एक सच्चा नेता वही है जो पद की शक्ति से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और फैसलों से दूसरों के लिए रास्ता बनाता है। पूर्व सीजेआई ने यह भी बताया कि देश के सबसे व्यस्त पद पर रहते हुए भी वे रोज पढ़ने और संगीत सुनने के लिए समय निकालते हैं। उनका मानना है कि व्यस्त जीवन में भी पढ़ना और संगीत व्यक्ति को संतुलित और संवेदनशील बनाते हैं। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS देखें… सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की 5 बड़ी बातें फेस्टिवल में कौन-कौन पहुंचेगा? DDLF में तीन दिन तक साहित्य, कला, संगीत, सिनेमा और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। छात्रों को सीधे सेलेब्रिटीज और विशेषज्ञों से बातचीत करने का मौका मिलेगा, जो फेस्टिवल को और खास बनाता है। फेस्टिवल में नंदिता दास, शेफाली शाह, शोभा डे, आदिल हुसैन, जया किशोरी, विशाल, हरपाल सिंह, रेखा भारद्वाज और उषा उत्थप जैसे नाम मौजूद रहेंगे। ये सभी अलग-अलग विषयों पर बातचीत करेंगे। इसके साथ ही फेस्टिवल के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल भी होंगे। वे युवाओं से संवाद करेंगे और राज्य में साहित्य व कला के बढ़ते दायरे पर बात करेंगे।