
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहुत बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है और लगातार इस पर हैरतअंगेज खुलासे हो रहे हैं. इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जो लखनऊ के लाल बाग की रहने वाली है. गिरफ्तार महिला का नाम डॉक्टर शाहीन शाहिद है. इसी महिला डॉक्टर की कार डॉक्टर मुजामिल इस्तेमाल करता था.
इसी महिला डॉक्टर की कार से राइफल और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. इसके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस की टीम अल फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची. डॉ मुजम्मिल इसी यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर काम करता था.
वहीं हरियाणा की सीआईए की टीम मद्रासी लॉज पहुंची, जहां उसने आसपास के लोगों से पूछताछ की. जब जी न्यूज ने लोगों से बात की तो पता चला वो लोग यहां सिर्फ सामान रखने आया था. रहने के लिए कोई डॉक्टर यहां नहीं आता था. इस लॉज में दिहाड़ी मजदूर रहते थे.
यह नेटवर्क आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़ा हुआ था. पुलिस ने इस कार्रवाई में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 2,900 किलो विस्फोटक, हथियारों का जखीरा और कई आपत्तिजनक चीजें बरामद की हैं.
महिला डॉक्टर को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, मौलवी इरफान अहमद, जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब और डॉ. अदील को पकड़ा था.
पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की. इनमें एक चाइनीज पिस्टल और कारतूस, एक बेरेटा पिस्तौल और कारतूस, एक एके-56 और कारतूस, एक एके क्रिंकॉफ राइफल और कारतूस और 2,900 किलो आईईडी मटेरियल (जिसमें विस्फोटक, रसायन, बैटरी, टाइमर, वायर, रिमोट कंट्रोल और मेटल शीट्स) शामिल हैं.
पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था और एनक्रिप्टेड चैनलों के जरिए फंडिंग, भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट का काम किया जा रहा था.
आतंकियों ने सोशल मीडिया और एजुकेशनल नेटवर्क्स के जरिए फंड जुटाने की साजिश रची थी, ताकि शक न हो. यह पूरा नेटवर्क ‘व्हाइट कॉलर टेरर इकोसिस्टम’ के रूप में काम कर रहा था, जिसमें कुछ पेशेवर और छात्र भी शामिल थे.
इस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा तब हुआ जब 19 अक्टूबर को नौगाम, श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टर लगाए गए थे.
इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें यूएपीए एक्ट, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और आर्म्स एक्ट की कई धाराएं लगाई गईं. जांच के दौरान पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल और शोपियां के साथ-साथ फरीदाबाद (हरियाणा) और सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में भी छापेमारी की. पुलिस के अनुसार, फंडिंग की जांच जारी है और सभी संपर्कों को ट्रेस किया जा रहा है.